चेट्टिकुलंगरा भगवती मन्दिर केरल के श्रद्धेय तथा सबसे अधिक पूज्य मन्दिरों में से एक है। संरक्षण के सन्दर्भ में सबरीमाला के बाद दूसरे स्थान के इस मन्दिर में भक्तों की भारी भीड़ आती है। इस 1200 साल पुराने मन्दिर की एक खास विशेषता है।
मन्दिर के इष्टदेवी देवी, भगवती के तीनों स्वरूपों को धारण करती हैं – वे सुबह देवी सरस्वती, दोपहर में महालक्ष्मी और शाम को श्रीदुर्गा का रूप धारण करती हैं। इस मन्दिर के बारे में कई लोककथायें, पारम्परिक तथा ऐतिहासिक कहानियाँ हैं जिनमें मन्दिर की इष्टदेवी और कई अन्य देवियाँ ही आकर्षण का बिन्दु हैं।
मन्दिर को यहाँ मनाये जाने वाले कई त्योहारों के लिये जाना जाता है जिनमें जीवन्त रंग, ढोल का संगीत, पारंपरिक नृत्य से आध्यात्मिक उत्साह का चर्मोत्कर्ष प्राप्त होता है।



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