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होम » स्थल » उत्तरकाशी » आकर्षण
  • 01कर्ण देवता मंदिर

    कर्ण देवता मंदिर

    कर्ण देवता मंदिर उत्तरकाशी के सारनौल गांव में स्थित है। यात्रियों को इस गांव तक पहुंचने के लिए नैटवाड से लगभग 1.5 मील की दूरी तय करनी होती है।

     

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  • 02नेहरू पर्वतारोहण संस्थान

    नेहरू पर्वतारोहण संस्थान

    नेहरू पर्वतारोहण संस्थान 14 नवंबर, 1965 को स्थापित किया गया था तथा इसका नामकरण पंडित जवाहर लाल नेहरू,(भारत के प्रथम प्रधानमंत्री), जो पहाड़ों के शौकीन थे,के नाम पर किया गया। यह भारत के प्रमुख पर्वतारोहण संस्थानों में से एक है,जिसने एशिया भर में अपनी पहचान बनाई...

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  • 03कपिल मुनि का आश्रम

    कपिल मुनि का आश्रम

    कपिल मुनि का आश्रम समुद्री तल से 4500 मीटर की ऊंचाई पर स्थित एक छोटे से गांव गुन्दीयाट में स्थित है। यह गढ़वाल क्षेत्र का एक विशिष्ट काली स्लेट की छतों एवं छोटी खिड़कियों वाला गांव है। कपिल मुनि के आश्रम तक पहुँचने के लिए यात्रियों को स्थानीय बस स्टाप से थोड़ी दूर...

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  • 04नचिकेता ताल

    नचिकेता ताल

    उत्तरकाशी से 32 किमी की दूरी पर स्थित नचिकेता ताल एक सुंदर झील है। झील के चारों ओर ओक, पाइन, और रोडोडेनड्रान फल के वृक्ष हैं, जो इस जगह की सुंदरता को और बढ़ा देते हैं। ऐसा माना जाता है कि नचिकेता झील, ऋषि उदालक के बेटे द्वारा बनावाई गयी थी।

    उत्तरकाशी से 29...

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  • 05शक्ति मंदिर

    शक्ति मंदिर

    विश्वनाथ मंदिर के निकट स्थित शक्ति मंदिर एक प्रसिद्ध धार्मिक केंद्र है। यह मंदिर अपने 6 मीटर ऊंचे त्रिशूल के लिए जाना जाता है। त्रिशूल के तल की परिधि लगभग 90 सेमी है। यह माना जाता है कि त्रिशूल के ऊपरी और निचले हिस्से क्रमशः लोहे और तांबे के बने हुए हैं।...

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  • 06भैरव मंदिर

    भैरव मंदिर

    भैरव मंदिर उत्तरकाशी के चौक क्षेत्र है, जहां एक पौराणिक कथा के अनुसार, लगभग 365 मंदिर पाये गये थे। एक चीनी यात्री ह्वेन त्सांग 629 ई में भारत आया था तथा उसने इस स्थान का नाम ब्रह्मपुर रखा। हिंदुओं के ग्रन्थ स्कन्दपुराण में इस स्थान का उल्लेख ‘वरूनावत’...

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  • 07दोदीताल

    दोदीताल

    दोदीताल समुद्र के स्तर से 3024 मीटर की ऊंचाई पर स्थित एक ताजे पानी की झील है। यह खूबसूरत पर्यटन स्थल चरों तरफ से हरियाली से घिरा हुआ है। ये झील हिमालयन ट्राउट के लिए प्रसिद्ध है जहां उत्तरकाशी से ट्रैकिंग द्वारा पहुंचा जा सकता है।

    अगर...

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  • 08पोखू देवता मंदिर

    पोखू देवता मंदिर

    पोखू देवता मंदिर नैटवाड गांव में यमुना नदी का सबसे बड़ी सहायक,टोंस नदी के किनारे स्थित है। इस क्षेत्र में दो अन्य लोकप्रिय मंदिरों में कर्ण मंदिर और दुर्योधन मंदिर हैं। पूरे गांव के चारों ओर सुंदर देवदार और चीड़ के पेड़ है। नैटवाड गांव पहुंचने के लिए पर्यटकों को...

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  • 09शनिदेव मंदिर

    शनिदेव मंदिर

    शनिदेव मंदिर उत्तरकाशी के खरसाली गांव में स्थित है। यह मंदिर हिंदूओं के देवता शनिदेव को समर्पित है जिन्हें एक पौराणिक कथा के अनुसार हिंदू देवी यमुना का भाई माना जाता है।यह मंदिर समुद्री तल से 7000 फुट की ऊंचाई पर स्थित है। इस पांच मंजिला मंदिर के निर्माण में पत्थर...

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  • 10कुटेती देवी मंदिर

    कुटेती देवी मंदिर

    कुटेती देवी मंदिर उत्तरकाशी में स्थित एक प्राचीन मंदिर है। मंदिर के पुजारी याजकों की 14 वीं पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करते हैं। मंदिर के साथ एक दिलचस्प कहानी जुड़ी हुई है, जिसके अनुसार एक बार कोटा के किसी राजा का गंगोत्री की तीर्थ यात्रा के दौरान पैसे का बैग खो गया।...

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  • 11हर की दून

    हर की दून

    हर की दून समुद्री तल से 3556 मीटर की ऊंचाई पर स्थित एक सुरम्य घाटी है। यह गढ़वाल हिमालय की सबसे लोकप्रिय ट्रैक्स में से एक माना जाता है तथा सुंदर चीड़ वनों एवं ऊंची पर्वत चोटियों से घिरा हुआ है।यह स्थान प्रकृति प्रेमियों और पक्षी दर्शन के शौकीन लोगों के लिए एक...

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  • 12मनीरी

    मनीरी

    उत्तरकाशी से लगभग 13 किमी की दूरी पर स्थित मनीरी एक गांव है। यह स्थल हाल ही में एक पर्यटन आकर्षण के रूप में विकसित किया गया है। भागीरथी नदी पर बनाया गया बांध इस गांव का एक प्रमुख पर्यटक आकर्षण है।

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  • 13नन्दनवन तपोवन

    नन्दनवन तपोवन

    नन्दनवन तपोवन गंगोत्री से 6 किमी की दूरी पर गंगोत्री ग्लेशियर के स्थित है। नंदन से आसपास की चोटियों जैसे शिवलिंग,भागीरथी, केदारताल, थलय सागर, और सुदर्शन का सुन्दर नजारा दिखाई पड़ता है।

    यह कुछ चोटियों जैसे सतोपंत,खर्चाकुंड, कालिंदीखाल, मेरु, और केदारताल की...

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  • 14दुर्योधन मंदिर

    दुर्योधन मंदिर

    दुर्योधन मंदिर उत्तरकाशी के सौर गांव में स्थित एक सुंदर मंदिर है। यह मंदिर हिंदू महाकाव्य महाभारत के एक पौराणिक चरित्र दुर्योधन को समर्पित है।

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  • 15दयारा बुग्याल

    दयारा बुग्याल

    दयारा बुग्याल उत्तरकाशी में समुद्री तल 3048 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। उत्तरकाशी-गंगोत्री मार्ग पर स्थित भट्वारी नामक स्थान से इस खूबसूरत घास के मैदान के लिए रास्ता कटता है। दयारा बुग्याल पहुँचने के लिए यात्रियों को बरसू गांव, जहां यात्री वाहनों द्वारा पहुँच सकते...

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