तिरुनागेश्वरम तमिलनाडु के तंजौर जिले में स्थित है और यह एक पंचायत शहर है। यह जगह कुंभकोणम शहर से 8 किलोमीटर पूर्व में स्थित है। यह शहर राहु भगवान (राहु ग्रह) को समर्पित है। तिरुनागेश्वरम अपनी भूमि की उर्वरता के लिए भी अच्छी तरह से जाना जाता है और गेहूं, चावल और मक्का मुख्य फसल हैं, जिनकी खेती यहां की जाती है। लोग यहां आसपास आम और नारियल के बहुत सारे खेत भी पा सकते हैं।
तिरुनागेश्वरम में और आसपास के पर्यटक स्थल
यहां शहर में 2 मुख्य मंदिर हैं- एक शैव पंथ का प्रसिद्ध "नागनाथस्वामी" मंदिर है और एक अन्य वैष्णवों का प्रसिद्ध मंदिर "ओप्पिलियप्पन मंदिर" है। नागनाथस्वामी मंदिर में, मुख्य देवता शिव हैं, जो अपनी पत्नी देवी पार्वती के साथ देखे जा सकते हैं। इस मंदिर में राहु की मूर्ति मनुष्य के रूप में देखी जा सकती है।
ऐसा कहा जाता है, कि किसी की जन्म कुंडली में राहु के अनिष्टकर ग्रहों का प्रभाव जीवन में समस्याएं पैदा कर सकता है। इस प्रकार, नागनाथस्वामी मन्दिर में राहु की प्रार्थना द्वारा ऐसी बदकिस्मती दूर कर सकते हैं। राहु कलाम के दौरान किया जाने वाला दूध अभिषेकं मंदिर का मुख्य आकर्षण है।
तिरुनागेश्वरम में ओप्पिलियप्पन मंदिर भी एक प्रसिद्ध मंदिर है, जहां तीर्थयात्री साल भर आते हैं। इस मंदिर में रामनवमी एक भव्यता में मनायी जाती है। रामनवमी के अंतिम दिन, कनकिबिशेकम और तिरुकल्याणम एक शाही और बड़े पैमाने पर किया जाता और भक्तों की भारी संख्या इन 2 कार्यक्रमों में शामिल होने आती है।
तिरुनागेश्वरम के आसपास नवग्रह मंदिर
सभी 8 नवग्रह स्थल तिरुनागेस्वरम ( जो नौ नवग्रह मन्दिरों या स्थलों में से एक है) के करीब स्थित है। तिरुनल्लर (सैटर्न या शनिदेव के लिए), कंजानूर (वीनस या शुक्र भगवान के लिए), सूर्यानार कोयील (सूर्य या भगवान सूर्य), तिरुवेंकडू (भगवान बुधन), तिंगलूर (चंद्रमा या भगवान चन्द्रन के लिए), कीज़्परमपल्लम (भगवान केतु), के लिए अलंगुडी (गुरु या बृहस्पति), वैदीस्वरन कोइल ( मंगल ग्रह या सेवई के लिए), तिरुनागेश्वरम से निकट स्थित हैं।
तिरुनागेश्वरम तक कैसे पहुंचे
कुंभकोणम रेलवे स्टेशन तिरुनागेश्वरम से निकटतम रेलवे स्टेशन है। त्रिची हवाई अड्डा इस जगह से बहुत करीब है। बसों के लिए नेटवर्क भी बहुत अच्छा है और यात्री कुंभकोणम से तिरुनागेश्वरम पहुंचने के लिए बस सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।
तिरुनागेश्वरम का मौसम
चूंकि यहां का मौसम न बहुत गर्म और न ही बहुत ठंडा होता है, इसलिए धार्मिक मंदिरों में इस समय यात्रा की जा सकती है। इसके अलावा इस दौरान वर्षा का कोई डर नहीं होता है। जून से सितंबर तक उन दर्शकों के लिए एकदम सही समय होता है, जो शहर में केवल कुछ दिनों के लिए रहना चाहते हैं। उमस भरे मौसम के बावजूद ये महीनें सुखद और दृष्य देखने के लिए अच्छे होते हैं।



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