Search
  • Follow NativePlanet
Share
होम » स्थल » फतेहगढ़ साहिब » आकर्षण
  • 01माता चक्रेश्वरी देवी जैन मंदिर

    माता चक्रेश्वरी देवी जैन मंदिर

    माता चक्रेश्वरी देवी जैन मंदिर सरहिंद-चंडीगढ़ रोड पर एक गाँव अत्तेवाली में स्थित है। माता चक्रेश्वरी देवी की कथाएं पृथ्वीराज चौहान के समय से चली आ रही हैं। एक प्रसिद्ध कथा के अनुसार, कुछ तीर्थयात्री बैलगाड़ियों में जैन मंदिरों की यात्रा कर रहे थे। उन्होंने रास्ते...

    + अधिक पढ़ें
  • 02फ्लोटिंग रेस्टॉरेंट

    फ्लोटिंग रेस्टॉरेंट

    फ्लोटिंग रेस्टॉरेंट पानी पर तैरती हुई एक प्रभावशाली संरचना है। जीटी रोड पर सरहिंद नहर पर स्थित यह संरचना अपनी विभिन्नता के कारण बड़ी संख्या में पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है। तैरते जहाज़ जिसमें 8 सुइट और एक रेस्टॉरेंट है, विशेष रूप से इस तरह बनाये गए हैं कि...

    + अधिक पढ़ें
  • 03शाहगिर्द दी मज़ार

    शाहगिर्द दी मज़ार

    शाहगिर्द की मज़ार एक मकबरा है जो ख्वाजा खान को समर्पित है। ख्वाजा खान, प्रसिद्ध वास्तुविद उस्ताद सयद खान के शागिर्द थे। ऐसा कहा जाता है कि ख्वाजा खान ने भी एक निर्माता के रूप में अपने उस्ताद की तरह ही प्रसिद्धि प्राप्त की थी। यह स्थान अपनी सुंदर वास्तुकला शैली के...

    + अधिक पढ़ें
  • 04रौज़ा शरीफ

    रौज़ा शरीफ

    रौज़ा शरीफ सुन्नी मुस्लिम समुदाय के लिए मक्का का ही दूसरा रूप है। सरहिंद-बस्सी पठाण रोड पर स्थित यह स्थान शेख़ अहमद फ़ारूकी सरहिंदी को समर्पित है जो 1563 से लेकर 1624 के बीच यहाँ रहे थे। शेख़ अहमद सरहिंदी के उर्स (पुण्यतिथी) पर मुस्लिम समुदाय के लोग संपूर्ण विश्व...

    + अधिक पढ़ें
  • 05आम ख़ास बाग़

    आम ख़ास बाग़

    आम ख़ास बाग़, मुग़ल बादशाह बाबर द्वारा राजमार्ग पर बनवाई गई एक सराय के अवशेष हैं। बाद में शाहजहाँ द्वारा इसका पुनर्निर्माण किया गया क्योंकि कई शाही परिवार लाहौर जाते समय यहाँ रूकते थे। आम ख़ास बाग़ परिसर का एक वातानुकूलित तंत्र, जिसे सरद खाना कहा जाता है, ध्यान...

    + अधिक पढ़ें
  • 06ब्रास में नाबिस के मकबरे

    ब्रास में नाबिस के मकबरे

    ब्रास में नाबिस के मकबरे अल्लाह के पसंदीदा, नाबिस को समर्पित है। इस स्थान पर खुदाई के दौरान 11 मानव कंकाल मिले, जो कि ऐसा माना जाता है कि नाबिस के हैं। इसके बाद एक उठे हुए मंच पर 11 मकबरों का निर्माण किया गया और वे स्थानीय लोग जो नाबिस को मानते हैं वे अपने घरों के...

    + अधिक पढ़ें
  • 07गुरुद्वारा ज्योति सरूप

    गुरुद्वारा ज्योति सरूप

    गुरुद्वारा ज्योति सरूप, सरहिंद- चंडीगढ़ रोड पर स्थित है और फतेहगढ़ साहिब से लगभग एक किमी दूर है। इसे गुरु गोबिंद सिंह जी की माता गुजरी देवी और उनके दोनों पुत्रों साहिबज़ादा फतेहसिंह और साहिबजादा जोरावर सिंह के अंतिम संस्कार की स्मृति में बनाया गया था।

    ऐसा...

