श्रीरंगापट्नम - जहाँ इतिहास जीवंत होता है।

श्रीरंगापट्नम एक ऐतिहासिक शहर है जो आपकी कर्नाटक यात्रा को यादगार बना देता है। श्रीरंगापट्नम कावेरी नदी की दो धाराओं से घिरा एक उपद्वीप है। यह उपद्वीप मैसूर के बहुत पास लगभग 13 कि.मी. के क्षेत्र में फैला हुआ है। क्षेत्र का ऐतिहासिक महत्व -  श्रीरंगापट्नम के आस पास के पर्यटक स्थल        श्रीरंगापट्नम अपने ऐतिहासिक महत्व के कारण एक बहुत प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। इस शहर का नाम यहाँ स्थित रंगनाथस्वामी मंदिर के नाम पर रखा गया है। नौवीं शताब्दी में बने इस मंदिर को बहुत सालों तक अनेक प्रकार से सजाया गया। परिणामस्वरूप, आज यह होयसल और विजयनगर की शैलियों में वास्तुकला का एक उम्दा उदाहरण है।

टीपू सुल्तान द्वारा इस शहर की वास्तुकला में हिंदू-मुस्लिम वंशावली उपस्थित है। यह प्रभाव दरिया दौलत बाग और जामा मस्जिद जैसे स्मारकों में साफ देखा जा सकता है। श्रीरंगापट्नम में अनेक बेहद खूबसूरत दर्शनीय स्थल हैं। मौजमस्ती के लिए प्रसिद्ध अनेक स्थानों में से एक है-‘शिवानसमुद्र झरना‘ जो कि भारत का दूसरा सबसे बड़ा झरना है।

एक अन्य दर्शनीय स्थल है-‘श्रीरंगापट्नम का संगम‘, जहाँ कावेरी, काबिनी और हेमवती नदियाँ मिलती हैं।

कैसे जाएं श्रीरंगापट्नम

श्रीरंगापट्नम, बंगलोर से 127कि.मी. और मैसूर से 13कि.मी. दूर है। इस शहर का अपना रेलवे स्टेशन है और निकटतम हवाईअड्डा मैसूर में है। बंगलोर- मैसूर हाईवे के पास होने से यह उपद्वीप अच्छे सड़कमार्ग से जुड़ा है।

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