श्रवणबेलगोलापर्यटन - जहां गोमतेश्वर की विशालकाय प्रतिमा स्थित है
गोमतेश्वर की 17.5 मीटर ऊंची मूर्ति आपको श्रवणबेलगोलामें कदम रखने से पूर्व ही दूर से दिखाई पड़ती है। 978 ई0 की यह मूर्ति इस बात का प्रमाण है कि श्रवणबेलगोलासदियों से सर्वाधिक......
घाटी सुब्रमण्य - जिसे कहते हैं मूर्तियों और शीशे का शहर
दोद्दबल्लापुर के पास घाटी सुब्रमण्य मंदिर बेंगलूरु शहर से 60 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह बेंगलूरु के ग्रामीण जिले में बसा है। काफी समय से यह मंदिर तीर्थ यात्रियों के......
बेंगलुरु पर्यटन - भारत का नया चेहरा
भीड़—भाड़ वाले मॉल, आम लोगों से खचाखच भरी सड़कें और गगनचुंबी इमारतें, ऐसा नजारा आपको देखने को मिलेगा बेंगलुरु में। बेंगलुरु यानी इसे आप भारत की नई पीढ़ी का शहर भी कह सकते......
रामनगरम - रेशम और शोले!
रामनगरम, जिसे सिल्क सिटी (रेशम का शहर) भी कहा जाता है, बैंगलोर के दक्षिण पश्चिम में लगभग 50 किमी. की दूरी पर स्थित है और यह स्थान रामनगर जिले का मुख्यालय भी है। कर्नाटक के अन्य......
देवआर्यनदुर्ग पर्यटन - घाट के किनारे सैर
हरे घने जंगलों से घिरी देवआर्यनदुर्ग की चट्टानी पहाडि़याँ वास्तव में इस हिल स्टेशन की यात्रा को सुखद बनाती है। 3940 फीट की ऊँचाई पर स्थित होने के कारण इस शहर की जलवायु इसी......
नृत्यग्राम – आपकी रातें और नृत्य
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श्रीरंगापट्नम - जहाँ इतिहास जीवंत होता है।
श्रीरंगापट्नम एक ऐतिहासिक शहर है जो आपकी कर्नाटक यात्रा को यादगार बना देता है। श्रीरंगापट्नम कावेरी नदी की दो धाराओं से घिरा एक उपद्वीप है। यह उपद्वीप मैसूर के बहुत पास लगभग 13......
चिकबल्लापुर पर्यटन - श्री विश्वेस्वराय का जन्मस्थान
चिकबल्लापुर कर्नाटक के नए चिकबल्लापुर जिले का जिला मुख्यालय है। यह जिलान पहले कोलार जिले का एक हिस्सा था, यहां कई आकर्षक पर्यटक आकर्षण हैं। चिकबल्लापुर शहर बैंगलोर से 50......
कुरूदुमाले पर्यटन - जहां भगवान मिलते है
कुरूदुमाले, कर्नाटक के कोलार जिले में स्थित है और इसे एक प्रमुख तीर्थस्थल के रूप में जाना जाता है। कुरूदुमाले में भगवान गणेश की मूर्ति स्थित है जिसे बहुत शक्तिशाली माना......
नंजनगुड - मंदिरों का शहर
नंजनगुड मैसूर जिले में छोटा सा कस्बा है। यह समुद्री तट से 2155 फीट की ऊंचाई पर है। नंजनगुड पर कई शासनकारों ने राज किया, पर इनमें से प्रमुख हैं गंगा राजवंश, होय्सला राजवंश......
मैसूर पर्यटन - कर्नाटक की सांस्कृतिक राजधानी
मैसूर कर्नाटक की सांस्कृतिक राजधानी होने के साथ-साथ राज्य का दूसरा सबसे बड़ा शहर भी है। दक्षिण भारत का यह प्रसिद्ध पर्यटन स्थल अपने वैभव और शाही परिवेश के लिए जाना जाता है।......
अंतरगंगे - एक पूर्णतया साहसिक स्थल
अंतरगंगे एक ऐसा स्थान है जो की निश्चित रूप से साहसिक लोगों को लुभाता है। अंतरगंगे वास्तव में एक बारहमासी वसंत है जो पहाड़ियों पर कर्नाटक में कोलार जिले के पूर्व में स्थित है।......
भीमेश्वरी - झरनों के बीच बसा शहर
यदि आप बैंगलोर या मंड्या जिले या उसके आस-पास के शहर में रहते हैं और आपको अपना वीकेंड सुहावना बनाना है, तो भीमेश्वरी आपकी च्वॉइस में शामिल हो सकता है। भीमेश्वरी,......
सावनदुर्ग - रोमांचक यात्रा
सावनदुर्ग प्रसिद्ध है अपनी दो पहाड़ियां, मंदिरों और नैसर्गिक सौन्दर्य के लिए। बैंगलोर से 33 कि.मी दूर होने के कारण, भारत के किसी भी कोने से यहाँ पहुँच सकते हैं। पहाड़ियां और......
नंदी हिल्स पर्यटन - इतिहास और प्रकृति का मिश्रण
नंदी हिल्स, बंगलौर से 60 किमी. की दूरी पर स्थित है जो समुद्र स्तर से 4,851 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। नंदी हिल्स, चिक्काबल्लापुर जिले में स्वांकी......
एमएम हिल्स - भगवान शिव से करनी हो मुलाकात तो यहां आइये
मेल महादेश्वरा पहाडि़यों में भगवान शिव का सुंदर मंदिर यात्रा का मुख्य आकर्षण है साथ ही साथ यह क्षेत्र प्रकृति प्रेमियों के लिए भी देखने लायक है। यह तेजस्वी......
बीआर पर्वतीय पर्यटन - मंदिरों एवं पर्वतीय शांति का शहर
बी आर हिल्स या बिलगिरी रंगना हिल्स पश्चिमी घाट की पूर्वी सीमा पर स्थित एक पर्वतीय श्रंखला है। पूर्वी और पश्चिमी घाट के मिलन बिन्दु पर स्थित यह श्रंखला एक विस्तृत पारिस्थितिकी......