मालेगट्टी शिवालय एक चट्टानी पहाड़ी पर शहर से 2 किमी. की दूरी पर स्थित है तथा यह 7 वीं शताब्दी के प्राचीन पाषाण मंदिरों में से एक है। यह मंदिर माला बनाने वाले, भगवान शिव के कोमल पहलू को समर्पित है तथा इसे बिना मोर्टार तथा द्रविड़ स्तंभों के बनाया गया है।
इसके नीचे के शिवालय में द्रविड़ टॉवर है, हालाँकि उस संरचना का अब केवल गर्भगृह विद्यमान है।यहाँ दो शिलालेख पाए गए हैं; जिनमें से एक के अनुसार मालेगट्टी शिवालय का निर्माण आर्यमिंची उपाध्याय नामक मूर्तिकार ने किया था जबकि दूसरे 1543 के शिलालेख के अनुसार विजयनगर के शासनकाल के दौरान एक गढ़ की स्थापना हुई थी।
यहाँ एक बड़ा अन्न भंडार, किले की दुहेरी दीवारें, अनेक वास्तु चमत्कार तथा एक भूमिगत कक्ष भी है। पर्यटकों को सलाह दी जाती है कि बादामी शहर से होकर गुज़रते समय बादामी किले के अंदर स्थित इस किले की सैर अवश्य करें।



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