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होम » स्थल » केलांग » आकर्षण
  • 01सिस्सू

    सिस्सू

    सिस्सू एक छोटा सा गाँव है, जो हिमाचल के केलांग में है। यह चन्द्र नदी के किनारे स्थिर समुद्री तट से 3100 मीटर की ऊंचाई पर है। सड़क के दोनों ओर लगाये गए नम्रा और पीपल के पेड़ इतने घने है कि सूरज की रोशनी भी इनमें प्रवेश नहीं कर पाती। ये सारी खूबियाँ इसे...

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  • 02फिशिंग

    फिशिंग

    केलांग में कई सैलानी फिशिंग करने आते हैं। सैलानी जिस्प और सिस्सू में मछली पकड़ने का आनंद उठा सकते हैं।

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  • 03कैम्पिंग

    कैम्पिंग

    केलांग में कैम्पिंग काफी लोकप्रिय है। यहाँ के टूर ओपरेटर से आप को कैम्पिंग उपकरण और लोकल गाईड मिल जाएँगे। धर्चा, जिस्प, गेमुर, तांदी , कोकसर और सिस्सू यहाँ के प्रसिद कैम्पिंग स्थल हैं।

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  • 04कर्दंग मठ

    हिमाचल के केलांग से केवल 5 कि.मी दूर कर्दंग मठ काफी प्राचीन गोम्पा है। यह प्राचीन गोम्पा भगा नदी के किनारे, 3500 मीटर की ऊंचाई पर है। यह लग भग 900 साल पुराना है और यह मठ बुद्धियों के द्रुप कग्युद्ध स्कूल के अंतर्गत है। 12 वी सदी में बने इस...

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  • 05स्कींग

    स्कींग

    केलांग की बर्फ से ढक्की ढलानों पर सैलानी स्कींग खेल सकते हैं। स्कींग के लिए यहाँ किराये पर स्कींग उपकरण और स्कींग गाइड उपलब्ध होते है। सुम्नाम ढलान सब से प्रसिद्ध और लम्बी ढलान है जो लग भग 6.5 कि.मी लम्बी है। कर्दंग ढलान, गोंधल ढलान और त्रिलोकनाथ ढलान यहाँ कि अन्य...

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  • 06शॉपिंग

    केलौंग में खरीदने के लिए आप को कई चीज़े मिलेंगी। लोग यहाँ गलीचे, ट्वीड, जूते, शाल, जैतून और बादाम का तेल, धातु शिल्प, चाँदी के गहने, बांस के उत्पादन, ऊनी जैकेट और स्वेटर खरीदने आते हैं।

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  • 07उदयपुर

    उदयपुर

    उदयपुर  को पहले मर्कुल या मर्गुल कहा जाता था। फिर 1695 में चंबा के राजा उदय सिंह ने इसका नाम उदयपुर  रखा। हिमाचल के केलांग से 53 कि.मी दूर उदयपुर , सुन्दर पर्यटक स्थान है। समुंदरी तट से 2523 मीटर ऊँचा उदयपुर मैयूर नुल्लाह चौराहे के पास है।

    इस...

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  • 08राफ्टिंग

    राफ्टिंग

    राफ्टिंग का मज़ा लेने देश भर से कई लोग केलांग आते हैं। दारचा - जिस्प रूट और केलांग लेह रोड यहाँ के प्रसिद्ध राफ्टिंग रूट्स है।

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  • 09पैराग्लाईडिंग

    केलांग में पैराग्लाईडिंग काफी लोकप्रिय है। यह जून से लेकर सितम्बर तक उपलब्ध है और सैलानी इसे काफी पसंद करते हैं। रोहतांग पास जिसे केलांग का प्रवेश द्वारा कहा जाता है, यहाँ पैराग्लाईडिंग के लिए उपयुक्त सुविधाएँ उपलब्ध है। शुरुवाती दौर में आप चाहे तो छोटा सा...

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  • 10तायुल मठ

    तायुल मठ

    यह धार्मिक और प्राचीन मठ हिमाचल के केलांग से 6 कि.मी दूर है। समुंदरी तट से 3900 मीटर ऊँचा सतिन्ग्री गाँव का यह मठ केलांग का सब से प्राचीन मठ है।इस मठ का निर्माण खाम शेत्र के ड़ोग्पा लामा, सेर्ज़ंग रिन्चन ने17 वी सदी में किया था।

    तिब्बती में...

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  • 11जीप सफारी

    जीप सफारी

    केलांग के उबड़ खाबड़ रास्ते जीप सफारी को और भी रोमांचक बनाते हैं। इसकी शुरुवात केलांग से कर के आप लेह, काजा, मनाली, उदैपुर, किलारंद, टोमो रीरी तक जा सकते हैं।यह यहाँ का काफी पसंदीदा सपोर्ट है|

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  • 12तांदी

    तांदी

    तांदी , हिमाचल के केलांग में एक छोटा सा गाँव है, जो केलांग से केवल 8 कि.मी दूर है। 2573 मीटर कि ऊंचाई पर स्थित इस गाँव में चंदा और भंगा नदियों का संगम होता है। इस स्थान को लेकर कई पौराणिक कहानियां मौजूद है। कहा जाता है कि राजा राणा चाँद राम ने इस स्थान की स्थापना...

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  • 13शासुर मठ

    शासुर का अर्थ है नीला देवदार। शासुर मठ का निर्माण 17वीं सदी में भूटान के राजा नावंग नामग्याल के धर्म प्रचारक जन्स्कर के लामा देव ग्यात्शो ने किया था। शासुर केलांग से 3 कि.मी दूर है। यह मठ नीले देवदार के पेड़ों से घिरा हुआ है और यह प्रसिद्ध पर्यटक स्थल ...

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  • 14गुरु घंटाल मठ

    गुरु घंटाल मठ

    गुरु घंटाल मठ की स्थापना गुरु पद्मसंभव ने 8 वी सदी में की थी। इसे घंढोल मठ भी कहा जाता है। केलांग से 8 कि.मी दूर लाहौल जिले में स्थित यह मठ सब से प्राचीन और पवित्र धार्मिक स्थान है। मठ में बनी लकड़ी की मूर्तियाँ मठ के प्रमुख आकर्षण का केंद्र है। मठ की निर्माण शैली...

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  • 15गेमुर मठ

    गेमुर मठ

    गेमुर मठ लग - भग 700 साल पुराना है और यह केलांग से 18 कि.मी दूर है। यह स्थान गेमुर गाँव से 600-700 गज दूर, भगा घाटी में है। इस धार्मिक स्थल का प्रमुख आकर्षण है 11वीं सदी की बनी देवी मरीचि और देवी वज्रावरही की मूर्तियाँ। कहा जाता है कि इनका उद्गम हिन्दू...

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