पास के कृष्णपुरम मन्दिर के नाम पर नामित कृष्णपुरम पैलेस ने अपने आसपास सदियों के बदलाव को देखा है। त्रैवनकोर के तत्कालीन राजा अनिझम थिरुनल मरटण्डा वर्मा ने 18वीं सदी में इस महल को एक मंजिला बनवाया था। महल को स्थानीय वास्तुकला की पारम्परिक शैली के प्रदर्शन के लिये बनाया गया था।
महल के आज के स्वरूप को केरल के पुरातत्व विभाग द्वारा 1950 के दशक में बनावाया गया था जब महल खण्डहर में बदलने लगा था। महल अब तिमंजला खड़ा है और इसके अन्दर कई इमारते हैं जो पश्चिम से पूर्व तक की वास्तुकला शैलियों से बनी हैं।
महल एक पहाड़ी की चोटी पर स्थित है और बगीचे द्वारा घिरा है जिसमें उपस्थित फव्वारे और तालाब इसकी सुन्दरता बढ़ाते हैं। भित्ति चित्रों, सिक्कों और मूर्तियों जैसी कई ऐतिहासिक वस्तुओं की प्रदर्शनी के अलावा केरल के शाही अनुभव को प्राप्त करने के लिये यहाँ अवश्य आयें।



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