जयंतिया हिल्स अपनी पहाड़ियों और घाटियों के अद्भुत सौंदर्य के लिए जाना जाता है। ढेरों पहाड़ियों के साथ-साथ यहां घुमावदार नदियों की भी कोई कमी नहीं है। जयंतिया हिल्स पर्यटन न सिर्फ अपनी नैसर्गिक सुंदरता के लिए जाना जाता है, बल्कि इसका ऐतिहासिक महत्व होने के साथ-साथ वर्तमान के बांग्लादेश से भी इसका गहरा संबंध है।
यहां के जयंतिया राजा अपने राज्य की राजधानी जयंतियापुर में रहते थे, जो कि वर्तमान में बांग्लादेश में है। उन्होंने इस पहाड़ी पर बसे एक छोटे से गांव नारतियांग को अपना ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाया। इससे न सिर्फ आवागमन बढ़ा, बल्कि सांस्कृतिक संबंधों को भी मजबूती मिली। दो जिले, अर्थात पश्चिमी जयंतिया हिल्स और पूर्वी जयंतिया हिल्स को मिला कर जयंतिया हिल्स के नाम से जाता है।
पश्चिमी जयंतिया हिल्स का जिला मुख्यालय जोवाई है, वहीं पूर्वी जयंतिया हिल्स का जिला मुख्यालय खलीहरियत है। नारतियांग जयंतिया हिल्स पर्यटन का एक अहम हिस्सा है। यहां के एक खास क्षेत्र में एकाश्म (पत्थरों का स्तंभ) का सबसे बड़ा संकलन है। साथ ही नारतियांग का दुर्गा मंदिर भी इस क्षेत्र का एक प्रमुख आकर्षण है।
कैसे पहुंचे
शिलांग से जोवाई करीब 65 किमी है, जिसे तय करने में 2 घंटे का समय लगता है। जयंतिया हिल्स में सड़क मार्ग ही आवागमन का सबसे सशक्त जरिया है। जयंतिया हिल्स के विभिन्न पर्यटन स्थल घूमने वाले पर्यटक जोवाई में बेस कैंप लगाते हैं।
जयंतिया हिल्स का मौसम
बरसात के समय में जयंतिया हिल्स में भारी बारिश होती है। यहां ज्यादा गर्मी नहीं पड़ती है और ठंड के समय आसमान में घने बादल छाए रहते हैं। जयंतिया हिल्स घूमने का सबसे अच्छा समय गर्मी का होता है, जब यहां सबसे कम वर्षा होती है।



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