दाजर्लिंग और सिलीगुड़ी जैसे प्रमुख शहरों के पास स्थित मालदा शहर पश्चिम बंगाल के उत्तर में स्थित है। इसे स्थानीय लोग इंग्लिश बाजार या इंग्रेज बाजार भी कहते हैं। इसके अलावा यह मैंगो सिटी के नाम से भी चर्चित है। वास्तव में मालदा उत्तरी पश्चिम बंगाल को दूसरा सबसे बड़ा शहर है। साथ ही यह पहला ऐसा शहर है जहां महिलाओं के लिए एक न्यायालय है।
मालदा महानंदा नदी के किनारे पर बसा है और इसी कारण पर्यटन के क्षेत्र में इन्होंने चर्चा हासिल की है। यहां की उष्णकटिबंधीय जलवायु पूरे देश से बड़ी संख्या में पर्यटकों को अपनी ओर खींचती है। अगर आप सिलीगुड़ी और दाजर्लिंग जैसे शहर घूमने जा रहे हैं तो यहां जरूर जाएं।
मालदा और आसपास के पर्यटन स्थल
मालदा शहर का मालदा म्यूजियम सबसे चर्चित आकर्षण है। यह शहर उत्तर दिनाजपुर, दक्षिण दिनाजपुर, मुर्शिदाबाद और तारापीठ जैसे शहरों से पास में ही है।
शहर के खानपान
शहर में कई सारे रेस्टोरेंट और भोजनालय है, जहां आप स्थानीय बंगाली व्यंजन का लुत्फ उठा सकते हैं। मालदा में एक एयरपोर्ट भी है, जिसे अब नए स्थान पर बनाने की तैयारी चल रही है। ऐसे में सिलीगुड़ी एयरपोर्ट और बागडोगरा जैसी कुछ हवाई पट्टियां मालदा को जोड़ने का काम कर रही हैं।
मालदा के मेले और उत्सव
दुर्गा पूजा, काली पूजा, ईद और क्रिसमस सहित कई त्योहार यहां मनाए जाते हैं। त्योहार के समय मालदा घूमना सबसे अच्छा रहता है, क्योंकि इस दौरान शहर नए रंग रूप में नजर आता है। भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान मालदा भारत-पाकिस्तान के बीच विवाद का विषय भी था।
कैसे पहुंचें
मालदा दो ऐतिहासिक शहर गौर और पांडुआ के बीच स्थित है। गौर प्रसिद्ध फिरोज मिनार गौर का घर है। मालदा के अंदर परिवहन के लिए आपको साइकिल रिक्शा, ऑटो रिक्शा और लोकल बसें मिल जाएंगी।



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