चुराचांदपुर देशज कला और हस्तशिल्प के लिए प्रसिद्ध है। क्योंकि पूर्वोत्तर के ज्यादातर जनजातीय समुदाय की तरह ही चुराचांदपुर में रहने वाली जनजातियों को भी हस्तशिल्प और बांस की कारीगरी व फेब्रिक उत्पादन जैसी देशज कलाओं में महारत हासिल है। अगर आप इस शहर में घूमने जा रहे हैं तो यहां के बाजार में बिकने वाली रंगबिरंगी जनजातीय शिल्पकृति अवश्य खरीदें।
न्यू बाजार और ओल्ड बाजार से आप बांस और बेंत से बने सामान खरीद सकते हैं। ओल्ड बाजार को जेनहांग बाजार के नाम से भी जाना जाता है। जनजातीय शॉल यहां बिकने वाला एक महत्वपूर्ण उत्पाद है, जो कि अपनी गुणवत्ता और टिकाऊपन की वजह से प्रसिद्ध है।
चुराचांदपुर में एक हस्तशिल्प बाजार भी है जहां हाथों से निर्मित उत्पाद की विशाल श्रृंखला देखने को मिलती है। इस हस्तशिल्प बाजार की खासियत यह है कि यहां के सभी उत्पाद स्थानीय लोगों द्वारा बनाए जाते हैं। सोवेनियर खरीदने के लिए यह बाजार एक आदर्श जगह हो सकता है।



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