Search
  • Follow NativePlanet
Share
होम » स्थल» गुरूवायूर

गुरूवायूर - भगवान दूसरा घर

30

गुरूवायूर त्रिशूर जिले में एक भरा हुआ शहर है। इस जगह को भगवान कृष्ण का घर मन जाता है, भगवान विष्णु के देहधारण का घर भी माना जाता है। गुरूवायूर केरल के कई में से एक लोकप्रिय तीर्थ स्थल है।

गुरूवायूर नाम तीन शब्दों का एक संयोजन है, 'गुरु' है गुरु बृहस्पति के लिए, 'वायु' सर्वव्यापक पवन भगवान और मलयालम में 'ऒर' अर्थ भूमि से आता है। इस जगह का नाम एक मिथक के नाम पर रखा गया है। यह कहानी है कि बृहस्पति को कलियुग की शुरुआत में भगवान कृष्ण की एक मूर्ति मिली। तब श्रद्धालु गुरु ने भगवान पवन, वायु के साथ मूर्ति पवित्र किया, इसलिए, जगह गुरूवायूर रूप में जाना जाने लगा।

गुरुवायुरप्पन मंदिर में भगवान कृष्ण की मूर्ति गुरूवायूर के प्रमुख अकर्शंड़ो में से एक है। मूर्ति चार हथियार लिए है शंख, सुदर्शन चक्र, खोउमुदकि और एक कमल। यह मंदिर भारत में चौथा सबसे बड़ा मंदिरों में गिना जाता है प्रति दिन भक्तों की बाढ़ को देखते हुए। इस मंदिर को "भूलोक वैकुनतम" के नाम से भी जाना जाता है जिसका अर्थ है "पृथ्वी पर भगवान विष्णु का निवास"। हालांकि गैर-हिंदुओं को मंदिर में प्रवेश करने पर रोक है, अन्य धर्म के लोगों को अभी भी मंदिर को बहार से देख सकते हैं।

गुरुवायुरप्पन मंदिर के परिसर के बाहर कई दुकानें हैं। इन दुकानों आम तौर पर पारंपरिक अगरबत्ती, मिट्टी के दीपक, नारियल और फूल मिलते हैं जो की "पूजा" करने के लिए आवश्यक वस्तुओं को बेचते हैं। आप को और भी विविध वस्तुओं मिलेंगी जैसे खिलौने, प्राचीन वस्तु, इलेक्ट्रॉनिक आइटम, कपड़े, तस्वीरें और खाद्य सामग्रियों। कुछ दुकानों में कढ़ाई हस्तशिल्प, केरल के जातीय पोशाक, पारंपरिक केरल गहने और भित्ति चित्रों भी बेचती हैं। यदि आप यहाँ से खरीदारी कर रहे हैं तो सौदेबाज़ी करना नहीं भूल अन्यथा आप ठग जाएँगे।

इन दुकानों के अलावा, आपको इस प्रसिद्ध मंदिर के पूर्वी गेट की ओर कई होटल और लॉज मिल जाएँगे। आप इन दुकानों, होटल और लौज में दिन के किसी भी समय में जा सकते हैं और यहां तक कि देर रात भी।

गुरूवायूर के पर्यटक आकर्षण

गुरूवायूर में अतिथि के लिए कई और चीजें है। इस्कॉन केंद्र और माम्मियुर महादेव मंदिर जाने लायक जगहों में से हैं। अन्य प्रसिद्ध मंदिरों जो इस व्यस्त शहर गुरूवायूर में है, पार्थसारथी मंदिर, चामुंडेश्वरी मंदिर, चोवाल्लूर शिव मंदिर, हरिकन्याका मंदिर और वेंकताचालाप्ति मंदिर हैं। इन सभी मंदिरों के बीच वहाँ पलायुर चर्च खड़ा है। यह चर्च भी गुरूवायूर में पर्यटक जबरदस्त जगह है। चर्च की वास्तुकला डिजाइन लुभावनि है।

वहाँ एक हाथी शिविर है, पुन्नाथुर कोत्ता और यह जगह गुरूवायूर का एक और प्रमुख आकर्षण है। आप चोवाल्लुर बीच मैं घूम सकते हैं जहाँ आप ताजा हवा में सांस लेने और सुंदर परिदृश्य का आनंद ले सकते हैं। जब गुरूवायूर में छुट्टियाँ मना रहे हैं तो देवास्वोम संग्रहालय देखना ना भूलें। भित्ति चित्र संस्थान, ऐसा संस्थान है जहाँ भित्ति चित्र में पाठ्यक्रम, सौंदर्यशास्त्र, मूर्तिकला और कला प्रदान करता है, जो यहीं स्थित है।

