नंजनगुड - मंदिरों का शहर
नंजनगुड मैसूर जिले में छोटा सा कस्बा है। यह समुद्री तट से 2155 फीट की ऊंचाई पर है। नंजनगुड पर कई शासनकारों ने राज किया, पर इनमें से प्रमुख हैं गंगा राजवंश, होय्सला राजवंश......
कोलार पर्यटन – कर्नाटक का पूर्वी प्रवेश द्वार
कोलार एक छोटा और शांत शहर है जो कर्नाटक के पूर्वी सिरे पर स्थित है। लगभग 3,969 किमी. के क्षेत्र में फैला हुआ यह शहर तमिलनाडु के साथ साथ आंध्रप्रदेश की सीमा के साथ भी लगा हुआ है......
कुरूदुमाले पर्यटन - जहां भगवान मिलते है
कुरूदुमाले, कर्नाटक के कोलार जिले में स्थित है और इसे एक प्रमुख तीर्थस्थल के रूप में जाना जाता है। कुरूदुमाले में भगवान गणेश की मूर्ति स्थित है जिसे बहुत शक्तिशाली माना......
नृत्यग्राम – आपकी रातें और नृत्य
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श्रीरंगापट्नम - जहाँ इतिहास जीवंत होता है।
श्रीरंगापट्नम एक ऐतिहासिक शहर है जो आपकी कर्नाटक यात्रा को यादगार बना देता है। श्रीरंगापट्नम कावेरी नदी की दो धाराओं से घिरा एक उपद्वीप है। यह उपद्वीप मैसूर के बहुत पास लगभग 13......
देवआर्यनदुर्ग पर्यटन - घाट के किनारे सैर
हरे घने जंगलों से घिरी देवआर्यनदुर्ग की चट्टानी पहाडि़याँ वास्तव में इस हिल स्टेशन की यात्रा को सुखद बनाती है। 3940 फीट की ऊँचाई पर स्थित होने के कारण इस शहर की जलवायु इसी......
मैसूर पर्यटन - कर्नाटक की सांस्कृतिक राजधानी
मैसूर कर्नाटक की सांस्कृतिक राजधानी होने के साथ-साथ राज्य का दूसरा सबसे बड़ा शहर भी है। दक्षिण भारत का यह प्रसिद्ध पर्यटन स्थल अपने वैभव और शाही परिवेश के लिए जाना जाता है।......
बेलूर पर्यटन - होयसाल का प्राचीन शहर
बेलूर, कर्नाटक के सबसे प्रसिद्ध स्थलों में से एक है। यह हसन जिले में स्थित है, इसे मंदिरों का शहर भी कहा जाता है जो बंगलौर से 220 किमी. की दूरी पर स्थित है। यह शहर यागची......
कावेरी फिशिंग कैम्प - मछली पकड़ने वालों के लिए एक प्रवेशद्वार
कावेरी मत्स्य शिविर, दक्षिण कर्नाटक के जंगलों के बीच शान से बहती हुई कावेरी नदी के पास है। यह जगह प्रकृति प्रेमियों को जंगलों व एकांत के कारण मधुमक्खियों की तरह आकर्षित करती है।......
चिकबल्लापुर पर्यटन - श्री विश्वेस्वराय का जन्मस्थान
चिकबल्लापुर कर्नाटक के नए चिकबल्लापुर जिले का जिला मुख्यालय है। यह जिलान पहले कोलार जिले का एक हिस्सा था, यहां कई आकर्षक पर्यटक आकर्षण हैं। चिकबल्लापुर शहर बैंगलोर से 50......
एमएम हिल्स - भगवान शिव से करनी हो मुलाकात तो यहां आइये
मेल महादेश्वरा पहाडि़यों में भगवान शिव का सुंदर मंदिर यात्रा का मुख्य आकर्षण है साथ ही साथ यह क्षेत्र प्रकृति प्रेमियों के लिए भी देखने लायक है। यह तेजस्वी......
