Search
  • Follow NativePlanet
Share
होम » स्थल » चंदेरी » आकर्षण
  • 01हैंडलूम यूनिट

    हैंडलूम यूनिट

    चंदेरी का हैंडलूम (हथकरघा) यूनिट अपनी आकर्षक चंदेरी साड़ियों के लिए देश विदेश में प्रसिद्ध है। चंदेरी ज़री की बुनाई और मलमल की साड़ियों के लिए प्रसिद्ध है जो रेशम और कॉटन (कपास) से बनी होती हैं।

    चंदेरी बुनाई 4 थी शताब्दी में प्रारंभ हुई। इस प्रभावशाली बुनाई ने...

    + अधिक पढ़ें
  • 02हाथ सल

    हाथ सल

    हाथ सल चंदेरी की अन्य दो प्रसिद्ध संरचनाओं बाला किला और खूनी दरवाज़ा के बीच स्थित है। इसका निर्माण पंद्रहवीं शताब्दी के प्रारंभ में हुआ था। हाथ सल को चंदेरी के बाज़ार स्थान के रूप में याद किया जाता है। इस बाज़ार स्थान की विशेषता यह थी कि इस बाज़ार में पैदल यात्रियों...

    + अधिक पढ़ें
  • 03बादल महल

    बादल महल दरवाज़ा वास्तव में एक द्वार की एकैकी संरचना है जो किसी महल में नहीं खुलती। यह ऐतिहासिक दरवाज़ा चंदेरी के केंद्र में जामा मस्जिद के पास स्थित है।

    इस दरवाज़े का निर्माण मालवा के राजा महमूद शाह खिलजी ने 15 वीं शताब्दी में करवाया था। इसका निर्माण एक...

    + अधिक पढ़ें
  • 04बत्तीसी बावड़ी

    बत्तीसी बावड़ी

    बत्तीसी बावड़ी चंदेरी की सबसे प्रसिद्ध और बड़ी बावड़ी है। ऐसा विश्वास है कि जब तक समुद्र में पानी रहेगा तब तक इस बावड़ी में पानी रहेगा। इस बावड़ी के बारे में रोचक बात यह है कि पूरे साल इस बावड़ी में पानी का स्तर एक जैसा रहता है।

    इस बावड़ी का आकार चौकोर है जिसकी...

    + अधिक पढ़ें
  • 05कौशक महल

    कौशक महल

    कौशक महल एक प्रभावशाली महल है जो चंदेरी से 4 किमी. की दूरी पर स्थित है। इस महल का निर्माण मालवा के सुल्तान महमूद शाह खिलजी ने 1445 में करवाया था। इसका निर्माण कालपी के युद्ध में महमूद शाह को मिली जीत की याद में करवाया गया।

    इस युद्ध में उसने सुल्तान महमूद...

    + अधिक पढ़ें
  • 06शहज़ादी का रौज़ा

    शहज़ादी का रौज़ा

    शहज़ादी का रौज़ा एक प्रभावशाली स्मारक है जो 12 फुट की ऊंचाई पर बना हुआ है। यह संरचना परमेश्वर तालाब के पास स्थित है। बाहरी दीवार ऊंची पहली मंजिल और छोटी दूसरी मंजिल को दर्शाती है। इन दोनों मंजिलों पर छज्जे अद्वितीय रूप से डिज़ाइन किये हुए सर्पिल कोष्ठकों पर रखे हुए...

    + अधिक पढ़ें
  • 07पठानी दरवाज़ा

    पठानी दरवाज़ा

    पठानी दरवाज़ा चंदेरी में स्थित एक भव्य प्रवेश द्वार है। यह दरवाज़ा बीते हुए समय की भव्यता का प्रमाण है। संकरे बुर्ज़ वास्तुकला की प्रभावशाली शैली को प्रदर्शित करते हैं और प्राचीन काल में शहर में प्रचलित थे। इस संरचना के सजावटी फ़लक इस संरचना की वास्तुकला की उत्कृष्टता...

    + अधिक पढ़ें
  • 08पुराना चंदेरी

    पुराना चंदेरी

    पुराना चंदेरी, चंदेरी से 19 किमी. की दूरी पर उर्वशी नदी के किनारे स्थित है। इस स्थान को बुड्ढी चंदेरी भी कहा जाता है। इससे कई ऐतिहासिक और वैदिक महत्व जुड़े हुए हैं और इसे महाकाव्यों में इतिहास के पन्नों में स्थान प्राप्त है। पुराना चंदेरी गाँव जैन समुदाय का मुख्य...

