नलकनाड पैलेस का निर्माण कोडगु के राजा डोडा वीरेंद्र ने 1792 से 1794 के बीच किया था। यह तडियाण्डमोल की निचली पहाड़ियों में कोडगु जिले के यवकापडी गाँव के पास स्थित है। यह शिकारगाह के रूप में निर्मित किया गया था और इसे कोडगु के अंतिम राजा चिक्का वीर राजेंद्र का सुरक्षा स्थान जाना जाता है।
यह ऐतिहासिक स्थान 'नलकू नाडु अरमाने' के नाम से भी जाना जाता है जिसका मतलब है ‘चार गावों का स्थान’। यहाँ स्थित इतिहास के विशेष महत्व वाला दो मंजिला महल फूस की छत की संरचना रखता है। महल की सभी 12 खंभे और दीवारें सुंदर नक्काशी से अलंकृत हैं।
ट्रेकर्स इस जगह को कैंपिंग के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं। नलकनाड पैलेस के देखरेख वर्तमान में पुरातत्व व संग्रहालय, कर्नाटक सरकार के निदेशालय द्वारा की जाती है। अगर समय इजाजत दे तो इस जगह की यात्रा जरूर करनी चाहिए।



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