हासन पर्यटन – होयसाल राजाओं की विरासत का शहर
चन्ना कृष्णप्पा नाइक द्वारा 11वीं शताब्दी में स्थापित हासन शहर कर्नाटक के हासन जिले का मुख्यालय है। स्थानीय देवी हासनअम्बा के नाम पर नामित यह जिला कर्नाटक की स्थापत्य कला की......
बेंगलुरु पर्यटन - भारत का नया चेहरा
भीड़—भाड़ वाले मॉल, आम लोगों से खचाखच भरी सड़कें और गगनचुंबी इमारतें, ऐसा नजारा आपको देखने को मिलेगा बेंगलुरु में। बेंगलुरु यानी इसे आप भारत की नई पीढ़ी का शहर भी कह सकते......
सावनदुर्ग - रोमांचक यात्रा
सावनदुर्ग प्रसिद्ध है अपनी दो पहाड़ियां, मंदिरों और नैसर्गिक सौन्दर्य के लिए। बैंगलोर से 33 कि.मी दूर होने के कारण, भारत के किसी भी कोने से यहाँ पहुँच सकते हैं। पहाड़ियां और......
हैलेबिड पर्यटन - राजस्व, गौरव और खंडहर की भूमि
वास्तव में हैलेबिडु का अर्थ है "ओल्ड सिटी", ये कभी होयसाला राज्य की गौरवान्वित शाही राजधानी था। पुराने दिनों के दौरान, यह "द्वारसमुद्र" के रूप में जाना जाता था, जिसका अर्थ है......
अंतरगंगे - एक पूर्णतया साहसिक स्थल
अंतरगंगे एक ऐसा स्थान है जो की निश्चित रूप से साहसिक लोगों को लुभाता है। अंतरगंगे वास्तव में एक बारहमासी वसंत है जो पहाड़ियों पर कर्नाटक में कोलार जिले के पूर्व में स्थित है।......
रामनगरम - रेशम और शोले!
रामनगरम, जिसे सिल्क सिटी (रेशम का शहर) भी कहा जाता है, बैंगलोर के दक्षिण पश्चिम में लगभग 50 किमी. की दूरी पर स्थित है और यह स्थान रामनगर जिले का मुख्यालय भी है। कर्नाटक के अन्य......
घाटी सुब्रमण्य - जिसे कहते हैं मूर्तियों और शीशे का शहर
दोद्दबल्लापुर के पास घाटी सुब्रमण्य मंदिर बेंगलूरु शहर से 60 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह बेंगलूरु के ग्रामीण जिले में बसा है। काफी समय से यह मंदिर तीर्थ यात्रियों के......
भीमेश्वरी - झरनों के बीच बसा शहर
यदि आप बैंगलोर या मंड्या जिले या उसके आस-पास के शहर में रहते हैं और आपको अपना वीकेंड सुहावना बनाना है, तो भीमेश्वरी आपकी च्वॉइस में शामिल हो सकता है। भीमेश्वरी,......
बीआर पर्वतीय पर्यटन - मंदिरों एवं पर्वतीय शांति का शहर
बी आर हिल्स या बिलगिरी रंगना हिल्स पश्चिमी घाट की पूर्वी सीमा पर स्थित एक पर्वतीय श्रंखला है। पूर्वी और पश्चिमी घाट के मिलन बिन्दु पर स्थित यह श्रंखला एक विस्तृत पारिस्थितिकी......
श्रवणबेलगोलापर्यटन - जहां गोमतेश्वर की विशालकाय प्रतिमा स्थित है
गोमतेश्वर की 17.5 मीटर ऊंची मूर्ति आपको श्रवणबेलगोलामें कदम रखने से पूर्व ही दूर से दिखाई पड़ती है। 978 ई0 की यह मूर्ति इस बात का प्रमाण है कि श्रवणबेलगोलासदियों से सर्वाधिक......