    + अधिक पढ़ें
  • 08संत नामदेव मंदिर

    संत नामदेव मंदिर

    संत नामदेव मंदिर बस्सी पठाण में स्थित है जो फतेहगढ़ साहिब से 6 किमी दूर है। संत नामदेव को समर्पित इस मंदिर की इस क्षेत्र में अत्यधिक धार्मिक मान्यता है। संत मानदेव महाराष्ट्र में रहते थे और यात्रा के दौरान पंजाब आए थे। यह स्थान पहले ‘स्वामी नामदेव जी का...

    + अधिक पढ़ें
  • 09सधाना कसाई की मस्जिद

    सधाना कसाई की मस्जिद

    सधाना कसाई की मस्जिद को भारतीय पुरातात्विक सर्वेक्षण द्वारा एक ऐतिहासिक संरचना घोषित किया गया है। यह मस्जिद भगत सधाना को समर्पित है जिन्हें सधाना कसाई के नाम से जाना जाता था। वे एक मुस्लिम कवि, संत और फ़कीर थे। उनके कई भजन सिखों के पवित्र ग्रन्थ गुरु ग्रन्थ साहिब...

    + अधिक पढ़ें
  • 10संघोल

    संघोल अपने पुरातात्विक संग्रहालय के लिए प्रसिद्ध है जिसमें सिंधु घाटी सभ्यता के अवशेष और कलाकृतियां राखी गई हैं। इसे उछ पिंड संघोल के नाम से भी जाना जाता है और फतेहगढ़ साहिब से यह 18.9 किमी दूर है। सडक द्वारा यह दूरी तय करने में 28 मिनट का समय लगता है। तोरामाना और...

    + अधिक पढ़ें
  • 11गुरुद्वारा शहीद गंज

    गुरुद्वारा शहीद गंज

    गुरुद्वारा शहीद गंज, गुरुद्वारा फतेहगढ़ साहिब के अंदर मुख्य क्षेत्र में स्थित है। यह गुरुद्वारा उन 6000 सिखों के अंतिम संस्कार की स्मृति में बनाया गया है जिन्होंने युद्ध के दौरान अपना बलिदान दिया था। ऐसा माना जाता है कि गुरुद्वारे की मुख्य संरचना उसी स्थान पर है...

    + अधिक पढ़ें
  • 12उस्ताद दी मज़ार

    उस्ताद दी मज़ार

    उस्ताद दी मज़ार, शाहगिर्द की मज़ार से केवल एक किमी दूर है। यह एक प्रसिद्ध वास्तुविद और निर्माता उस्ताद सयद खान का मकबरा है। वास्तुकला की मुग़ल शैली का यह अद्भुत उदाहरण यात्रियों में कौतूहल उत्पन्न करता है। इस संरचना में एक विशाल गुंबद है जिसमें एक छोटे प्रवेश...

    + अधिक पढ़ें
  • 13गुरुद्वारा फतेहगढ़ साहिब

    सरहिंद-मोरिंदा सडक पर स्थित गुरुद्वारा फ़तेहगढ़ साहिब सिखों का एक मुख्य धार्मिक स्थल है। ऐसा विश्वास है कि वर्ष 1704 में साहिबज़ादा फतेहसिंह और साहिबज़ादा जोरावर सिंह को सरहिंद के फौजदार वज़ीर खान के आदेश पर दीवार में जिंदा चुनवा दिया गया था। यह गुरुद्वारा उन्हीं...

    + अधिक पढ़ें
  • 14हवेली टोडर मल

    हवेली टोडर मल

    हवेली टोडर मल, गुरुद्वारा फतेहगढ़ साहिब के परिसर में ही स्थित है। इसका निर्माण सत्रहवीं शाताब्दी में हुआ था और इसे जहाज़ हवेली या जहाज़ महल के नाम से भी जाना जाता है। टोडर मल मुग़ल काल के दौरान, सरहिंद के शासक नवाब वज़ीर खान के दरबार में दीवान थे।

    वे गुरु...

    + अधिक पढ़ें
One Way
Return
From (Departure City)
To (Destination City)
Depart On
30 Mar,Mon
Return On
31 Mar,Tue
Travellers
1 Traveller(s)

Add Passenger

  • Adults(12+ YEARS)
    1
  • Childrens(2-12 YEARS)
    0
  • Infants(0-2 YEARS)
    0
Cabin Class
Economy

Choose a class

  • Economy
  • Business Class
  • Premium Economy
Check In
30 Mar,Mon
Check Out
31 Mar,Tue
Guests and Rooms
1 Person, 1 Room
Room 1
  • Guests
    2
Pickup Location
Drop Location
Depart On
30 Mar,Mon
Return On
31 Mar,Tue