Search
  • Follow NativePlanet
Share
होम » स्थल » जूनागढ़ » आकर्षण
  • 01सतगुरु रोहिदास आश्रम

    सतगुरु रोहिदास आश्रम गुजरात के जूनागढ़ जिले के सरसाई गांव में वह आश्रम है, जहां सतगुरु रविदास (बाद में जिन्हें सतगुरु रोहिदास जी के रूप में जाना जाने लगा) ने अपने जीवन के 15 साल बिताए थे। सरसाई के लोगों के अनुसार, आश्रम में सतगुरु रोहिदास जी से संबंधित आश्रम में 7...

    + अधिक पढ़ें
  • 02जामा मस्जिद

    जामा मस्जिद ऊपरकोट के अंदर स्थित है। यह मस्जिद पहले रानकदेवी का महल था। इसे बाद में सौराष्ट्र के राजकुमार को पराजित करने के बाद सुल्तान मोहम्मद बेगडा द्वारा एक मस्जिद में बदल दिया गया था। खूबसूरत मस्जिद अपने 140 खंभों के लिए जानी जाती है, जो छत को सहारा देती है।

    + अधिक पढ़ें
  • 03अशोक के शिलालेख

    अशोक के शिलालेख उनकी सम्राट अशोक के शासन काल के दौरान उनके द्वारा निर्मित चट्टानों पर शिलालेख हैं। अशोक के कई शिलालेखों के बीच चट्टानों के शिलालेख सबसे महत्वपूर्ण माने जाते हैं। यह गुजरात में जूनागढ़ के सौराष्ट्र प्रायद्वीप पर स्थित है। चूंकि यह गिरनार की ऊंची...

    + अधिक पढ़ें
  • 04सक्करबाग चिड़ियाघर

    सक्करबाग चिड़ियाघर जूनागढ़ में वर्ष 1863 में 200 हेक्टेयर के क्षेत्र पर स्थापित किया गया था। चिड़ियाघर ख़ालिस एशियाई शेर के जैसे जानवरों की कुछ लुप्तप्राय प्रजातियों और नस्लों को बचाने के प्रयास में है। चिड़ियाघर में जानवरों की कई दुलर्भ प्रजातियां हैं, जैसे...

    + अधिक पढ़ें
  • 05दामोदरजी मंदिर

    दामोदरजी मंदिर

    दामोदरजी मंदिर जूनागढ़ में दामोदर कुंड के उत्तर में अश्वथामा पहाड़ी के पास स्थित है। माना जाता है, कि मंदिर भगवान कृष्ण के पौत्र, वज्रनभ द्वारा निर्मित किया गया है।

    + अधिक पढ़ें
  • 06दरबार हॉल संग्रहालय

    दरबार हॉल संग्रहालय जूनागढ़ में सबसे ज्यादा घूमे जाने वाले आकर्षणों में से एक है। वर्तमान दरबार हॉल संग्रहालय पहले जूनागढ़ के तत्कालीन नवाबों द्वारा एक दरबार (अदालत) के रूप में इस्तेमाल किया गया था। संग्रहालय पर्यटकों को जूनागढ़ के नवाबों की जीवन शैली की एक झलक...

    + अधिक पढ़ें
  • 07नरसी मेहता नो चोरो

    नरसी मेहता नो चोरो

    नरसी मेहता नो चोरो वह स्थान है, जहां 15 वीं सदी के दौरान महान कवि, संत और सुधारक नरसी मेहता ने अपनी विधानसभाओं और खोजों को आयोजित किया था। यह भी कहा जाता है, कि भगवान कृष्ण अपने प्रिय भक्त नरसी मेहता के लिए इस जगह पर "रासलीला" किया करते थे।

    + अधिक पढ़ें
  • 08अडी-कडी वाव और नवघन कुवो

    अडी-कडी वाव और नवघन कुवो ऊपरकोट के अंदर स्थित सीढ़ी वाले दो कुएं हैं। अन्य सीढ़ी वाले कुओं के विपरीत यह एक ही चट्टान से बने हैं और कोई अन्य बाहरी तत्व उनके निर्माण में उपयोग नहीं किए गए हैं। अडी-कडी वाव 9 परतों वाला एक गहरा कुआं है। सीढ़ी नुमा कुआं 15 वीं सदी में...

    + अधिक पढ़ें
  • 09बौद्ध गुफाएं

    बौद्ध गुफाएं ऊपरकोट के अंदर पाई जाती हैं। यह भिक्षुओं के क्वार्टर माने जाते हैं और माना जाता है ये लगभग 1500 साल पुराने हैं। ये "गुफाएं" ठोस पत्थर की नक्काशियों और फूलदार कार्यों में सम्रद्ध हैं।

    + अधिक पढ़ें
  • 10ऊपरकोट

    ऊपरकोट जूनागढ़ का सबसे पुराना स्थान है और इस क्षेत्र का मुख्य केंद्र है। यह ऊपरी गढ़ है, जो करीब 2300 साल पहले बनाया गया था। यहां कुछ स्थानों पर 20 मी ऊंची दीवारें हैं। यहाँ की गुफाएं 1 से 4 सदी ई. में निर्मित मानी जाती हैं। उन्में सुंदर प्रवेश द्वार और खंभे, पानी...

    + अधिक पढ़ें
One Way
Return
From (Departure City)
To (Destination City)
Depart On
10 Jul,Fri
Return On
11 Jul,Sat
Travellers
1 Traveller(s)

Add Passenger

  • Adults(12+ YEARS)
    1
  • Childrens(2-12 YEARS)
    0
  • Infants(0-2 YEARS)
    0
Cabin Class
Economy

Choose a class

  • Economy
  • Business Class
  • Premium Economy
Check In
10 Jul,Fri
Check Out
11 Jul,Sat
Guests and Rooms
1 Person, 1 Room
Room 1
  • Guests
    2
Pickup Location
Drop Location
Depart On
10 Jul,Fri
Return On
11 Jul,Sat