पुरुलिया पश्चिम बंगाल की पश्चिमी सीमा पर स्थित उन स्थानों में से एक है जो हरियाली के बीच स्थित है तथा जिसके पार्श्व में झरने और प्राकृतिक वन्य जीवन है। कंगसबती और पंचेत सरोवर पुरुलिया को जल आपूर्ति करते हैं तथा फोटोग्राफरों के लिए यह स्थान स्वर्ग के समान है। साहेब बांध एक अन्य छोटा सरोवर है जहाँ आप बोटिंग (नौका विहार) और फिशिंग (मछली पकड़ने) का आनंद उठा सकते हैं। पुरुलिया में पाखी पहार नाम का एक पक्षी पाया जाता है जिसे पहाड़ों का पक्षी कहा जाता है। ये पक्षी पहाड़ों की चट्टानों की ओर आकर्षित होते हैं जिसके कारण इनका यह नाम पड़ा।
पुरुलिया तथा इसके आसपास पर्यटन के स्थान
कंगसबती बांध के पास स्थित डियर पार्क (हिरन उद्यान) और अजोध्या हिल्स (पहाड़ी) पर्यटन के दो प्रमुख आकर्षण हैं जो पुरुलिया के पर्यटन को बढ़ावा देते हैं। शहर का दृश्य सुंदर है तथा इस पर ऑस्ट्रेलियन कंपनी का प्रभाव है जो पुरुलिया नाम से डिज़ाइनर घर बनाती है। पुरुलिया के ने आकर्षणों में श्याम राय मंदिर और बिहारीनाथ हिल शामिल हैं। जोयचंदी पहाड़ एक अन्य दर्शनीय स्थान है जो अपने पहाड़ी क्षेत्र के कारण पर्यटकों को आकर्षित करता है।
त्योहार
पुरुलिया में दुर्गा और काली पूजा का त्योहार जोर शोर से मनाया जाता है। दीवाली में पूरा शहर सजा हुआ और विभिन्न रंगों से रंगा हुआ दिखाई देता है। संथाल जनजाति के लोग बंधना त्योहार मनाते हैं जिसमें नृत्य, संगीत आयोजित किया जाता है और मांस से बने हुए पदार्थ बनाए जाते हैं। कभी कभी स्थानीय लोग देशी शराब जिसे हंडिया कहा जाता है, का भी सेवन करते हैं।
कैसे घूमें
इस शहर में परिवहन की कोई समस्या नहीं है फिर भी अपना स्वयं का वाहन होना अच्छा है। फिर भी पुरुलिया में कुछ होटल और लॉज हैं जो सभी सुविधाओं से युक्त हैं तथा उनके स्वयं के वाहन भी हैं जिन्हें किराये पर लिया जा सकता है।
पुरुलिया कैसे पहुंचे
पुरुलिया रास्ते तथा रेलमार्ग से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। यह पश्चिम बंगाल के सभी प्रमुख शहरों को जोड़ता है।
पुरुलिया की यात्रा के लिए उत्तम समय
पुरुलिया की यात्रा के लिए सबसे उत्तम समय ठंड का होता है।
पुरुलिया की यात्रा के लिए उत्तम समय
पुरुलिया की यात्रा के लिए सबसे उत्तम समय ठंड का होता है।



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