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  • 01खैर उद्दीन मस्जिद

    खैर उद्दीन मस्जिद

    खैर उद्दीन मस्जिद अमृतसर के हॉल बाजार में गांधी गेट के पास स्थित है। भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में इस मस्जिद का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। 1876 में मोहम्मद खैरुद्दीन द्वारा बनवाए गए इस मस्जिद से ही शाह अताउल्लाह बुखारी ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ आवाज उठाई...

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  • 02गुरुद्वारा संतोखसर साहिब,

    हरमंदिर साहिब के ठीक बगल में स्थित संतोखसर गुरुद्वारा एक ऐतिहासिक सिक्ख तीर्थस्थल है। गुरू अर्जुन देव जी द्वारा बनवाए गए पांच पवित्र तालाबों में से एक तालाब यहां भी है। इस तालाब की खुदाई गुरू रामदास जी ने तत्कालीन सिक्ख गुरू और अपने ससुर गुरू अमर दास जी के निर्देश...

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  • 03गुरुद्वारा पीपली साहिब

    गुरुद्वारा पीपली साहिब

    अमृतसर के मुख्य रेलवे स्टेशन से गुरुद्वारा पीपली साहिब 1.5 किमी पूर्व में स्थित है। इस तीर्थस्थल का नाम पीपल के एक बड़े वृक्ष पर पड़ा है, जो कभी गुरुद्वारा के स्थान हुआ करता था। 20वीं सदी की शुरुआत में बनाए गए इस गुरुद्वारे से तीन प्रमुख सिख गुरू, गुरू रामदास जी,...

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  • 04गुरुद्वारा सारागढ़ी

    गुरुद्वारा सारागढ़ी

    जैसा कि जाम से ही जाहिर है, इस गुरुद्वारा को सारागढ़ी के युद्ध में जान की कुर्बानी देने वाले सिक्ख योद्धाओं की याद में बनाया गया है। 1897 में हुआ सारागढ़ी युद्ध विश्व इतिहास की एक प्रमुख घटना है और इसमें 36वीं सिक्ख रेजीमेंट के 21 सैनिक ने सारागढ़ी किला को बचाने...

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  • 05भटिंडा किला

    भटिंडा किला

    अमृतसर पर्यटन में भटिंडा किला भी अहम स्थान है। इसे भटिंडा शहर के संस्थापक भट्टी राव ने कोई 1800 साल पहले बनवाया था। ग्लास के आकार में बने इस किले पर 1745 में पटियाला के महाराजा अला सिंह ने कब्जा कर लिया था। पुरालेखों से पता चलता है कि 10वें सिख गुरू, गुरू गोविंद...

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  • 06गुरुद्वारा रामसर साहिब

    गुरुद्वारा रामसर साहिब

    गुरुद्वारा रामसर साहिब अमृतसर के दक्षिण-पूर्व छोर पर स्थित है। अन्य गुरुद्वारों की तरह यह गुरुद्वारा भी रामसर सरोवर नामक एक पवित्र तालाब के किनारे पर बना हुआ है। यह तालाब अमृतसर के पांच पवित्र तालाबों में सबसे छोटा है। इसकी खुदाई 5वें सिक्ख गुरू, गुरू अर्जुन देव...

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  • 07गुरुद्वारा बाबा अटल

    गुरुद्वारा बाबा अटल

    गुरुद्वारा बाबा अटल स्वर्ण मंदिर के दक्षिण में स्थित है। करीब दो शताब्दी पहले बना यह गुरुद्वारा मूल रूप से गुरू हरगोविंद जी के बेटे बाबा अटल राय की समाधि है। इस गुरुद्वारा में एक 40 मीटर ऊंचा अष्टभुजीय स्तंभ है। इसमें 9 तल्ले हैं, जो बाबा अटल राय के 9 साल के...

