Search
  • Follow NativePlanet
Share
होम » स्थल » सिबसागर » आकर्षण
  • 01तलातल घर

    शिवसागर से 4 किलोमीटर दूर और शहर से बाहर तलातल घर एक महल है जो अहोम राजवंशों का निवास था और आज भी आप यहां इन शासकों के महल देख सकते हैं। बताया जाता है कि ये महल अहोम वंश के दौरान बनाया गया भव्य स्थापत्य चमत्कार में से एक है जो आर्किटेक्चर का एक बेहतरीन नमूना...

    + अधिक पढ़ें
  • 02करेंग घर

    सिबसानगर से 15 किमी दूर गरगांव में स्थित करेंग घर अहोम राजा का महल हुआ करता था। जब अहोम साम्राज्य अपने उत्कर्ष पर था तब गरगांव साम्राज्य का एक प्रमुख केन्द्र था। इस बहुमंजिला महल का निर्माण 1752 में राजा राजेश्वर सिंह ने करवाया था।

    करेंग घर एक सात तल्ला...

    + अधिक पढ़ें
  • 03जॉयसागर तालाब और मंदिर

    जॉयसागर तालाब और मंदिर

    जॉयसागर तालाब का निर्माण अहोम राजा स्वर्गदेव रुद्र सिंह ने 1697 में करवाया था। रंगपुर में स्थित इस तालाब के निर्माण में 45 दिन का समय लगा था और इसे राजा ने अपनी मां की स्मृति में बनवाया था। 318 एकड़ में फैला जॉयसागर देश का सबसे बड़ा मानव निर्मित तालाब है।...

    + अधिक पढ़ें
  • 04शिवडोल

    शिवडोल

    सिबसागर झील के किनारे पर स्थित भगवान शिव को समर्पित शिवडोल सबसे ऊंचा मंदिर है। इसका निर्माण 1734 में अहोम राजा स्वर्गदेव सिबा सिंह की रानी ने करवाया था। सतह से 195 फीट की ऊंचाई पर स्थित इस मंदिर को भारत सबसे ऊंचा शिव मंदिर माना जाता है।

    मंदिर की चोटी पर 8...

    + अधिक पढ़ें
  • 05सिबसागर झील

    सिबसागर झील

    सिबसागर झील या बोरपुखुरी शहर का सबसे बड़ा आकर्षण है। इसका शाब्दि अर्थ होता है भगवान शिव का समुद्र और इसी झील के आधार पर इस शहर का नाम सिबसागर पड़ा। 257 एकड़ में फैला यह झील शहर की तुलना में ज्यादा ऊंचाई पर स्थित है।

    झील के किनारे पर तीन मंदिर भी है, जिसे...

    + अधिक पढ़ें
  • 06पानी दिहिंग पक्षी अभ्यारण्य

    पानी दिहिंग पक्षी अभ्यारण्य

    पानी दिहिंग पक्षी अभ्यारण्य सिबसागर से 22 किमी दूर दिसांग और देमो नदी के बीच स्थित है। यह दलदली भू-भाग 33 वर्ग किमी में फैला हुआ है।  पानी दिहिंग पक्षी अभ्यारण्य मुख्य रूप से हर साल यहां आने वाले प्रवासी पक्षियों के लिए जाना जाता है।

    1996 में इस पक्षी...

    + अधिक पढ़ें
  • 07चराईदेव

    चराईदेव

    चराईदेव की स्थापना पहले अहोम राजा चाऊ लुंग सुई-का-फा ने 1228 में की थी और यह अहोम राजवंश की पहली राजधानी था। यह जगह सिबसागर शहर से 30 किमी दूर है।  अहोम वंश की राजधानी कई बार बदली गई। हालांकि चराईदेव अहोम वंश का सांकेतिक केन्द्र बना रहा।

    यहां अहोम के...

    + अधिक पढ़ें
  • 08गौरीसागर तालाब

    गौरीसागर तालाब

    गौरीसागर तालाब सिबसागर से करीब 12 किमी दूर है। करीब 200 साल पहले बनाए गए इस तालाब के आसपास तीन मंदिर हैं, जो कि दुर्गा और उनके विभिन्न रूपों को समर्पित है। मंदिर के साथ-साथ तालाब का निर्माण भी असम की रानी फुलेश्वरी देवी ने करवाया था।

    वह हिंदू धर्म के सक्ता...

    + अधिक पढ़ें
  • 09ताई अहोम संग्रहालय

    ताई अहोम संग्रहालय

    अगर आप अहोम वंश के पन्नों के माध्यम से असम के अतीत के बारे में पता करना चाहते हैं तो आप ताई अहोम संग्रहालय अवश्य आएं यहाँ के इतिहास के लिए इससे बेहतर जगह कोई नहीं है। इस संग्रहालय में आप अहोम लोगों के  इतिहास, संस्कृति और अहोम वंश के शासन के दौरान लोगों के...

    + अधिक पढ़ें
One Way
Return
From (Departure City)
To (Destination City)
Depart On
20 Aug,Thu
Return On
21 Aug,Fri
Travellers
1 Traveller(s)

Add Passenger

  • Adults(12+ YEARS)
    1
  • Childrens(2-12 YEARS)
    0
  • Infants(0-2 YEARS)
    0
Cabin Class
Economy

Choose a class

  • Economy
  • Business Class
  • Premium Economy
Check In
20 Aug,Thu
Check Out
21 Aug,Fri
Guests and Rooms
1 Person, 1 Room
Room 1
  • Guests
    2
Pickup Location
Drop Location
Depart On
20 Aug,Thu
Return On
21 Aug,Fri