बलांगीर : जहां राजसी आभा आज भी कायम है।
बलांगीर एक महत्वपूर्ण व्यापारिक शहर के साथ एक समृद्ध सांस्कृतिक विरासत वाला शहर भी है। यह जगह, यहां की खूबसूरत सेटिंग के कारण जानी जाती है और यहां कई सुंदर मंदिर......
राजिम - पवित्र शहर
राजिम, एक छोटा सा शहर है जो राज्य के रायपुर जिले से 45 किमी. की दूरी पर स्थित है, जिसे छत्तीसगढ़ का प्रयाग भी कहा जाता है, यह महानदी नदी के पूर्वी तट पर स्थित है।......
बिलासपुर: मंदिर और प्राकृतिक स्थानों की यात्रा
बिलासपुर छत्तीसगढ़ का दूसरा सबसे बड़ा और तीसरा सबसे अधिक आबादी वाला जिला है। यह भारत में विद्युत उत्पादन का केंद्र है। बिलासपुर रेलवे के माध्यम से सबसे अधिक राजस्व उत्पन्न करने......
महासमुंद - भगवान शिव के मंदिरों में जाये।
कभी सोमावंसिया सम्राटों के शासन में रहा, महासमुंद पारंपरिक कला और संस्कृति का एक केंद्र है। महासमुंद छत्तीसगढ़ के मध्य पूर्वी हिस्सा में है। सिरपुर, इस क्षेत्र का सांस्कृतिक......
सरगुजा - प्राचीन पुरातत्व और तीर्थस्थलों की सैर
सरगुजा, छत्तीसगढ़ के उत्तरी भाग में स्थित है और इसकी सीमा उत्तर प्रदेश और झारखंड से मिलती है। इस स्थल की 50 प्रतिशत भूमि जंगल से ढकी हुई है जहां ढ़ेर सारे......
कोरबा – सांस्कृतिक विरासत का स्थान
छत्तीसगढ़ की ऊर्जा राजधानी कोरबा हरे-भरे जंगलों से भरा है और अहिरन तथा हसदेव नाम की दो नदियों के संगम पर स्थित है। यह 252 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है। यहाँ पर कई विद्युत उत्पादन......
सिरपुर - धन का शहर
सिरपुर या सीरपुर को धन का शहर भी कहा जाता है, यह एक प्राचीन शहर है जो अपने पुरातात्विक स्मारकों, समृद्ध परंपरा और सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है। यह टाउन,......
राजनंदगांव- परंपरा और संस्कृति का प्रतीक
राजनंदगांव को 26 जनवरी, 1973 में दुर्ग जिले से अलग किया गया। राजनंदगांव का दूसरा नाम संस्कारधानी है जो इस शहर में बसे विभिन्न धर्म के लोगों के बीच पनपती शांति और सद्भान पर......
भिलाई - स्टील सिटी
भिलाई शहर छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में स्थित है। राज्य की राजधानी रायपुर से 25 किमी दूर भिलाई नेशनल हाइवे 6 पर पड़ता है। यहीं भारत का सबसे बड़ा स्टील प्लांट भिलाई स्टील प्लांट......
दुर्ग - तीर्थ स्थलों का शहर
छत्तीसगढ़ का एक महत्वपूर्ण शहर दुर्ग एक प्रमुख औद्योगिक और कृषि केन्द्र के लिए जाना जाता है। यह शहर शेवनाथ नदी के पूर्वी किनारे पर बसा हुआ है। शेवनाथ नदी को शिव नदी के नाम से भी......
कबीरधाम - प्रकृति और पुरातत्व का शहर
कबीरधाम पहले कवर्धा जिले के रूप में जाना जाता था और यह दुर्ग, राजनंदगांव, रायपुर और बिलासपुर के मध्य स्थित है। यह 4447.5 कि.मी² के क्षेत्रफल में फैला है। कबीरधाम एक शांत और......
रायपुर - इतिहास के पन्नों से
छत्तीसगढ़ की राजधानी, रायपुर छत्तीसगढ़ में तेज़ी से बढ़ते हुए शहरों में से एक है और एक पर्यटन केंद्र भी है। अकसर ’भारत का धान का कटोरा’ कहा जाने वाला रायपुर अपने......
Koriya – An Unexplored Paradise
Koriya district, is a district in the north-western part of the Chhattisgarh state in Central India. The administrative headquarter of the district is Baikunthpur. It is bounded......
धमतरी - प्राकृतिक सौंदर्य से समृद्ध राज्य
छत्तीसगढ़ में स्थित धमतरी की स्थापना 6 जुलाई 1998 में हुई थी, और यह भारत में सबसे पुरानी नगरपालिका क्षेत्रों में से एक है। इसकी पूर्व दिशा में सतपुड़ा पर्वत श्रृंखला स्थित है।......
संबलपुर - भिन्न-भिन्न विचारों से युक्त अनुभव
संबलपुर इतिहास और आधुनिकता का एकीकरण है। आज संबलपुर के रूप में जानी जाने वाली जगह ने अनेक शासकों और सरकारों के तत्वावधान में कई डिवीजनों और विलय को देखा है। विभिन्न शासी निकाय......
जशपुर - पहाडियों और झरनों की भूमि
जशपुर, पहाड़ी इलाकों और हरी - भरी हरियाली से घिरा स्थान है जो छत्तीसगढ़ के उत्तर - पूर्वी हिस्से में स्थित है। पहाड़ी इलाके को ऊपरी घाट के नाम से और समतल......