रांची पर्यटन- झरनों का शहर
झारखंड की राजधानी रांची को झरनों का शहर भी कहा जाता है। छोटा नागपुर पठार के दक्षिणी छोर पर बसा रांची झारखंड का दूसरा सबसे ज्यादा आबादी वाला शहर है। समुद्र तल से 2140 फीट की......
ढेंकानाल - सूर्य की रोशनी से सराबोर हेमलेट
ढेंकानाल, राज्य की राजधानी भुवनेश्वर से 99 किमी. की दूरी पर स्थित है। यह एक सुंदर जगह है जो प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है। ढेंकानाल का हेमलेट, सूर्य की रोशनी से सराबोर......
भुवनेश्वर पर्यटन - मंदिरों से भरा एक शहर
भारत के पूर्वी हिस्से में बसा भुवनेश्वर ओडिशा की राजधानी है। यह शहर महानदी के किनारे पर स्थित है और यहां कलिंगा के समय की कई भव्य इमारतें हैं। यह प्रचीन शहर अपने दामन में 3000......
चांदीपुर- जहाँ सागर अदृश्य हो जाता है।
चांदीपुर एक बीच रिसोर्ट है जो उड़ीसा के बालेश्वरजिले में स्थित है। यह बालेश्वर रेलवे स्टेशन से 16 किमी की दूरी पर स्थित है, और यहाँ का समुद्र अपनी तरह का एकलौता समुद्र है। आप......
पारादीप – पोर्ट टाउन
पारादीप, उड़ीसा के जगतासिंहपुर जिले का एक तेजी से विकसित होने वाला औद्योगिक क्षेत्र है। पारादीप, भुवनेश्वर हवाई अड्डे से 125 किलोमीटर और कटक रेलवे स्टेशन से लगभग 95 किमी की दूरी......
क्योंझर - बहुतायत की भूमि
क्योंझर, उड़ीसा के उत्तरी किनारे पर स्थित एक सुंदर जगह है। यह राज्य के सबसे बड़े जिलों में से एक है और यह एक नगरपालिका भी है। इस जिले के उत्तर में झारखंड,......
जमशेदपुर पर्यटन- भारत का औद्योगिक शहर
जमशेदपुर की स्थापना स्वर्गीय जमशेदजी नुस्सेरवांजी टाटा ने की और इसे भारत का औद्योगिक शहर भी कहते हैं। या झारखंड राज्य का सबसे मशहूर शहर है और इसे टाटानगर या स्टील सिटी भी कहते......
कटक : एक ऐतिहासिक शहर
कटक, उड़ीसा की वर्तमान राजधानी भुवनेश्वर से 28 किमी. की दूरी पर स्थित है, जो पहले उड़ीसा की मूल राजधानी हुआ करती थी। इसे उड़ीसा की सांस्कृतिक और वाणिज्यिक राजधानी के......
राउरकेला -एक स्टील सिटी
प्राकृतिक परिवेश, पहाड़ों और नदियों से घिरा राउरकेला एक भव्य शहर है। यह खूबसूरत शहर जनजातीय गढ़ सुंदरगढ़ जिले का हिस्सा है। राज्य की राजधानी भुवनेश्वर से 325 किमी दूर स्थित......