वृंदावन - कृष्ण की रासलीला का स्थान
हिंदू धर्म में वृंदावन शहर को काफी पवित्र माना जाता है। यह वही जगह है जहां भागवान कृष्ण ने यमुना नदी के किनारे अपना बचपन बिताया था। दस्तावेजों से पता चलता है कि वृंदावन में ही......
नारनौल – च्यवनप्राश का शहर
नारनौल एक ऐतिहासिक शहर है जो हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले में स्थित है। इस शहर का उल्लेख महाभारत में किया गया है। ऐसा विश्वास है कि यह बीरबल का जन्म स्थान है जिन्हें अकबर के दरबार......
आभानेरी - एक प्रसन्न देवी का हेमलेट
आभानेरी, जयपुर - आगरा रोड पर जयपुर से 95 किमी की दूरी पर स्थित है । ये राजस्थान के दौसा जिले में एक गांव है । जो अपने सीढ़ीदार कुओं के कारण लोगों के बीच खासा लोकप्रिय......
जयपुर - गुलाबी नगरी
जयपुर, भारत के पुराने शहरों में से एक है जिसे पिंक सिटी के नाम से जाना जाता है। राजस्थान राज्य की राजधानी कहा जाने वाला जयपुर शहर एक अर्द्ध रेगिस्तान क्षेत्र में......
विराट नगर - अल्पज्ञात आश्चर्यों की भूमि
विराट नगर एक उभरता पर्यटन स्थल है जो राजस्थान की पिंक सिटी, जयपुर से 75 किमी. दूर स्थित है। यह जगह वैराट के नाम से भी लोकप्रिय है और मशहूर पर्यटन स्थलों सिलीसेरह,......
पिलानी - जहां विद्वानों को बढ़ावा दिया जाता है
पिलानी राजस्थान के शेखावती क्षेत्र का एक छोटा सा शहर है। पिलानी अपने कई शैक्षणिक संस्थानों के लिये जाना जाता हो जिनमें से 'बिट्स, पिलानी' प्रमुख है। यह कस्बा दिल्ली से 180 किमी......
हिसार पर्यटन - इस्पात के शहर में
हिसार, हरियाणा राज्य में स्थित हिसार जिले का प्रशासनिक मुख्यालय है, जो नई दिल्ली के पश्चिम में 164 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह प्रवासियों को आकर्षित करने और दिल्ली के लिए......
जींद – मंदिरों में श्रद्धांजली अर्पण करना
हरियाणा राज्य में स्थित जींद जिले को इसका नाम जैन्तापुरी से मिला है। जैन्तापुरी एक प्राचीन तीर्थ है जिसका उल्लेख महाभारत में भी मिलता है। पांडवों ने देवी जयंती के सम्मान में......
सरिस्का - एक बहुमुखी पर्यटक गंतव्य स्थल
राजस्थान के अलवर जिले में जयपुर से 110 किमी की दूरी पर स्थित 'सरिस्का' एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है। यह स्थान 1995 में स्थापित सरिस्का राष्ट्रीय बाघ अभ्यारण के लिए प्रसिद्ध है।......
भरतपुर - यहाँ, पक्षियों के साथ व्यक्तिगत हो सकते हैं आप
भरतपुर भारत का एक जाना माना पर्यटन गंतव्य है। इसे राजस्थान का पूर्वी द्वार भी कहा जाता है और यह राजस्थान के भरतपुर जिले में स्थित है। यह एक प्राचीन शहर है जिसका निर्माण वर्ष......
रणथंभौर - दुर्लभ और जंगल का अनोखा संगम
रणथंभौर, को रणथंबोर और राथाम्भोरे भी पढ़ा जाता है, यह एक सचित्र गंतव्य है। यह सवाई माधोपुर शहर से 12 किमी की दूरी पर स्थित है। इस जगह का नाम दो पहाड़ियों के नाम रन और थम्बोर के......
मेरठ पर्यटन: भारत में खेल सामग्रियों का केन्द्र
उत्तरप्रदेश का मेरठ शहर विश्व का 63वां सबसे तेजी से बढ़ता शहरी क्षेत्र और भारत का 14वां सबसे तेजी से विकसित होता शहर है। इस शहर में उत्तर भारत का एक प्रमुख सैनिक छावनी भी है।......
गुड़गांव - भारत का तेजी से उभरता व्यवसायिक शहर
हरियाणा का सबसे बड़ा शहर गुड़गांव को राज्य की आर्थिक और औद्योगिक राजधानी समझा जाता है। यह शहर दिल्ली से 30 किमी दक्षिण में है। दिल्ली के चार उपग्रह शहरों में से एक गुड़गांव......
नोएडा पर्यटन- भारत का आई टी पॉवर हाउस
नोएडा न्यू ओखला औद्योगिक विकास प्राधिकरण का ही संक्षिप्त नाम है जो कि प्राधिकरण द्वारा ही रखा गया है। यह 17 अप्रैल 1976 से अस्तित्व में आया और हर साल यह दिन "नोएडा दिवस " के रूप......
