लक्ष्मीनारायण नारायण मंदिर 905 में बनाया गया। भगवान विष्णु और उनकी पत्नी देवी पार्वती को समर्पित इस मंदिर का उद्घाटन 19 जुलाई 1928 को जमनालाल बजाज के द्वारा किया गया।
यह मंदिर मुख्य रूप से हरिजनों के लिए बनाया गया था, जिन्हें समाज के अन्य लोग अछूत सझते थे।
यहाँ एक पुस्तकालय भी है जहाँ विभिन्न भारतीय भाषाओँ जैसे संस्कृत, प्राकृत और हिंदी की पुस्तकों का अच्छा खासा संग्रह है। यहाँ वेद और उपनिषद भी हैं।



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