कुरुम्बकवु मंदिर कोडुन्गल्लुर का एक अन्य धार्मिक आकर्षण है जहाँ के इष्ट देव योद्धा देवी भगवती है। इस मंदिर में देवी भगवती की शानदार मूर्ति है जिनकी आठों भुजाओं में हथियार हैं। दारुका (एक राक्षस) का सिर, घंटी, एक पायल और खून से भरा हुआ कटोरा देवी की मूर्ति को सुसज्जित करते हैं।
इस मंदिर के परिसर में दो अन्य मूर्तियां वसूरिमाला और तविट्टूमूर्ति हैं। त्यौहारों के मौसम में यह प्राचीन मंदिर सैंकडों भक्तों को अपनी ओर आकर्षित करता है। इस मंदिर में मनाया जाने वाला प्रमुख त्यौहार भरनी त्यौहार है जो कवुईंदल के नाम से भी जाना जाता है।
कुरुम्बकवु मंदिर कहानियों और किवदंतियों से समृद्ध है। कन्नगी चरितम (कन्नगी की कहानी) और दारुका निग्रहम (दारुका का विनाश) इस मंदिर से जुड़ी हुई दो प्रमुख किवदंतियां हैं। मंदिर के परिसर में भक्ति की एक भावना और प्रार्थना के मन्त्र यहाँ की यात्रा करने वालो के मस्तिष्क को शांत करते हैं।



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