गुरूवायूर आने का सबसे अच्छा समय

गुरूवायूर कई त्यौहार हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाता है। उत्सवं एक दस दिवसीय त्याहार हिन्दू महीने कुंभ में मनाया जाता है। केरलवासियों के लिए विशु नव वर्ष का पहला दिन होता है। गुरूवायूर में नए साल की बधाई देना शुभ माना जाता है। अप्रैल के मध्य में जब विशु मनाया जाता है, जब हजारों श्रद्धालु यहाँ आते हैं। अष्टमी रोहिणी एक और त्यौहार है जो भगवान कृष्णा के जन्म दिवस के रूप में भक्ति के साथ आयोजित होता है। इसे जन्माष्टमी भी कहा जाता है। अन्य महत्वपूर्ण त्यौहार जो गुरूवायूर में मनाये जाते हैं, कुचेला दिवस मंडलम, चेम्बाई संगीत उत्सव, एकादसी, वैश्का और नारायनीयम दिवस।

गुरूवायूर का मौसम

हालांकि गुरूवायूर की जलवायु गर्म है और साल भर सुख रहता है, तो यहाँ साल के किसी भी समय जाया जा सकता है। यदि आप उत्सवो में हिस्सा बनना चाहते हैं तो अगस्त से नवम्बर के बीच आना उचित रहेगा, अन्यथा, सर्दियों के मौसम यहाँ की यात्रा की योजना बनाये।

गुरूवायूर इसलिए है प्रसिद्ध

गुरूवायूर मौसम

गुरूवायूर
26oC / 79oF
  • Mist
  • Wind: N 0 km/h

घूमने का सही मौसम गुरूवायूर

  • Jan
  • Feb
  • Mar
  • Apr
  • May
  • Jun
  • July
  • Aug
  • Sep
  • Oct
  • Nov
  • Dec

कैसे पहुंचें गुरूवायूर

  • सड़क मार्ग
    केरल में सभी स्थानों से KSRTC बसों द्वारा गुरूवायूर पहुंचा जा सकता है। कोचीन, कालीकट, पलघट, त्रिवेंद्रम, चेन्नई, बंगलौर कोयंबटूर और सलेम जैसे अन्य दक्षिण भारतीय शहरों से सीधी बसें उपलब्ध हैं।
    दिशा खोजें
  • ट्रेन द्वारा
    गुरूवायूर में रेलवे स्टेशन है और वहां से पड़ोसी कस्बों और शहरों के लिए कई ट्रेनें उपलब्ध हैं। त्रिशूर रेलवे जंक्शन, यहाँ से पास है जहां से गाड़ियों भारत में प्रमुख स्थानों को जाती हैं। त्रिश्शूर, गुरूवायूर से कुछ 27 किमी की दूरी पर है।
    दिशा खोजें
  • एयर द्वारा
    कोचीन स्थित नेदुम्बस्सेरी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा निकटतम हवाई अड्डा है। यह गुरूवायूर से लगभग 87 किमी की दूरी पर स्थित है। कालीकट अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, इस पवित्र शहर से लगभग 100 किमी की दूरी पर स्थित है। वहां से आप टैक्सी और बस से गुरूवायूर तक पहुच सकते है।
    दिशा खोजें
One Way
Return
From (Departure City)
To (Destination City)
Depart On
23 Mar,Sat
Return On
24 Mar,Sun
Travellers
1 Traveller(s)

Add Passenger

  • Adults(12+ YEARS)
    1
  • Childrens(2-12 YEARS)
    0
  • Infants(0-2 YEARS)
    0
Cabin Class
Economy

Choose a class

  • Economy
  • Business Class
  • Premium Economy
Check In
23 Mar,Sat
Check Out
24 Mar,Sun
Guests and Rooms
1 Person, 1 Room
Room 1
  • Guests
    2
Pickup Location
Drop Location
Depart On
23 Mar,Sat
Return On
24 Mar,Sun
  • Today
    Guruvayur
    26 OC
    79 OF
    UV Index: 7
    Mist
  • Tomorrow
    Guruvayur
    23 OC
    74 OF
    UV Index: 7
    Partly cloudy
  • Day After
    Guruvayur
    28 OC
    82 OF
    UV Index: 8
    Partly cloudy