लक्ष्मीनारायण नारायण मंदिर 905 में बनाया गया। भगवान विष्णु और उनकी पत्नी देवी पार्वती को समर्पित इस मंदिर का उद्घाटन 19 जुलाई 1928 को जमनालाल बजाज के द्वारा किया गया।
यह मंदिर मुख्य रूप से हरिजनों के लिए बनाया गया था, जिन्हें समाज के...
विश्व शांति स्तूप भारत में बनाये गए स्तूपों में से एक है। यह गीताई मंदिर के बाजू में है। यह फूजी गुरूजी का एक सपना था जिसे जिन्हें गांधीजी प्यार से इस नाम से बुलाते थे। ऐसा विश्वास है कि फूजी गुरूजी 1935 में जापान से वर्धा आए थे और भारत में इन स्तूपों को बनाने के...
मगन संग्रहालय की स्थापना वर्धा गाँव में मगनवाड़ी में की गई। इसका उद्घाटन 30 दिसंबर 1938 को स्वयं महात्मा गाँधी ने किया था और यह विज्ञान केंद्र के पास स्थित है। यह संग्रहालय गांधीवादी अर्थव्यस्था के दो प्रसिद्द जानकारों आर्यनायकम और डा. जे.सी. कुमारप्पा के...
पौनार गाँव वर्धा के प्राचीन इतिहास का एक प्रमाण है। धाम नदी के किनारे स्थित इस गाँव का नाम प्रसिद्द राजपूत राजा पवन के नाम पर पड़ा। पौनार गाँव के मुख्य आकर्षण परमधाम आश्रम और गाँधी कुटी हैं।
यहाँ के एक स्मारक में आचार्य विनोबा भावे की राख भी है। पौनार गाँव...
गीताई मंदिर एक सुंदर मंदिर है जो गोपुरी गाँव में विश्व शांति स्तूप के पास स्थित है। वर्धा के इस बेहद प्रसिद्द आकर्षण का उद्घाटन सन 1980 में आचार्य विनोबा भावे द्वारा किया गया था। यह मंदिर पत्रों का उपयोग करके बनाया गया है और इसकी स्थापत्य कला अद्वितीय है।
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