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होम » स्थल » जयंतिया हिल्स » आकर्षण
  • 01तिरशी फॉल

    तिरशी फॉल

    तिरशी फॉल मेघालय का एक ऐसी पर्यटन संपदा है, जिसके बारे में लोग काफी कम जानते हैं। यह जोवाई-शिलांग रोड के पास ही स्थित है। इस खूबसूरत झरने से पानी काफी तेजी के साथ गिरता है, जिससे ऐसा लगता है कि मानो बहुत विशाल सफेद पर्दा लगा दिया गया हो।

    यह झरना करीब 2000...

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  • 02सिंतु कसियर

    सिंतु कसियर

    जयंतिया भाषा में सिंतु कसियर का अर्थ होता है- सुनहरा फूल। यही वह स्थान है जहां से स्वतंत्रता सेनानी कियांग नोंगबाह ने अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष की शुरुआत की थी। यह जगह मिंतदु नदी के किनारे पर स्थित है। आज के समय में स्थानीय लोगों में सिंतु कसियर एक पिकनिक स्थल के...

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  • 03कियांग नोंगबाह स्मारक

    कियांग नोंगबाह स्मारक

    कियांग नोंगबाह स्मारक का निर्माण यू कियांग नोंगबाह नामक देशभक्त की स्मृति में किया गया था। जयंतिया को ब्रिटिश शासन से स्वतंत्र कराने के लिए हुए संघर्ष में उन्होंने अपने प्राण न्यौछावर कर दिए थे। इस ऐतिहासिक स्मारक का निर्माण एक विशाल मैदान,जिसे मादियाह कमाई बलाई...

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  • 04इवमूसियांग

    इवमूसियांग

    इवमूसियांग को पवित्र पत्थरों के स्थान के रूप में भी जाना जाता है। साथ ही यहां जयंतिया हिल्स का सबसे बड़ा बाजार भी लगता है। बाजार के बीच में एक पवित्र पत्थर है, जिसके आधार पर इस स्थान का नामकरण हुआ है। स्थानीय त्यौहार बेहदीनखलम के दौरान लोग इस पत्थर के चारों को...

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  • 05रूपारसोर स्नान घाट

    रूपारसोर स्नान घाट

    पर्यटन के रूप में रूपारसोर स्नान घाट की ज्यादा प्रसिद्धि नहीं है। जोवाई में यह जोवाई-मुक्तापुर रोड पर स्थित है। यह घाट दावकी से सिर्फ 8 किमी दूर है। यह स्नान घाट ग्रेनाइट से घिरा हुआ है। ऐसा माना जाता है कि इसे तत्कालीन जयंतिया राजा के आदेश पर दो संगतराश यू लुह...

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  • 06थलुमुवी पत्थर का पुल

    थलुमुवी पत्थर का पुल

    थलुमुवी पत्थर का पुल का निर्माण जयंतिया राजा के आदेश के अनुसार यू मार फलिंगकी और यू लुह लिंगसकोर लामारे द्वारा किया गया था। जयंतिया राजा ने अपनी ग्रीष्मकालीन राजधानी को सुतंगा से नारतियांग स्थानांतरित कर दिया। इसलिए ग्रीष्मकालीन राजधानी नारतियांग और नियमित राजधानी...

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  • 07उमलावन गुफा

    उमलावन गुफा

    उमलावन गुफा जोवाई से 60 किमी पूर्व की दिशा में लुमशनोंग गांव में स्थित है। ऐडवेंचर को पसंद करने वाले पर्यटकों के बीच यह जगह काफी चर्चित है। यह गुफा काफी समय तक लोगों की जानकारी में नहीं थी। हाल ही में इसके बारे में पता चला है। एक सव्रे से पता चलता है कि यह पूरे...

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  • 08इअलोंग पार्क

    इअलोंग पार्क

    इअलोंग पार्क जोवाई से 8 किमी दूर है। इस पार्क में बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। हालांकि पार्क की कई खासियतें विहंगम पिंथोवा घाटी के कारण नजरअंदाज हो जाती हैं।

    जिला प्रशासन द्वारा स्पेशल डीआरडीए टूरिज्म प्रोजेक्ट के जरिए इस पार्क का नियमित रूप से नवीनीकरण...

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  • 09उमहांग झील

    उमहांग झील

    उमहांग झील मेघालय के जयंतिया हिल्स जिले के वताव (बतोव) में है। अपने आस-पास के वातावरण में घुल मिलकर उमहांग झील बेहद खूबसूरत दिखाई देता है। साथ ही यह चारों तरफ से घने जंगलों से घिरा हुआ है।

    इतिहास की माने तो यू सजार नंगली और उनके अनुयायी एक बार उस स्थान पर...

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  • 10नारतियांग

    नारतियांग

    कभी नारतियांग जयंतिया राजाओं की राजधानी हुआ करता था। आज यहां पूरे विश्व से पर्यटक व श्रद्धालु यहां की प्राचीन संस्कृति और धर्म को करीब से देखने के लिए आते हैं।

    नारतियांग में स्थित दुर्गा मंदिर जयंतिया साम्राज्य में हिंदू धर्म की उपस्थिति को सुनिश्चित करता...

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  • 11करंग सुरी फॉल

    करंग सुरी फॉल

    करंग सुरी फॉल जोवाई के सिविल सब-डिवीजन अमलारेम में स्थित है। यूं तो इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में झरने पाए जाते हैं, पर इन सब के बीच करंग सुरी फॉल सबसे खूबसूरत है। बड़े-बड़े चट्टानों और हरियाली से घिरा यह झरना किसी भी इंसान को रोमांटिक बनाने के लिए काफी है। यह...

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  • 12बोरघाट मंदिर

    बोरघाट मंदिर

    बोरघाट मंदिर जयंतिया हिल्स के बोरघाट गांव में स्थित है। यह मंदिर बांग्लादेश सीमा से काफी करीब है। 1880 तक यह अपने संपूर्ण स्वरूप में था। 1897 में आए भूकंप के बाद से यह जीर्ण-शीर्ण अवस्था में आ गया है। हालांकि इसके बाद भी यहां श्रद्धालुओं का आना कम नहीं हुआ।

    ...
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  • 13खिम मू स्नियांग

    खिम मू स्नियांग

    खिम मू स्नियांग जयंतिया हिल्स जिले का एक चर्चित पर्यटन स्थल है। स्थानीय भाषा में मू का अर्थ होता है- पत्थर और स्नियांग का अर्थ होता है- सूअर। यहां एक सूअर के आकार का चट्टान होने के कारण इसका नाम खिम मू स्नियांग पड़ा है। जयंतिया समुदाय के लोग इस पत्थर की पूजा करते...

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  • 14यू लुम सुनाराजा

    यू लुम सुनाराजा

    यू लुम सुनाराजा जयंतिया हिल्स में उमकियांग गांव के पास है। शिलांग से सड़क मार्ग से यहां पहुंचने में 3 घंटे 12 मिनट का समय लगता है। यू लुम सुनाराजा पहाड़ियों की हरयाली देखते ही बनती है। साथ ही इस हरियाली के बीच से एक घुमावदार झील भी है।

    यहां के स्थानीय...

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  • 15दावकी

    भारत-बांग्लादेश सीमा पर स्थित दावकी जयंतिया हिल्स का एक छोटा सा कस्बा है। इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से कोयले को भारत से बांग्लादेश पहुंचाने के लिए किया जाता है। पीक सीजन के दौरान हर दिन करीब 500 से ज्यादा कोयले से भरे ट्रक सीमा पार जाते हैं।

    दावकी जाने के...

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