Search
  • Follow NativePlanet
Share
होम » स्थल» सराहन

सराहन -भीमाकली का धाम

17

सराहन, सतलुज घाटी में स्थित एक सुंदर जगह, हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले का एक प्रमुख पर्यटक गंतव्य है। यह जगह आगंतुकों को सबसे अच्छे रूप में अपने प्रकृति की खोज का अवसर प्रदान करता है। समुद्र स्तर से 2165 मीटर की औसत ऊंचाई पर स्थित, यह जगह अपने सेब के बगीचे, देवदार के जंगलों, छोटी नदियों, देहाती माहौल और स्लेट की छत वाले घरों के लिए लोकप्रिय है।

यहाँ सराहन के साथ कई मिथक और लोककथायें जुड़ी हैं। जैसा कि कहा जाता है, कुल्लू के राजा ने पड़ोसी राज्य बुशैर पर युद्ध की घोषणा की। बुशैर का राजा ने युद्ध जीता और कुल्लू के राजा को मार डाला। तब उसमे सराहन के मृत राजा का धड़ से अलग सिर लाकर और लोगों को देखने के लिए बाहर रखा। जब मृत राजा के परिवार वालों ने बुशैर के राजा से अपने राजा के सिर को देने की मांग की जिससे वे अंतिम संस्कार कर सकें, तब राजा की घोषणा की कि वह केवल तीन शर्तों के तहत उनके अनुरोध को मानेगा।

एक शर्त यह थी कि कुल्लू के लोग कभी भी उसके शासन को कभी चुनौती न देने का वादा करना होगा। एक और शर्त यह थी कि भूमि उसके द्वारा जब्त कर ली गई थी और उसी की रहेगी। अंतिम शर्त के अनुसार, रघुनाथ के चित्र, क्षेत्र के प्रमुख देवता, जिसे सराहन से दूर ले जाया गया था, लौटाया नहीं जाएगा।

तीनों शर्तों को बुशैर के शासक द्वारा दशहरा के त्योहार का जश्न मनाने के तहत स्वीकार कर लिए गए। राजा ने शर्तों को स्वीकार किया और इस प्रकार दशहरा क्षेत्र का एक प्रमुख त्योहार बन गया है। इस के बाद, रघुनाथ का चित्र देवी भीमाकली के बगल में रखा गया। सराहन के कई पर्यटक आकर्षण है, उनमें से, भीमाकली मंदिर परिसर, बर्ड पार्क, और भाभा घाटी, उल्लेखनीय हैं।

भीमाकली मंदिर परिसर कम से कम 800 साल पुराना माना जाता है। भक्तों की बड़ी संख्या हर साल इष्टदेव के लिए श्रद्धा के कारण इस मंदिर की यात्रा करते हैं। मंदिर वास्तुकला के भारतीय और बौद्ध स्थापत्य शैली का एक अनूठा मिश्रण है। यह मंदिर देश के प्रमुख शक्तिपीठ  'या'  पवित्र स्थलों में से एक है। भाभा घाटी के जलाशय झील और अल्पाइन घास के मैदान के आकर्षक परिदृश्य भी कई आगंतुकों को आकर्षित करते हैं।

सराहन के लिए एक यात्रा की योजना बना रहे यात्रियों की बर्ड पार्क की यात्रा अवश्य करनी चाहिये, क्योंकि यह न केवल पक्षी की प्रजनन केंद्र है, बल्कि यह हिमाचल प्रदेश के राज्य पक्षी, मोनल, के लिए घर भी है। हरे भरे देवदार के पेड़ और बर्फ से ढके बशाल पीक के लिए प्रसिद्ध है, सराहन श्रीखण्ड महादेव, जो समुद्र स्तर से 5155 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है, के लिए भी जाना जाता है।

यह हिंदू तीर्थस्थल विनाश, के हिंदू देवता शिव को समर्पित है। एक पौराणिक कथा के अनुसार, शिव ने इस चोटी पर ध्यान साधना की थी। महान भारतीय महाकाव्य 'महाभारत' के अनुसार, पांडवों ने भी इस पवित्र चोटी तक पैदल सफर तय किया। इस शिखर आगंतुकों के लिए जबरदस्त ट्रैकिंग अवसर को प्रदान करने के लिए जाना जाता है।

