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होम » स्थल » सारनाथ » आकर्षण
  • 01थाई मंदिर

    एक प्रमुख बौद्ध तीर्थ स्थल होने के नाते पूरे विश्व से यहां श्रद्धालू आते हैं। खासकर जापान, थाईलैंड और चीन जैसे बौद्ध धर्म प्रधान देशों से। इन देशों के अधिकांश लोगों के सारनाथ में मंदिर है। थाई मंदिर का निर्माण एक थाई समुदाय ने करवाया था।

    मंदिर की खासियत...

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  • 02सारनाथ म्यूजियम

    सारनाथ म्यूजियम

    भारत में बौद्ध धर्म के उद्भव और विकास से सारनाथ का गहरा नाता है। यहीं गौतम बुद्ध ने अपने पांच शिष्यों को पहला उपदेश दिया था। साथ ही विश्व को धर्म का सिद्धांत, चार आर्य सत्य और आर्य अष्टांग मार्ग के बारे में बताया था। बाद में सम्राट अशोक ने बौद्ध धर्म अपना लिया और...

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  • 03काग्यु तिब्बती मठ

    काग्यु तिब्बती मठ

    भगवान गौतम बुद्ध ने सारनाथ में ही लोगों को धर्म की शिक्षा देने के लिए धर्म चक्र को चलाया था और चार आर्य सत्य व आर्य अष्टांग मार्ग के बारे में बताया था। सारनाथ से ही बौद्ध धर्म पनपा और पूरी दुनिया में फैला। यहां तिब्बत, चीन, जापान और थाईलैंड जैसे देशों से ढेरों...

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  • 04डीयर पार्क

    डीयर पार्क

    बौद्ध धर्म के मानने वालों में डीयर पार्क का खास महत्व है। इसी जगह गौतम बुद्ध ने अपना पहला उपदेश दिया था। साथ ही यहीं पहले संघ की स्थापना की गई थी। पहले अरिहंत कोंडन्ना को इस स्थान पर ज्ञान की प्राप्ति हुई थी और उन्होंने बौद्ध संघ की स्थापना की। 

    अगर...

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  • 05चौखंडी स्तूप

    वाराणसी से 13 किमी दूर सारनाथ में स्थित चौखंडी स्तूप बौद्ध समुदाय के लिए काफी पूजनीय है। यहां गौतम बुद्ध से जुड़ी कई निशानियां हैं। ऐसा माना जाता है कि चौखंडी स्तूप का निर्माण मूलत: सीढ़ीदार मंदिर के रूप में किया गया था। बोध गया से सारनाथ जाने के क्रम में गौतम...

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  • 06अशोक स्तंभ

    अशोक स्तंभ

    अशोक स्तंभ दरअसल उत्तर भारत में मिलने वाले श्रृंखलाबद्ध स्तंभ हैं। जैसा कि नाम से ही साफ है, इन स्तंभों को सम्राट अशोक ने अपने शासनकाल में तीसरी शताब्दी में बनवाया था। हर स्तंभ की ऊंचाई 40 से 50 फीट है और वजन कम से कम 50 टन है। इन स्तंभों को वाराणसी के पास स्थित...

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  • 07धमेख स्तूप

    सारनाथ में स्थित यह विशाल स्तूप वाराणसी से 13 किमी दूर है। इसका निर्माण 500 ईस्वी में सम्राट अशोक द्वारा 249 ईसा पूर्व बनाए गए एक स्तूप व अन्य कई स्मारक के स्थान पर किया गया था। दरअसल सम्राट अशोक ने अपने शासनकाल में कई स्तूप बनवाए। इन स्तूपों में गौतम बुद्ध से...

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  • 08पुरातात्विक और खुदाई क्षेत्र

    पुरातात्विक और खुदाई क्षेत्र

    सारनाथ में भारतीय पुरातात्विक सर्वेक्षण (एएसआई) 1907 से खुदाई का काम कर रहा है। इस दौरान यहां बौद्ध धर्म के जन्म और विकास से जुड़ी कई चीजें मिली हैं। खुदाई के मुख्य स्थान पर कई स्मारक और ढांचे हैं।

    यहां मिले प्रचीन अवशेषों पर संकेत और प्रतीक खुदे हुए हैं।...

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  • 09मूलगंध कुटी विहार

    मूलगंध कुटी विहार सारनाथ के नष्ट हो चुके प्रचीन निर्माणों के बीच स्थित है। इसकी वास्तुशिल्पीय शैली बेहद खास है और यह अन्य मंदिरों से बिल्कुल अलग है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि यह हाल ही में बना है। 1931 में इसे महा बोधि सोसाइटी ने बनवाया था। मंदिर के अंदर बेहद...

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