अशोक स्तंभ दरअसल उत्तर भारत में मिलने वाले श्रृंखलाबद्ध स्तंभ हैं। जैसा कि नाम से ही साफ है, इन स्तंभों को सम्राट अशोक ने अपने शासनकाल में तीसरी शताब्दी में बनवाया था। हर स्तंभ की ऊंचाई 40 से 50 फीट है और वजन कम से कम 50 टन है। इन स्तंभों को वाराणसी के पास स्थित एक कस्बे चुनार में बनाया गया था और फिर इसे खींचकर उस जगह लाया गया, जहां उसे खड़ा किया गया था।
वैसे तो कई अशोक स्तंभ का निर्माण किया गया था, पर आज शिलालेख के साथ सिर्फ 19 ही शेष बचे हैं। इनमें से सारनाथ का अशोक स्तंभ सबसे प्रसिद्ध है। इन स्तंभों में चार शेर एक के पीछे एक बैठा हुआ है। आज इसे राष्ट्र चिन्ह के रूप में अपना लिया गया है। यह चार शेर शक्ति, शौर्य, गर्व और आत्वविश्वास के सूचक हैं। स्तंभ के ही निचले भाग में बना अशोक चक्र आज राष्ट्रीय ध्वज की शान बढ़ा रहा है।



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