यह गांव मनाली का सुंदर पर्यटन स्थल है। यहां आसपास कई सोपस्टोन मंदिर और प्राकृतिक झरने हैं। यह गांव मनाली से 6 किमी. की दूरी पर स्थित है जो रावी नदी के तट पर स्थित है। कहा जाता है कि इन झरनों में स्नान करने से त्वचा के सारे रोग दूर हो जाते है।
पौराणिक कथाओं के अनुसार, इस प्वांइट को भगवान राम के भाई लक्ष्मण ने बनाया था जो एक गर्म सल्फर झरना है। यहां राज्य सरकार द्वारा महिलाओं और पुरूषों के लिए स्नान की अलग-अलग व्यवस्था की गई है। गांव से 10 मिनट की दूरी पर एक हॉट वाथ काम्लेक्स भी है जो शहर के केंद्र में स्थित है।
यहां के झरने के पास में ही स्थित मंदिर में काले पत्थर की ऋषि की या सफेद लवादा ओढ़े शेर की मूर्ति लगी हुई है। यह धार्मिक स्थल कालू गुरू को समर्पित है। यहां स्थित रामा मंदिर भगवान राम को समर्पित है जो वशिष्ठ गांव में बना हुआ है। कालू गुरू को हिंदू धर्म के प्रमुख देवता विष्णु जी का धरती पर 7 वां अवतार माना जाता है।
इस मंदिर में भगवान राम, माता सीता और उनके अनुज भाई लक्ष्मण की मूर्ति की स्थापना की गई थी। पौराणिक कथाओं के अनुसार, ऋषि वशिष्ठ जो हिंदू धर्म के मुख्य 7 ऋषियों में एक थे, उन्होने अपने पुत्र की विश्वामित्र ( एक हिंदू ऋषि ) द्वारा हत्या किए जाने के बाद नदी में कूद कर जान देने का प्रयास किया लेकिन पानी के बहाव मेंऋषि बहते गए और इस गांव में आकर बच गए, इसलिए इस गांव को वशिष्ठ गांव कहा जाता है।
इसके बाद ऋषि वशिष्ठ ने इस गांव में अपने जीवन की एक नई शुरूआत कर दी थी। इस घटना के बाद यहां बहने वाली व्यास नदी को विपाशा नदी के नाम से पुकारा जाने लगा था जिसका अर्थ होता है - बंधनों से मुक्त। वर्तमान में विपाशा नदी को व्यास नदी के नाम से जाना जाता है।



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