देवघर जाने वाले शिवभक्तों के लिए बड़ी खुशखबरी है! भारतीय रेलवे 5 जुलाई से 'श्रावणी मेला स्पेशल' ट्रेनें शुरू करने जा रहा है। सावन के दौरान बाबा धाम में उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। इस सीजन में हावड़ा से नतेसर के बीच चलने वाली स्पेशल ट्रेन यात्रियों के लिए काफी मददगार साबित होगी। बैद्यनाथ धाम में सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर जल अर्पण करने जाने वाले कांवड़ियों के लिए यह सेवा सफर को बेहद आरामदायक बनाएगी।
ये स्पेशल ट्रेनें पूरे सावन के महीने में अपनी सेवाएं देंगी। मंदिर तक आसानी से पहुंचने के लिए ज्यादातर ट्रेनों का ठहराव जसीडीह जंक्शन पर रखा गया है। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे अपने रूट के हिसाब से ट्रेनों की तारीख और समय पहले ही चेक कर लें। हर दिन लाखों की संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को मैनेज करने और रेगुलर एक्सप्रेस ट्रेनों में भीड़ कम करने के लिए ये सीजनल ट्रेनें बेहद जरूरी हैं।

देवघर जाने वाले श्रद्धालु ऐसे बुक करें 'श्रावणी मेला स्पेशल' ट्रेन टिकट
यात्री IRCTC की आधिकारिक वेबसाइट के जरिए अपनी टिकट बुक कर सकते हैं। इन स्पेशल ट्रेनों के लिए बुकिंग विंडो अक्सर जल्दी खुल जाती है, इसलिए समय रहते टिकट लेना बेहतर है। ट्रेन की लाइव लोकेशन और सही समय जानने के लिए आप 'नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम' (NTES) की मदद ले सकते हैं। लंबी दूरी की यात्रा के लिए स्लीपर क्लास एक आरामदायक विकल्प है, वहीं आखिरी समय में प्लान बनाने वालों के लिए तत्काल बुकिंग की सुविधा भी उपलब्ध है।
| ट्रेन का नाम | रूट | कब चलेगी | मुख्य ठहराव |
|---|---|---|---|
| हावड़ा-नतेसर स्पेशल | हावड़ा से नतेसर | रोजाना सेवा | जसीडीह |
| आसनसोल-पटना स्पेशल | आसनसोल से पटना | सीजनल (मेले के दौरान) | जसीडीह |
जसीडीह पहुंचने के बाद मुख्य मंदिर तक जाने के लिए आपको कई साधन मिल जाएंगे। यहां से देवघर के लिए लोकल ऑटो और सरकारी बसें लगातार चलती रहती हैं। मंदिर में दर्शन का समय आमतौर पर सुबह तड़के ही शुरू हो जाता है। सावन के सोमवार को पूरे क्षेत्र में सबसे ज्यादा भीड़ रहती है, इसलिए कोशिश करें कि सुबह जल्दी दर्शन कर लें ताकि आपको घंटों लाइन में न लगना पड़े।
बाबा बैद्यनाथ धाम की यात्रा पर जा रहे हैं? मानसून में इन बातों का रखें खास ख्याल
बारिश के मौसम में यात्रा करते समय थोड़ी एक्स्ट्रा प्लानिंग जरूरी है। इस इलाके में भारी बारिश की वजह से लोकल ट्रांसपोर्ट के शेड्यूल पर असर पड़ सकता है। अपने साथ अच्छी क्वालिटी के रेनकोट और वाटरप्रूफ बैग जरूर रखें। कोशिश करें कि आप दिन के उजाले में ही देवघर पहुंच जाएं ताकि गेस्ट हाउस या धर्मशाला तक पहुंचने में सुरक्षा और सुविधा रहे। सफर में किसी भी संभावित देरी से निपटने के लिए कुछ घंटों का एक्स्ट्रा समय लेकर चलना समझदारी होगी।
अगर ट्रेन लेट होती है या रूट बदलता है, तो रिफंड से जुड़े नियमों की जानकारी जरूर रखें। कभी-कभी स्पेशल ट्रेनों के कैंसिल होने पर रेलवे यात्रियों को खास छूट या रिफंड की सुविधा भी देता है। लाखों भक्तों के लिए यह यात्रा गहरी आस्था और आध्यात्मिकता का प्रतीक है। सही प्लानिंग के साथ आप अपनी इस पावन यात्रा को और भी सुखद बना सकते हैं। ये स्पेशल ट्रेनें आपकी भक्ति की राह को आसान बनाने के लिए ही चलाई जा रही हैं।



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