हज़ारीबाग शहर रांची से 93 किमी. की दूरी पर स्थित है तथा झारखंड के छोटा नागपुर पठार का एक भाग है। जंगलों से घिरी कोनार नदी इस शहर से होकर बहती है। चंदवारा और जिलिंजा हज़ारीबाग जिले की दो महत्वपूर्ण पर्वत श्रेणियां है। हज़ारीबाग का सबसे ऊँचा पर्वत पारसनाथ चोटी है। ऐसा विश्वास है कि 23 वें और 24 वें जैन तीर्थंकरों को यहाँ मोक्ष प्राप्त हुआ था।
यह एक प्रसिद्ध स्वास्थ्य रिसॉर्ट है तथा यहाँ विभिन्न प्रकार के जीव जंतु और वनस्पतियाँ पाई जाती है। इस क्षेत्र में कई सुंदर मंदिर हैं। ब्रिटिश शासन काल में यह स्थान एक छावनी था तथा भारत के स्वतंत्रता संग्राम में इसकी एक महत्वपूर्ण भूमिका है। हज़ारीबाग खनिजों और अयस्कों से समृद्ध है।
सोहराई पेंटिग्स पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। पेंटिंग्स पारंपरिक हैं तथा ये सोहराई त्योहार से संबंधित है जो कुर्मी और प्रजापति जाति के लोगों द्वारा मनाया जाता है। इस त्योहार में मवेशियों को नहलाया जाता है तथा उनकी पूजा की जाती है। सोहराई पेंटिंग्स ज़ुरिच के रिएतबुर्ग संग्रहालय में प्रदर्शन के लिए रखी गई हैं।
हज़ारीबाग तथा इसके आसपास पर्यटन स्थल
हज़ारीबाग तथा इसके आसपास के पर्यटन स्थलों में हज़ारीबाग वन्य जीवन अभ्यारण्य सबसे महत्वपूर्ण है जो एक पारिस्थितिकी पर्यटन स्थल है। इसके अलावा यहाँ कैनरी हिल्स, गर्म पानी का झरना सूरजकुंड, इसको गाँव, राजरप्पा प्रपात, छिन्नमस्ता मंदिर, सताफार, तिलैया बाँध, नरसिंहस्थान मंदिर, राज देरवाह, हज़ारीबाग झील, सिल्वर हिल, कोनार बाँध आदि भी हैं।
हज़ारीबाग कैसे पहुंचे
हज़ारीबाग प्रमुख शहरों जैसे पटना और रांची से रास्ते, रेलमार्ग और हवाई मार्ग द्वारा अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है।
हज़ारीबाग का मौसम
हज़ारीबाग का मौसम नम होता है तथा यहाँ कभी कभार ही वर्षा होती है।



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