वाराणसी से 13 किमी दूर सारनाथ में स्थित चौखंडी स्तूप बौद्ध समुदाय के लिए काफी पूजनीय है। यहां गौतम बुद्ध से जुड़ी कई निशानियां हैं। ऐसा माना जाता है कि चौखंडी स्तूप का निर्माण मूलत: सीढ़ीदार मंदिर के रूप में किया गया था। बोध गया से सारनाथ जाने के क्रम में गौतम बुद्ध इसी जगह पर अपने पहले शिष्य से मिले थे। इसलिए इस जगह को श्रद्धांजलि देने के लिए मंदिर का बनवाया गया था।
बाद में इस स्तूप को वर्तमान आकार में संशोधित किया गया। मुगल बादशाह हुमायूं की यात्रा को श्रद्धांजलि देने के लिए इसमें एक आठ कोने वाला टॉवर जोड़ा गया।
अगर आप चौखंडी स्तूप घूमने जा रहे हैं, तो इसके आसपास के पर्यटन स्थल घूमना न भूलें। यहां से पास में ही अशोक स्तंभ, धमेख स्तूप, धर्माजिका स्तूप, धर्मचक्र स्तूप और मूलगंध कुटी मंदिर हैं।



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