झारखंड राज्य के 24 जिलों में से एक रामगढ़ है जो एक महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल है। यह जिला 12 सितम्बर, 2007 में स्थापित किया गया था, जो हजारीबाग जिले से अलग करके बनाया गया था। रामगढ़ का शाब्दिक अर्थ है - भगवान राम का गढ़।
इस जिल में 6 ब्लॉक है जिनके नाम है - पथराथु, गोला, मांडु चित्रपुर और दुलमी है। इतिहास गवाह है कि रामगढ़ का इतिहास पाषाण काल से बेहद समृद्ध था। यहां गुप्त साम्राज्य, मुगल साम्राज्य और ब्रिटिश शासनकाल के सबूत देखने को मिलते है।
रामगढ़, उन प्राकृतिक संसाधनों जैसे - कोयला आदि में समृद्ध है जिनकी सहायता से बिल्डिंग का निर्माण होता है। रामगढ़ के पथराथु जिले में एक महत्वपूण्र थर्मल पॉवर स्टेशन है जिसे 16वीं सदी में स्थापित किया गया था। रामगढ़, नालकारी बांध को लेकर भी काफी प्रसिद्ध है जो नालकारी बारकी नदी पर बना हुआ है। इस जिले में प्रचुर मात्रा में वनस्पतियां और जीव भी है।
रामगढ़ और उसके आसपास स्थित पर्यटन स्थल
रामगढ़ आने वाले पर्यटकों को रामगढ़ के सभी स्थानों की सैर जरूर करनी चाहिए। यहां के धार्मिक स्थलों में टूटी झरना मंदिर, माया टु्ंगरी मंदिर, राजरप्पा मंदिर आदि शामिल है। इसके अलावा, अन्य प्राकृतिक स्थलों में, धर - दुरिया - झरना, अम - झारिया झरना, नैकारी बांध, अम - लारिया झरना, गांधोनिया ( गर्म पानी झरना), बानखेट्टा ( गुफा ) आदि आते है।
रामगढ़ में ऐतिहासिक स्थल भी है जहां की सैर की जा सकती है जैसे - महात्मा गांधी समाधि स्थल, इस जगह पर महात्मा गांधी 1940 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस अधिनियम की बैठक में शामिल होने आएं थे, जो रामगढ़ में आयोजित की गई थी। उनकी मृत्यु के बाद, उनकी याद में एक घड़ा यहां रखा गया। यहां एक चीन कब्रिस्तान भी है जहां द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान भूख और सांप के काटने से मरने वाले लोगों की लाशों का अंतिम सस्ंकार किया गया। यहां लगभग 667 कब्र है। यहां एक बौद्ध मंदिर और एक स्मारकीय स्तंभ भी है।
रामगढ़ का मौसम
रामगढ़ की जलवायु, एक उप आर्द्र जलवायु है। यह छोटानागपुर पठार के क्षेत्र में स्थित है। यहां का तापमान अर्द्ध चरम है। रामगढ़ में मुख्य रूप से 4 मौसम आते है -जैसे : सर्दी ( नबंवर से फरवरी ), गर्मी ( मार्च से मई ), मानसून ( जून से अक्टूबर )।
रामगढ़ की समृद्ध संस्कृति
रामगढ़ की संस्कृति बेहद समृद्ध है। यहां कई मेले और त्यौहारों का आयोजन किया जाता है जिसमें स्थानीय लोग बढ़चढ़ कर हिस्सा लेते है और आंनद उठाते है। यहां मनाएं जाने वाले प्रमुख त्यौहारों में दीपावली, होली, दशहरा, ईद, मकरसक्रांति और कई अन्य है। विश्वकर्मा पूजा भी यहां का मुख्य त्यौहार है क्योंकि यहां कई खदानें और इंड्रस्टी है। यहां के राजरप्पा मंदिर और टूटो झरना में शादी की रस्में करवाई जाती है।
पर्यटक यहां आकर यहां के भोजन का लुत्फ भी मजे से उठा सकते है, यहां दुक्सा और बड़ा बहुत अच्छे बनते है जो लोकल फास्ट फूड के तौर पर जाने जाते है। यहां के भोजन को पकाने में कई फूलों और पत्तियों को इस्तेमाल किया जाता है। यहां के राजरप्प मंदिर में खोया पेड़ा, प्रसाद के रूप में दिए जाते है जो एक प्रकार की मीठी डिश होती है।
रामगढ़ तक कैसे पहुंचे
रामगढ़, सभी स्थानों से विविध साधनों से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ स्थान है। यहां का रेलवे नेटवर्क विभाजित है - पूर्व सेंट्रल रेलवे और दक्षिण रेलवे सेंट्रल। यहां से होकर राष्ट्रीय राजमार्ग भी गुजरता है तो इस जिले के कई शहरों से होकर गुजरता है। यहां का नजदीकी हवाई अड्डा, रांची में स्थित बिरसा मुंडा एयरपोर्ट है जो कई प्रमुख शहरों जैसे - दिल्ली, पटना, मुम्बई और कलकत्ता से जुड़ा हुआ है।



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