देवघर - भगवान शिव की पवित्र भूमि
देवघर, प्रसिद्ध हिंदू तीर्थ, को लोकप्रिय रूप में बैद्यनाथ धाम के नाम से भी जाना जाता है। यह एक प्रसिद्ध स्वास्थ्य स्थल भी है। देवघर जंगलों से घिरा हुआ व एक लहरदार परिदृश्य पर......
नालंदा – अभ्यास (सीखने) की भूमि
जब भी हम नालंदा की बात करते हैं तो हमारे दिमाग में पटकथाओं, ज्ञान, मैरून रंग के कपडे में लिपटे, भजन और मन्त्र गाते भिक्षुओं की छवि उभर आती है.. ज्ञान, जो ब्रह्मांड में व्याप्त......
वैशाली पर्यटन - बुद्ध को एक स्तोत्र
वैशाली का इतिहास काफी मजबूत है। वैशाली एक सुंदर गांव है जहां आम और केला के बड़े - बड़े बाग और खेत पाएं जाते है। वैशाली पर्यटन, अद्भुत बौद्ध स्थलों के लिए जाना जाता है, यह एक......
गया पर्यटन - तीर्थयात्रा का तोरण
गया में बौद्ध धर्म के संस्थापक भगवान बुद्ध को बोधज्ञान प्राप्त हुआ था, इसी कारण, इस स्थान को शहर के सबसे प्रसिद्ध स्थलों में से एक माना जाता है। गया पूरे......
बोधगया पर्यटन – एक पवित्र परम्परा की धारा
बोधगया बिहार में स्थित है और ऐतिहासिक रूप से उरूवेला, समबोधि, वज्रासन या महाबोधि के नाम से जाना जाता था। बोधगया अपने कद्रदानों को आध्यात्म और वास्तुकला आश्चर्य का अनुभव कराता......
बोकारो – एक औद्योगिक शहर
सन् 1991 में स्थापित बोकारो झारखण्ड राज्य का एक जिला है। समुद्रतल से 210 मीटर की ऊँचाई पर बोकारो छोटानागपुर के पठार पर स्थित है। शहर मुख्यतः घाटियों और धाराओं से बना है। बोकारो......
साहेबगंज पर्यटन - एक प्राकृतिक शहर
झारखंड राज्य का शासनिक मुख्यालय होने के साथ साथ साहेबगंज राज्य का एक महत्वपूर्ण जिला भी है। इतिहास में दर्ज है की 17 मई 1983 को साहेबगंज राजमहल और पाकुर, संथाल परगना जिले के उप......
भागलपुर पर्यटन - भारत का सिल्क स्वर्ग
भागलपुर को भारत का सिल्क शहर कहा जाता है जो बिहार राज्य में स्थित है और यह शहर, उच्च गुणवत्ता वाले रेशम के उत्पादन के लिए जाना जाता है। यह राज्य के......
जमुई – वास्तविकता और सरलता के रंग
जमुई बिहार का एक प्रसिद्ध जिला है और खासतौर से अपने जैन धर्म के पौराणिक और ऐतिहासिक वजहों से जाना जाता है। आज के बिहार के 38 जिलों में शुमार किया जाने वाला जमुई महाभारत काल से......
गिरिडीह - जैन धर्म का केंद्र
गिरिडीह, झारखंड की प्रसिद्द खदानों के शहर में से एक है। उत्तरी छोटा नागपुर डिवीजन के केंद्र में स्थित, गिरिडीह अपनी सीमाओं को उत्तर में बिहार के नवादा जिले, पूर्व में देवघर एवं......
लखीसराय पर्यटन – पर्यटकों का उल्लास
बिहार पर्यटन के नक्शे पर लखीसराय एक प्रमुख आकर्षण है। लखीसराय, जो पहले मुंगेर जिले का भाग था, को 1994 में अलग किया गया और भारत के नक्शे पर अपनी अलग पहचान मिली। लखीसराय को दक्षिण......
समस्तीपुर पर्यटन - उपजाऊ भूमि वाला स्थल
समस्तीपुर शहर, पहले दरभंगा जिले का एक उप - विभाजन था और यह बुदी गंदक नदी के तट पर स्थित है। समस्तीपुर में मनाएं जाने वाले प्रमुख त्यौहार छट, हनुमान जंयती, ईद,......
नवादा पर्यटन - आश्चर्यो का पोटली
नवादा, दक्षिणी बिहार में स्थित है। पहले यह गया जिले का एक हिस्सा था। नवादा में ऐतिहासिक काल के दौरान कई शासक वंशों जैसे - भ्रिहाद्रथा, मौर्य, कनाह और गुप्त का......
पटना पर्यटन - एक यात्री का आनंद
पाटलिपुत्र यानि आधुनिक समय का पटना, भारत का एक प्राचीन शहर था और आज बिहार की व्यस्त राजधानी है। पाटलिपुत्र ऐतिहासिक गौरव और राजनीतिक भाग्य का सदियों से परिणति रहा है। इसे दुनिया......
राजगीर पर्यटन - संस्कृति और इतिहास का कालातीत रोमांस
राजगीर, शाहीघराना, भारत बिहार के राज्य में स्थित मगध की प्राचीन राजधानी थी। भक्तिपुर परिवहन के विभिन्न साधनों से राजगीर को पटना से जोड़ता है। राजगीर एक घाटी में स्थित है और इसके......
दरभंगा पर्यटन– बंगाल की दहलीज़ दहलीज़
दरभंगा एक अद्भुत पर्यटन स्थल है, यह बिहार राज्य में स्थित है। मिथिलांचल के ह्रदय में स्थित यह शहर उत्तरी बिहार के मानचित्र पर महत्वपूर्ण शहरों में से एक है। दरभंगा, नेपाल से 50......
हाजीपुर पर्यटन - जीवंत खुशियों का गंतव्य
हाजीपुर शहर बिहार के वैशाली जिले का मुख्यालय है तथा प्रचुर मात्रा में केले के उत्पादन के लिए जाना जाता है। यह शहर बिहार के सबसे अधिक प्रगतिशील शहरों में से एक है। हाजीपुर......
बेगूसराय पर्यटन - प्राचीन रॉयल रिट्रीट
बेगूसराय, बिहार का एक शहर है और यह जिले का मुख्यालय है। बेगूसराय शहर, पवित्र नदी गंगा के उत्तरी किनारे पर स्थित है।बेगूसराय और उसके आसपास स्थित पर्यटन......
मधुबनी पर्यटन - अपनी संस्कृति के लिए प्रसिद्ध
मधुबनी का नाम लेते ही सुंदर मधुबनी चित्रकला की तस्वीर जेहन में कौंधने लगती है। बिहार का मुधबनी जिला दरभंगा प्रमंडल का हिस्सा है। मधुबनी और आसपास के पर्यटन स्थलमधुबनी के प्रमुख......
हज़ारीबाग – हज़ारों उद्यानों का शहर
हज़ारीबाग शहर रांची से 93 किमी. की दूरी पर स्थित है तथा झारखंड के छोटा नागपुर पठार का एक भाग है। जंगलों से घिरी कोनार नदी इस शहर से होकर बहती है। चंदवारा और जिलिंजा हज़ारीबाग जिले......