सूफी जिया-उद-दीन बुखारी की याद में उनकी कब्र को यहीं बनावाया गया था। कहा जाता है कि एक बार एक अंधी लड़की ने इस कब्र को छुआ और उसकी दृष्टि वापस आ गई।
सूफी जिया-उद-दीन बुखारी की याद में उनकी कब्र को यहीं बनावाया गया था। कहा जाता है कि एक बार एक अंधी लड़की ने इस कब्र को छुआ और उसकी दृष्टि वापस आ गई।