ज्योरी, बंजारा रिट्रीट, गौरा, दारंग घाटी, और साँगला घाटी सराहन के अन्य लोकप्रिय आकर्षण हैं। ज्योरी एक गर्म पानी का झरना, सराहन से 20 किमी की दूरी पर स्थित है जबकि बंजारा रिट्रीट, राष्ट्रीय राजमार्ग 22 पर स्थित, अपने हरे सेब के बगीचे के लिए जाना जाता है।

साँगला घाटी, सराहन के निकट स्थित, पहाड़ी सेब और चेरी के बगीचे और हिमनदों धाराओं के लिए प्रसिद्ध एक लोकप्रिय शहर है। सराहन के लिए यात्रा की योजना बना रहे आगंतुक रोडवेज, वायुमार्ग, और रेलवे के माध्यम से गंतव्य तक पहुँच सकते हैं।

यह सलाह दी है कि अप्रैल और नवंबर के महीने के बीच इस जगह की यात्रा की योजना बनाई जानी चाहिए। हालांकि, पर्यटकों को सराहन के लिए सर्दियों के दौरान यात्रा भी कर सकते हैं क्योंकि जलवायु दर्शनीय स्थलों की यात्रा के लिए अनुकूल रहता है।

सराहन इसलिए है प्रसिद्ध

सराहन मौसम

घूमने का सही मौसम सराहन

  • Jan
  • Feb
  • Mar
  • Apr
  • May
  • Jun
  • July
  • Aug
  • Sep
  • Oct
  • Nov
  • Dec

कैसे पहुंचें सराहन

  • सड़क मार्ग
    सराहन की खोज में रुचि रखने वाले यात्री बसों से भी गंतव्य की यात्रा कर सकते हैं। सराहन के लिए बस सेवाएं दिल्ली और शिमला से एक नियमित आधार पर उपलब्ध है। शानदार एसी वोल्वो बसें, 700 रुपए प्रति व्यक्ति के हिसाब से, दिल्ली से सराहन के लिए उपलब्ध हैं। एसी बसें, 275 रुपए प्रति व्यक्ति के हिसाब से, शिमला और सराहन के बीच चलती हैं। हिमाचल प्रदेश सड़क परिवहन निगम (एचआरटीसी) की बसें भी पड़ोसी शहरों से सराहन के लिए उपलब्ध हैं। आगंतुक शिमला, चंडीगढ़ और दिल्ली से जीप और टैक्सियों के द्वारा इस गंतव्य तक पहुँच सकते हैं।
    दिशा खोजें
  • ट्रेन द्वारा
    सराहन के लिये कालका रेलवे स्टेशन निकटतम रेलवे स्टेशन है। यह जगह शिमला रेलवे स्टेशन से लगभग 84 किमी की दूरी पर स्थित है, जो भारत में सभी प्रमुख रेलवे स्टेशनों से जुड़ा है। स्टेशनों से सराहन के लिए कैब और टैक्सियों का लाभ उठाया जा सकता है।
    दिशा खोजें
  • एयर द्वारा
    निकटतम हवाई अड्डा जुबरहट्टी हवाई अड्डा सराहन से 175 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह हवाई अड्डा नियमित उड़ानें के माध्यम से कुल्लू, शिमला, दिल्ली और मुंबई जैसे प्रमुख शहरों के साथ अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। सराहन के लिए लगभग 2000 रुपए के आसपास की दर पर हवाई अड्डे से टैक्सी और कैब की सुविधा उपलब्ध हैं।
    दिशा खोजें
One Way
Return
From (Departure City)
To (Destination City)
Depart On
04 Mar,Thu
Return On
05 Mar,Fri
Travellers
1 Traveller(s)

Add Passenger

  • Adults(12+ YEARS)
    1
  • Childrens(2-12 YEARS)
    0
  • Infants(0-2 YEARS)
    0
Cabin Class
Economy

Choose a class

  • Economy
  • Business Class
  • Premium Economy
Check In
04 Mar,Thu
Check Out
05 Mar,Fri
Guests and Rooms
1 Person, 1 Room
Room 1
  • Guests
    2
Pickup Location
Drop Location
Depart On
04 Mar,Thu
Return On
05 Mar,Fri