उत्तराखंड में चार धाम यात्रा और खास तौर पर केदारनाथ धाम की यात्रा शुरू हो चुकी है। वहीं दूसरी तरफ कश्मीर में बाबा बर्फानी की अमरनाथ यात्रा इसी महीने शुरू होने वाली है। केदारनाथ धाम की तरह ही अमरनाथ यात्रा के लिए भी ऑनलाइन पंजीकरण और मेडिकल सर्टिफिकेट भी अनिवार्य होता है।
इस साल बाबा बर्फानी की यात्रा 29 जून से शुरू होने वाली है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रक्षाबंधन के दिन यानी 19 अगस्त 2024 तक बाबा अमरनाथ के दर्शन होने वाले हैं, जिसे लेकर प्रशासन ने तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं।

रजिस्ट्रेशन के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट अनिवार्य
बाबा बर्फानी ऊंचे पहाड़ों में बसते हैं। इसलिए यहां ऑक्सीजन की कमी और उससे सांस लेने में दिक्कत जैसी समस्याएं अक्सर सामने आती हैं। कई बार पहाड़ी क्षेत्रों में ऑक्सीजन की कमी की वजह से यात्रियों की मौत की खबरें सामने आती हैं।
इस वजह से ही अमरनाथ यात्रा के रजिस्ट्रेशन के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट को अनिवार्य कर दिया गया है। मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाने के लिए किसी भी सरकारी अस्पताल में जा सकते हैं। यहां डॉक्टर आपकी जांच करने के बाद मेडिकल सर्टिफिकेट बना देंगे, जिसके बाद आप अमरनाथ यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे।
कैसे करेंगे रजिस्ट्रेशन?
अगर आप अमरनाथ यात्रा पर जाने का प्लान बना रहे हैं, तो इसके लिए रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा। तीर्थ यात्री अमरनाथ यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन और ऑफलाइन कर सकते हैं।
अमरनाथ यात्रा का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन
अमरनाथ यात्रा के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए तीर्थ यात्रियों को जम्मू-कश्मीर अमरनाथ श्राइन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट https://jksasb.nic.in पर जा सकते हैं। रजिस्ट्रेशन के लिए प्रति व्यक्ति ₹150 का शुल्क रखा गया है।

कैसे करें ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन
अमरनाथ यात्रा के लिए ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन श्राइन बोर्ड द्वारा निर्धारित बैंकों में जाकर किया जा सकता है। किसी भी शहर में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, यस बैंक, जम्मू-कश्मीर बैंक समेत कई अन्य बैंक के ब्रांच में जाकर श्रद्धालु ऑफलाइन पद्धति से अपना रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। बैंक की सूची व इससे संबंधित अन्य जानकारियां अमरनाथ श्राइन बोर्ड के आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अमरनाथ यात्रा के ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन का शुल्क ₹250 प्रति व्यक्ति रखा गया है।
यात्रा मार्ग में लगेंगे 120 से ज्यादा लंगर
केदारनाथ से विपरीत अमरनाथ में यात्रियों की सुविधा के लिए लंगर सेवाएं उपलब्ध होती हैं। मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार वर्तमान समय में यात्रा मार्ग के मरम्मत का काम और बर्फ हटाने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। यात्रा शुरू करने से कुछ दिनों पहले से ही लंगर लगना शुरू हो जाएगा। बताया जाता है कि लंगर लगाने वाली समितियां 15 जून से ट्रकों में सामान भरकर जम्मू-कश्मीर में प्रवेश करेंगी।
इस साल पहलगाम और बालटाल से पवित्र गुफा तक के रास्ते में करीब 125 लंगर लगाए जाएंगे। वहीं जिला प्रशासन ने भी अपनी तरफ से सारी तैयारियां शुरू कर दी हैं। श्रद्धालुओं के ठहरने, बिजली, पानी, साफ-सफाई और अस्थायी अस्पताल आदि स्थापित करने के लिए प्रबंध तेज कर दिये गये हैं।



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