जान सुलेवान मेमोरियल, कोटागिरी शहर के केंद्र से 2 किलोमीटर केनेरीमुक्कु स्थान पर स्थित है। जान सुलेवान ऊटी में बसने वाला पहला अंग्रेज सिविल सर्वेंट था। आज नीलगिरी जैसा है, यह उसी की वजह से है। अपने जीवन काल में वह नेटिवों के पक्ष में किये गये प्रयासों के लिए प्रसिद्ध था, तथा उसे उनके मध्य सम्मान भी हासिल था।
उसी की वजह से नीलगिरी में बड़े पैमाने पर चाय की खेती शुरू हुई। उसका जन्म सन 1788 में तथा मृत्यु सन 1855 में हुई।जान सुलेवान मेमोरियल वहीं बना दिया गया जहां वह रहता था। यह पेथाकल बंगला के नाम से प्रसिद्ध है। यह अब नीलगिरी डाक्यूमेंटेशन सेंटर होने के साथ-साथ नीलगिरी संग्रहालय भी है।
मेमोरियल पूरे वर्ष सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक खुला रहता है तथा प्रवेश शुल्क के रूप में वयस्कों के लिए 10 रूपये व बच्चों के लिए 5 रूपये का टिकट रखा गया है।



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