किशनगढ़ - संगमरमर सिटी
राजस्थान स्थित किशनगढ़ एक शहर के साथ एक नगर पालिका है जो अजमेर के उत्तर पश्चिम में स्थित है और वहां से 29 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। किशनगढ़ ब्रिटिश राज के दौरान जोधपुर रियासत......
सीकर - जहाँ दिखता है पिछला इतिहास
सीकर, भारतीय राज्य, राजस्थान के उत्तरपूर्वी भाग में स्थित एक बहुत ही प्रसिद्ध पर्यटन केंद्र है। गुलाबी शहर, जयपुर के बाद यह दूसरा सबसे अधिक विकसित शहर है तथा सीकरजि़ले का......
चित्तौड़गढ़ – ऐतिहासिक चमत्कार जो आपको याद रहेगा
चित्तौड़गढ़ शहर राजस्थान में स्थित है जो लगभग 700 एकड़ के क्षेत्र में फैला हुआ है और अपने शानदार किलों, मंदिरों, दुर्ग और महलों के लिए जाना जाता है।पौराणिक कथाओं में चित्तौड़गढ़इस......
नाथद्वारा - छोटे प्रभु की भूमि
नाथद्वार जिसे "मेवाड़ का अपोलो" भी कहा जाता है, राजस्थान के उदयपुर में बनास नदी के किनारे स्थित है।कला और प्राचीन कलाकृति का साम्राज्ययह टाउन अपने पिछवाई पेंटिंग और रंगीन......
पाली - औद्योगिक शहर
राजस्थान राज्य में स्थित पाली शहर को औद्योगिक शहर के नाम से भी जाना जाता है। यह पाली जिले का प्रशासनिक मुख्यालय है। यह प्रसिद्ध पर्यटक केन्द्र बाँदी नदी के किनारे पर बसा है।......
विराट नगर - अल्पज्ञात आश्चर्यों की भूमि
विराट नगर एक उभरता पर्यटन स्थल है जो राजस्थान की पिंक सिटी, जयपुर से 75 किमी. दूर स्थित है। यह जगह वैराट के नाम से भी लोकप्रिय है और मशहूर पर्यटन स्थलों सिलीसेरह,......
नागौर - एक मनोरम शहर
नागौर, राजस्थान राज्य में स्थित एक ऐतिहासिक शहर है। इस शहर को नागा क्षत्रियों के द्वारा स्थापित किया गया था। नागौर शहर, नागौर जिले के मुख्यालय के रूप में......
कुम्भलगढ़ - ग्रेट वॉल ऑफ चाइना के समान है यहाँ के किले की दीवार
कुम्भलगढ़, राजस्थान के राजसमन्द जिले में स्थित एक विख्यात पर्यटन स्थल है। यह स्थान राज्य के दक्षिणी भाग में स्थित है और कुम्भलमेर के नाम से भी जाना जाता है। कुम्भलगढ़ किला......
शेखावाटी - प्राचीन हवेलियों और उत्सवों का शहर
राजस्थान के उत्तर पूर्वी रेगिस्थान में स्थित शेखावाटी, भारतीयों के लिए बहुमूल्य एतिहासिक स्थल है। महाकाव्य महाभारत में इस स्थान से संबंधित कई संदर्भ मौजूद है, कहा जाता है कि......
खिमसार - रेत टिब्बा और एक शानदार किले वाला स्थान
खिम्सर एक छोटा सा पुरवा है तो राजस्थान स्थित थार मरुस्थल के किनारे पर है। इस गाँव के बिलकुल बीचों बीच एक पानी की झील है जो इस सूखे मरुस्थल को एक सुरम्य नखलिस्तान में......
कोटा - महलों, किलों और छ: गज का जादू
राजस्थान राज्य में स्थित प्रमुख शहरों में से कोटा एक है जो चंबल नदी के किनारे पर बसा हुआ है। इसे राज्य की औद्योगिक राजधानी के रूप में भी जाना जाता है क्यूंकि......
लाडनू - जैन देवताओं की भूमि
राजस्थान के नागौर जिले में स्थित लाडनू एक पर्यटक स्थल है। यह शहर पहले चंदेरी नगरी के नाम से जाना जाता था। यह स्थान परमश्रद्धेय व्यक्तित्व आचार्य तुलसी की जन्मस्थली है,उन्होनें......
सवाई माधोपुर - कई अच्छी बातें
सवाई माधोपुर राजस्थान के राज्य में एक छोटे शहर जयपुर से लगभग 180 किमी है। शहर चंबल नदी के किनारे पर स्थित है। 18 वीं सदी में जयपुर क्षेत्र के शासक महाराजा सवाई माधो सिंह प्रथम......
रणकपुर – मंदिरों का शहर
रणकपुर, राजस्थान के पाली जिले का एक छोटा सा गांव है। रणकपुर, उदयपुर और जोधपुर के बीच अरावली पर्वत श्रृंखला के पश्चिम की ओर स्थित है। यह गांव 15 वीं सदी के रणकपुर जैन मंदिर के......
बूंदी-समय के साथ रूका हुआ शहर
बूंदी एक जिला है जो राजस्थान के हाडोती क्षेत्र में स्थित है। बूंदी कोटा से 36 किमी की दूरी पर स्थित है। अलंकृत किले, शानदार महल और राजपूत वास्तुकला, सुंदरता से नक्काशी किये गए......
जयपुर - गुलाबी नगरी
जयपुर, भारत के पुराने शहरों में से एक है जिसे पिंक सिटी के नाम से जाना जाता है। राजस्थान राज्य की राजधानी कहा जाने वाला जयपुर शहर एक अर्द्ध रेगिस्तान क्षेत्र में......
अजमेर - अरावली की गोद में एक रत्न
अजमेर राजस्थान के अजमेर जिले में स्थित है जो राज्य का पाँचवा बड़ा शहर है और राजधानी शहर जयपुर से 135 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। पहले इसे अजमेरे या अजयमेरु के नाम से जाना जाता......
देशनोक - अद्वितीय पूजा के साथ एक गाँव
देशनोक एक छोटा सा पुरवा है जो राजस्थान के कैमल कंट्री बीकानेर में स्थित है । पहले इस स्थान का नाम दस नोक था जिसका अर्थ होता है दस कोने बताया जाता है की पहले यहाँ की दस......
फलोदी - जो है नमक का शहर
राजस्थान के जोधपुर जिले में स्थित पर्यटक केन्द्र फलोदी 'सॉल्ट सिटी' के नाम से मशहूर है। यह स्थान महान थार मरुस्थल के 'गोल्डेन सिटी' जैसलमेर और 'सन सिटी' जोधपुर शहरों के बीच......
टोंक – दिलचस्प पौराणिक कथाओं का शहर
टोंक शहर राजस्थान के टोंक जिले में बनास नदी के किनारे स्थित है। कभी विरासत के राज्य रहे इस शहर पर भारत की स्वतंत्रता के पहले कई राजवंशों ने शासन किया। यह जयपुर शहर से 95 किमी.......
रणथंभौर - दुर्लभ और जंगल का अनोखा संगम
रणथंभौर, को रणथंबोर और राथाम्भोरे भी पढ़ा जाता है, यह एक सचित्र गंतव्य है। यह सवाई माधोपुर शहर से 12 किमी की दूरी पर स्थित है। इस जगह का नाम दो पहाड़ियों के नाम रन और थम्बोर के......