पंचलोहा उत्सवर एक ऐसा समारोह है जो भारी संख्या में पर्यटकों को तिरुमाननचेरी की ओर आकर्षित करता है। पंचलोहा का शाब्दिक अर्थ है पाँच धातु का मिश्रण जिसका प्रचलन प्राचीन काल से कलाकारों द्वारा मन्दिर की मूर्तियों के निर्माण के लिये किया जाता रहा है। जैसा कि नाम से...
जैसा कि नाम से प्रतीत होता है कि थेवरम मन्दिर प्रतिदिन भक्तों द्वारा थेवरम मन्त्रों के उपचार के लिये जाना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इन मन्त्रों को जपने या सुनने से भक्तों को दैनिक जीवन के मानसिक कष्ट और दुःख दर्द से मुक्ति मिल जाती है। यह स्थानीय लोगों में काफी...
सिवरामापुरम अग्रहारम तिरुमाननचेरी मन्दिर के निकट स्थित एक गाँव है। अग्रहारम ब्राह्मणों का एक खास गाँव है जिसका मानचित्र अन्य गाँवों से अलग है। अग्रहारम में घरों की चहारदीवारियाँ अलग नहीं करतीं हैं। सभी घर एक दूसरे से इस प्रकार सट कर बने हैं कि एक घर की दीवार बगल...
मुरुगमंगलम का पूचूति पेरूमल मन्दिर तिरुमाननचेरी के निकट स्थित है। यह वैष्ण लोगों का प्रसिद्ध पूजा स्थल है। बाकी लोगों के लिये भी यह प्रमुख तीर्थस्थान है जहाँ पर पारम्परिक अनुष्ठान और पूजा विधियाँ अपनाई जाती हैं। भगवान विष्णु ही इष्ट देव हैं जिनकी पूजा यहाँ पूचूति...
सप्तसागर तीर्थ का शाब्दिक अर्थ है सात समुद्रो का पानी और ऐसी भ्रान्ति है कि इस कुण्ड में भरा पानी सात महान समुद्रों का है। यह श्री उथवागनाथ स्वामी मन्दिर के काफी निकट है लेकिन जब आप तिरुमाननचेरी में हो तो यहाँ आसानी से पहुँच सकते हैं। यह पवित्र कुण्ड उन लोगों के...
श्री कल्याणसुन्दरेस्वरार स्वामी मन्दिर भगवान शिव को समर्पित तिरुमाननचेरी में स्थित एक महत्वपूर्ण मन्दिर है। यह भ्रान्तियों और लोककथाओं में डूबा पूजा स्थल है। लोककथा के अनुसार यह वही स्थान है जहाँ पार्वती जी ने शिव जी से विवाह के लिये पुनः जन्म लिया था। मन्दिर...