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  • 08गुरुद्वारा बिबेकसर साहिब

    गुरुद्वारा बिबेकसर साहिब

    जैसा कि नाम से ही जाहिर है, गुरुद्वारा बिबेकसर साहिब बिबेकसर सरोवर के किनारे पर स्थित है। इस सरोवर को 1628 में छठे सिक्ख गुरू, गुरू हरगोविंद जी ने बनवाया था। वहीं इस खूबसूरत गुरुद्वारे का निर्माण महाराजा रणजीत सिंह ने उस स्थान पर करवाया था, जहां पर गुरू हरगोविंद...

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  • 09श्री अकाल तख्त

    श्री अकाल तख्त

    श्री अकाल तख्त का शाब्दिक अर्थ होता है शाश्वत सिंहासन और यह टेंपोरल अथॉरिटी ऑफ खालसा का सर्वोच्च तख्त है। साथ ही यह सिक्खों के अध्यात्मिक गतिविधियों का केन्द्र बिंदू भी है। छठे सिक्ख गुरू, गुरू हरगोविंद जी द्वारा बनवाया गया यह तख्त भारत के पांच तख्तों में सबसे...

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  • 10गोविंदगढ़ किला

    गोविंदगढ़ किला

    गोविंदगढ़ किला को पहले भंगियन दा किला कहा जाता था और अमृतसर जाने पर आप यहां जरूर जाएं। मिसल के गुज्जर सिंह भंगी की सेना ने 1960 में इस किले का निर्माण ईंट और चूने से करवाया था। इसमें चार विशाल दुर्ग, लोहे के दो मजबूत गेट और एक परकोटा भी है। 1805 से 1809 के बीच...

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  • 11स्वर्ण मंदिर

    स्वर्ण मंदिर को हरमंदिर साहिब के नाम से भी जाना जाता है। यह देश का एक प्रमुख तीर्थस्थल है और यहां पूरे साल बड़ी संख्या में श्रद्धालू आते हैं। अमृतसर में स्थित इस मंदिर को सबसे पहले 16वीं शताब्दी में 5वें सिक्ख गुरू, गुरू अर्जुन देव जी ने बनवाया था। 19वीं शताब्दी...

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  • 12गुरुद्वारा गुरू का महल

    गुरुद्वारा गुरू का महल

    गुरुद्वारा गुरू का महल विशाल हरमंदिर साहिब के पास स्थित है। इसे 1573 में अमृतसर के संस्थापक गुरू रामदास जी ने अपने परिवार के घर के तौर पर बनाया था। उनके बेटे गुरू अर्जुन देव जी का विवाह यहीं हुआ था और वह 5वें सिक्ख गुरू बने थे।

    गुरू अर्जुन देव जी के बेटे...

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  • 13गुरुद्वारा दमदमा साहिब

    गुरुद्वारा दमदमा साहिब

    लुधियाना से 23 किमी दूर स्थित गुरुद्वारा दमदमा साहिब भी अमृतसर पर्यटन में खासा महत्व रखता है। इसे छठे सिक्ख गुरू, गुरू हरगोविंद जी स्मृति में बनया गया था, जो 1705 में यहां कुछ समय के लिए रुके थे।

    यहां समय बिताने के दौरान गुरू हरगोविंद जी ने सिंहों के सिक्ख...

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  • 14गुरुद्वारा माता कौलन

    गुरुद्वारा माता कौलन

    अमृतसर के प्रसिद्ध स्वर्ण मंदिर के पिछले हिस्से में स्थित गुरुद्वारा माता कौलन एक पवित्र तीर्थस्थल है। इस गुरुद्वारे का निर्माण गुरू हरगोविंद की पूजा करने वाले पाकिस्तान के एक काजी की बेटी बीवी कौलन की याद में किया गया है।

    जब उनके पिता ने उनकी मौत के बारे...

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  • 15गुरुद्वारा छेहरटा साहिब

    गुरुद्वारा छेहरटा साहिब

    गुरुद्वारा छेहरटा साहिब अमृतसर से 7 किमी दूर गुरू की वडाली गांव में स्थित है। छठे सिख गुरू, गुरू हरगोविंद सिंह जी इसी गांव में पैदा हुए थे। अपने बेटे के जन्म का जश्न मनाने के लिए गुरू अर्जुन देव जी ने यहां पर एक बड़े से छेहरटा नामक कुएं का निर्माण किया था।

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