पारास्सीनीक्कादावु सांप पार्क, कन्नूर के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में से एक है। इस अनूठे पार्क में, कई प्रकार के दुर्लभ प्रजातियों के सांप है जिनके विलुप्त होने का खतरा बढ़ चुका है या वह विलुप्त हो चुके हैं, यह सभी सांप पूरे भारत से ढूंढ कर यहां सरंक्षित किए गए है। यह केरल का अकेला स्नेक पार्क है और यह भारत के सांप संरक्षण केंद्रों में से सबसे प्रमुख है।
पारास्सीनीक्कादावु सांप पार्क, पारास्सीनीक्कादावु में कन्नूर से 16 किमी. की दूरी पर स्थित है जो एक छोटा सा गांव है। इस गांव के अन्य मुख्य आकर्षणों में से पारास्सीनीक्कादावु मुथप्पन मंदिर है और पर्यटक एक ही दिन की सैर में पार्क और मंदिर दोनों की यात्रा कर सकते हैं। इस पार्क को विष चिकित्सा केंद्र ( एक सांप काटने पर उपचार करने वाले चिकित्सा संस्थान ) द्वारा स्थापित किया गया था जिसका मुख्यालय पप्पीनिस्सेरी में है।
इस पार्क में कई विषैले और गैर - विषैले सांप की विविध प्रजातियां पाई जाती हैं जिनमें कोबरा, किंग कोबरा, चश्माधारी कोबरा, रसेल वाइपर, पायथन, करैत और पिट वाइपर भी शामिल हैं। सांपों के अलावा, यह पार्क कई सरीसृपों और पक्षियों व जानवरों का भी घर है। सरीसृप की 150 प्रजातियां यहां दर्ज हैं और पार्क के प्रशिक्षित कर्मचारी अपनी समझ व विचारों से लोगों में मन में सांपों के प्रति बैठे अंधविश्वास को दूर करते हैं और उन्हे सजीव जन्तु की तरह ट्रीट करते हैं।
समय : सुबह 9:30 से शाम 5:30 तक



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