झज्जर पर्यटन - पक्षियों में दिलचस्पी है तो घूम आइए
झज्जर हरियाणा राज्य के 21 जिलों में से एक है। इसका जिला मुख्यालय झज्जर में ही है और इसे 15 जुलाई 1997 में रोहतक जिला से काट कर बनाया गया था। ऐसा कहा जाता है कि इस शहर की स्थापना......
बुलंदशहर: जहां के गांवो में बसी है खूबसूरती
बुलंदशहर उत्तरप्रदेश के बुलंदशहर जिले के अंतर्गत आता है। यह बुलंदशहर जिले का प्रशासनिक मुख्यालय भी है। इस क्षेत्र का इतिहास महाभारत काल के समय से मिलता है। यहां कई खुदाई की गई,......
शेखावाटी - प्राचीन हवेलियों और उत्सवों का शहर
राजस्थान के उत्तर पूर्वी रेगिस्थान में स्थित शेखावाटी, भारतीयों के लिए बहुमूल्य एतिहासिक स्थल है। महाकाव्य महाभारत में इस स्थान से संबंधित कई संदर्भ मौजूद है, कहा जाता है कि......
सीकर - जहाँ दिखता है पिछला इतिहास
सीकर, भारतीय राज्य, राजस्थान के उत्तरपूर्वी भाग में स्थित एक बहुत ही प्रसिद्ध पर्यटन केंद्र है। गुलाबी शहर, जयपुर के बाद यह दूसरा सबसे अधिक विकसित शहर है तथा सीकरजि़ले का......
गाजियाबाद पर्यटन: शॉपिंग के लिए विख्यात
गाजियाबाद की पहचान उत्तरप्रदेश के प्रवेश द्वार के रूप में है। इसकी सीमा दिल्ली से लगती है। इस औद्योगिक शहर का नाम इसके संस्थापक गाजी उद्दीन के नाम पर पड़ा। वह एक मुगल मंत्री के......
दिल्ली - बस इश्क मोहब्बत और प्यार...
भारत की यात्रा अपने आप में एक अनोखा अनुभव है, और इसकी राजधानी दिल्ली की सैर एक अमित संस्मरण साबित होगी। भारत के सबसे बडे शहरों में से एक दिल्ली, प्राचीनता और आधुनिकता का सही......
फरीदाबाद पर्यटन – एक ऐतिहासिक शहर
हरियाणा के दूसरे सबसे बड़े शहर फरीदाबाद का नाम इसके संस्थापक बाबा फरीद के नाम पर रखा गया है। उन्होंने एक किले, मस्जिद और टंकी की निर्माण कराया था जिनके खण्डहर अभी भी देखे जा......
मथुरा पर्यटन - भगवान कृष्ण का जन्मस्थान
मथुरा को पहले और आज भी ब्रज भूमि या 'अनंत प्रेम की धरती' की तरह पूजा जाता है। मथुरा को इस नाम से इसलिए भी जाना जाने लगा है क्योंकि ऐसा माना जाता है कि भगवान कृष्ण ने अपने बचपन......
रोहतक पर्यटन - हरियाणा की राजनीतिक राजधानी
रोहतक भारतीय राज्य हरियाणा का एक जिला है। यह दिल्ली के पास स्थित है और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र-2 (एनसीआर) के अंतर्गत आता है। यह दिल्ली से 70 किमी दूर है और हरियाणा की राजनीतिक......
पलवल पर्यटन - कपास केंद्र
पलवल,कपास का केन्द्र, हरियाणा के पलवल जिले में स्थित है।यह दिल्ली से 60 किलोमीटर दूर स्थित है। पांडवों के शासनकाल में,पलवासुर नाम का एक असुर था जिसके नाम पर इस जगह का नाम पड़ा......
करौली - पवित्रता का मार्क
करौली राजस्थान में एक जिला है जो जयपुर से 160 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है । ये जिला 5530 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है । पूर्व में इस स्थान का बाम कल्याणपुरी......
फतेहपुर सीकरी पर्यटन - एक ऐतिहासिक छुट्टी के लिए
1571 और 1583 के बीच मुगल सम्राट अकबर द्वारा 16वीं सदी के दौरान निर्मित यूनेस्को की विश्व विरासत स्थल, उत्तर प्रदेश में आगरा के पास स्थित फतेहपुर सीकरी मुगल संस्कृति और सभ्यता के......
टोंक – दिलचस्प पौराणिक कथाओं का शहर
टोंक शहर राजस्थान के टोंक जिले में बनास नदी के किनारे स्थित है। कभी विरासत के राज्य रहे इस शहर पर भारत की स्वतंत्रता के पहले कई राजवंशों ने शासन किया। यह जयपुर शहर से 95 किमी.......
आगरा पर्यटन: ताजमहल के अलावा भी है यहां बहुत कुछ देखने को
देश की राजधानी दिल्ली से 200 किमी दूर उत्तरप्रदेश का शहर आगरा ताजमहल के लिए जाना जाता है। यहां स्थित ताजमहल के अलावा आगरा का किला और फतेहपुर सिकरी भी यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल......