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नाहन - शिवालिक हिल्स का रत्न

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नाहन रसीले हरे जंगलों और बर्फ से ढकी पर्वत श्रृंखला से घिरा हुआ एक शानदार शहर है। यह हिमाचल प्रदेश में शिवालिक पहाड़ियों पर बसा है। नाहन राजा करन प्रकाश द्वारा 1621 में स्थापित किया गया था। उन्होने रक्षाबंधन त्यौहार पर पतंग उड़ाने की परंपरा शुरू किया जो आज भी जारी है।

यह कहा जाता है आज जहाँ नाहन महल खड़ा है वहाँ पर एक संत नाहर नाम के साथी के साथ रहते थे। "नाहर" का अर्थ है "मत मारो" और यह शहर शायद एक ऐतिहासिक घटना से आपना नाम लेता है, जब एक राजा ने एक शेर को मारने की कोशिश की और संत ने कहा नाहर, जिसका मतलब है मत मारो।

संत का नाम था बाबा बनवारी दास । समुद्र स्तर से ऊपर 932 मीटर की ऊंचाई पर स्थित, नाहन में सुकेती जीवाश्म पार्क, संबलवारा वन्यजीव अभयारण्य, और रेणुका वन्यजीव पार्क जैसे सुन्दर पर्यटन स्थल है। नाहन में कई किले, मंदिर और झीलें हैं। रेणुका झील 3214 मीटर की एक विशाल सीमा के साथ हिमाचल प्रदेश की सबसे बड़ी झील है।

बाबा जमदग्नि और उनके बेटे परशुराम की एक पौराणिक कहानी इस खूबसूरत झील से संबंधित है। चौगान, बिक्रम बाग, खादर-का-बाग दैनिक गतिविधियों के लिए है नाहन के मुख्य केन्द्र हैं। स्थानीय मंदिर, उपहार की दुकानें, राल और तारपीन का कारखाना इस जगह के अन्य प्रमुख आकर्षण हैं।

नाहन शहर के केंद्र में स्थित रानी ताल, जहाँ एक बड़ा मंदिर और एक पानी का तालाब है। रानी ताल जो रानी झील के रूप में जाना जाता है, एक शाही विरासत है, और यह नाहन शाही परिवार के प्रयोग के लिए था। हाल ही में, यह गंतव्य एक सार्वजनिक पिकनिक स्थल में बदल दिया गया। रानी ताल टैंक और रानी ताल गार्डन में बतख और क्रेन इस जगह के आकर्षण को बढ़ाते हैं।

माल रोड युवाओं के लिए एक और लोकप्रिय गंतव्य है। जैतक नाहन के सबसे पुराने किलों में से एक है, जिसे गोरख नेता रंजौर सिंह थापा और उनके अनुयायियों द्वारा निर्मित किया गया। उन्होने नाहन किले पर हमला किया है और नाहन किले के खंडहर से एकत्र सामग्री से ही जौतक हिल्स के शीर्ष पर जौतक किले का निर्माण कराया।

इसके अलावा, जगननाथ मंदिर, रेणुका मंदिर और त्रिलोकपुर मंदिर जैसे धार्मिक स्थल नाहन के अन्य प्रमुख आकर्षण हैं। रेंजर पैलेस और पक्का तालाब नाहन के विरासत स्थल हैं। जामू  पीक और चूरधार पीक ट्रैकिंग और अन्य पर्वतीय खेलों के लिए अनुकूल स्थल हैं।

नाहन की यात्रा की योजना बना रहे यात्री हवाई, रेल और सड़क के माध्यम से गंतव्य तक पहुँच सकते हैं। नाहन का दौरा वर्ष भर कर सकते हैं। गर्मी का मौसम मार्च के महीने में शुरू होता है और जून तक रहता है। यात्री पतझड़ के मौसम के दौरान भी नाहन घूम सकते हैं क्योंकि मौसम दर्शनीय स्थलों की यात्रा और ट्रैकिंग के लिए सुखद रहता है। सर्दियाँ ठंडी और पालेदार होती हैं।

नाहन इसलिए है प्रसिद्ध

नाहन मौसम

घूमने का सही मौसम नाहन

  • Jan
  • Feb
  • Mar
  • Apr
  • May
  • Jun
  • July
  • Aug
  • Sep
  • Oct
  • Nov
  • Dec

कैसे पहुंचें नाहन

  • सड़क मार्ग
    नाहन को देखने में रुचि रखने वाले यात्री बस से गंतव्य तक की यात्रा कर सकते हैं। दिल्ली, शिमला और कुल्लू की जैसे आसपास के स्थानों को जोड़ने वाली विभिन्न प्रकार की शानदार बसों से नाहन पहुँचा जा सकता है। इसके अलावा सरकार के स्वामित्व वाली बस सेवा भी उपलब्ध है जो यात्रियों के लिए एक सस्ता विकल्प है।
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  • ट्रेन द्वारा
    अंबाला निकटतम रेलवे स्टेशन है जो नाहन से 100 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है । रेलवे स्टेशन मुंबई, नई दिल्ली, पुणे, देहरादून और चंडीगढ़ सहित देश के प्रमुख शहरों से जुड़ा है। अंबाला रेलवे स्टेशन पर पहुंचने पर यात्री एक टैक्सी या बस लेकर नाहन तक पहुँच सकते हैं।
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  • एयर द्वारा
    देहरादून और चंडीगढ़ निकटतम हवाई बेस, नाहन से 100 किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं। ये हवाई अड्डे भारत के प्रमुख हवाई अड्डों, अर्थात् नई दिल्ली, मुंबई, शिमला, लेह, अमृतसर से अच्छी तरह से जुड़े हैं। चंडीगढ़ हवाई अड्डे से नाहन तक पहुँचने के लिए बसें और टैक्सियां ​​आसानी से उपलब्ध हैं।
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