    + अधिक पढ़ें
  • 09राजा महल

    राजा महल

    राजा महल सात मंजिला इमारत है जो चंदेरी के अंदर शहर में स्थित है। यह उन कुछ महलों में से एक है जो आज भी चंदेरी की शोभा बढ़ाते हैं। एक समय था जब चंदेरी में 260 महल थे, जिनमें से आज केवल 43 ही बचे हैं। यह महल 15 वीं शताब्दी की वास्तुकला शैली को दर्शाता है।

    यह...

    + अधिक पढ़ें
  • 10सिंहपुर महल

    सिंहपुर महल विंध्याचल की श्रेणियों में हरे भरे वातावरण में स्थित है। यह महल चंदेरी से 4 किमी. की दूरी पर स्थित है। इस महल की इमारत तीन मंज़िला है जिसका निर्माण वर्ष 1965 में देवी सिंह बुंदेला ने करवाया था। इस महल का निर्माण शिकार के दौरान राजा के विश्राम गृह के...

    + अधिक पढ़ें
  • 11थरुवंजी

    थरुवंजी

    थरुवंजी, चंदेरी के पास स्थित एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। यह एक पुराना गाँव है जो चंदेरी शहर से 26 किमी. की दूरी पर दक्षिण पश्चिम में स्थित है। यह गाँव सभी लोगों के लिए एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है परंतु जैन लोगों के लिए इसका विशेष महत्व है।

    थरुवंजी इस गाँव...

    + अधिक पढ़ें
  • 12रानी महल

    रानी महल

    चंदेरी के राजमहल को बनाने वाले दो किलो में से एक रानी महल है। दोनों महलों में रानी महल छोटा है। यह चार मंज़िला इमारत है जो एक गुप्त रास्ते से राजा महल से जुड़ी हुई है।

    यद्यपि ये दोनों महल पास पास बने हैं फिर भी इनकी वास्तुकला की शैली और डिज़ाइन अलग अलग हैं।...

    + अधिक पढ़ें
  • 13परमेश्वर तालाब

    परमेश्वर तालाब

    परमेश्वर ताल एक शानदार जल स्त्रोत है जिसके आसपास का वातावरण रमणीय है। यह तालाब ऐतिहासिक चंदेरी शहर से आधे किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इसका निर्माण बुंदेल राजपूत राजाओं ने करवाया था। तालाब के किनारे भगवान लक्ष्मण को समर्पित एक मंदिर है। यह मंदिर वास्तुकला का एक...

    + अधिक पढ़ें
  • 14देवगढ़

    देवगढ़

    देवगढ़ बेतवा नदी के किनारे स्थित एक सुंदर गाँव है। यह छोटा सा गाँव प्राकृतिक सुन्दरता से घिरा हुआ है और इसका समृद्ध इतिहास है। यह चंदेरी से 71 किमी. की दूरी पर स्थित है।

    यह गाँव एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थान है। देवगढ़ में बहुत सारी संरचनाएं और पुरातात्विक महत्व...

    + अधिक पढ़ें
  • 15बाला किला

    बाला किला

    बाला किला एक छोटा परंतु महत्वपूर्ण किला है। यह उस पहाड़ी की तलहटी में स्थित है जिस पर कीर्ति दुर्ग बना हुआ है। इस किले का नाम कन्निंघुम के द्वारा रखा गया। बाला किले का मुख्य आधार गोलाकार है जिसका आयाम 7 मीटर है और यह 70 मीटर पर स्थित है।

    किले से पत्थर के...

    + अधिक पढ़ें
One Way
Return
From (Departure City)
To (Destination City)
Depart On
31 Jul,Fri
Return On
01 Aug,Sat
Travellers
1 Traveller(s)

Add Passenger

  • Adults(12+ YEARS)
    1
  • Childrens(2-12 YEARS)
    0
  • Infants(0-2 YEARS)
    0
Cabin Class
Economy

Choose a class

  • Economy
  • Business Class
  • Premium Economy
Check In
31 Jul,Fri
Check Out
01 Aug,Sat
Guests and Rooms
1 Person, 1 Room
Room 1
  • Guests
    2
Pickup Location
Drop Location
Depart On
31 Jul,Fri
Return On
01 Aug,Sat