चिपलुन भारत के महाराष्ट्र राज्य के रत्नागिरी जिला में स्थित एक पर्यटान स्थल है। एक पिकनिक स्थान के रुप में चिपलुन के जन्म की कहानी बड़ी ही रोचक है।पिछले कुछ सालों से चिपलून ने अपने को मिनी पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया है। जो भी पर्यटक मुंबई से गोवा जाते हैं वो यहां जरूर आते हैं। पुणे और कोल्हापुर से भी चिपलून बड़ी ही आसानी से पहुंचा जा सकता है।
उत्तर - दक्षिण चलाने राजमार्ग पर बसा चिपलुन पूर्व और पश्चिम में अरब सागर के पश्चिमी घाट के बीच स्थित है। समुंद्र तट के पास होने के कारण यहां पर साल भर मौसम गर्म और ठंडा दोनों रहता है। वाशिष्टि नदी के किनारे बसा होने के कारण यहां आने वाले पर्यटक ट्रेकिंग और नौका विहार दोनों का आनंद ले सकते हैं।
चिपलुन - गति और समुद्र तट
पड़ोसी महानगरों से आने वाले ज्यादातर टूरिस्ट यहां की तेजरफ्तार जिंदगी से बहुत ज्यादा प्रभावित होते हैं। चिपलुन उतना भी स्लो नहीं है जितना इसे समझा जाता है। यहां आकर व्यक्ति उम्दा क्षण बिता सकता है। यहां का स्थानीय खाना और गणपति पुले, कर्णेश्वर मंदिर और समुंद्र तट जैसे आकर्षण इस जगह को और भी आकर्षक बनाते हैं।
80 % साक्षरता दर होने के कारण यहां के स्थानीय निवासियों का स्वभाव बड़ा ही मैत्रीपूर्ण हैं। यहां के लोग किसी भी माहौल में जल्दी ढलने वाले हैं उन्हें इस बात की बिलकुल भी परवाह नहीं है की देश के किस कोने से आप ताल्लुख रहते हैं इनकी मेहमान नवाजी आपका दिल जीत लेगी। यहां के लोग आने वाले पर्यटकों का स्वभाव अच्छे से समझते हैं जिस कारण यहां आने वाले टूरिस्ट को लगता है की वो अपने ही घर में हैं।
चिपलुन में किले
भगवान परशुराम का जन्मस्थल होने के कारण इस जगह का नाम चिपलुन पड़ा है जहाँ कई प्रमुख मंदिर भी आने वाले पर्यटक को दिख जाएँगे। चिपलुन में गोवालकोट नाम का किला भी है जिसका निर्माण छत्रपति शिवाजी ने 1670 में कराया था। प्रायः इस किले में फोटोग्राफरों को इस किले की फोटो लेते देखा जा सकता है। चिपलुन महत्वपूर्ण पर्यटन मूल्यों की पेशकश करता है जिस कारण सप्ताहांत के दौरान ढेर सारे पर्यटकों को यहां देखा जा सकता है।



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