बैंगलोर में हों तो फील कीजिये वंडरला के वंडर और एडवेंचर को
एडवेंचर और फन किसे नहीं पसंद है, फिर क्या बच्चे क्या बूढ़े। हर व्यक्ति के अंदर इच्छा रहती है कि कभी न कभी वो कुछ ख़ास चीजों को करे। दूसरे शब्दों में कहा जाए तो हर व्यक्ति अपने जीवन में कुछ
कडले काई परिशे : हर शेप और साइज की मूंगफलियां लिए है बैंगलोर का ये मेला
आसमान से गिरता हुआ कोहरा, चारों ओर फैली धुंध और हाथ में मूंग फली का पैकेट। जाड़े में मूंगफलियों को खाने का अपना एक अलग ही मज़ा है। मूंगफली जिसे गरीबों का बादाम कहा जाता है, प्रोटीन से भरा हुआ फल
अपने अंदर बसे एडवेंचर गोड को खुश करने के लिए उसे कराइये स्पीति की सैर
ये मानव व्यवहार है कि वो कुछ अलग करे और अपने जानने वालों के बीच अपनी एक ख़ास धाक जमाये। सबसे अलग और सबसे अनूठा करने के लिए आज हर एक व्यक्ति के पास बहुत सारे विकल्प हैं लेकिन इन सभी
अद्भुत आध्यात्मिक अनुभव देता है चूहों को समर्पित करणी माता मंदिर
हम आपको अपने पिछले कई लेखों के माध्यम से बता चुके हैं कि भारत मंदिरों का देश है। यहां के जैसे मंदिर दुनिया के किसी भी कोने में नहीं हैं। साथ ही हमने आपको ये भी बताया था कि आज जब
चाहे इंदिरा गांधी की खून से सनी साड़ी हो या फिर बापू का चरखा, सब मिलता है इस दिल्ली में
यूं तो भारत की यात्रा अपने आप में एक अनोखा अनुभव है और जब आप और इसकी राजधानी दिल्ली की सैर पर हों तो फिर आपकी यात्रा आपके लिए एक अमिट संस्मरण साबित होगी। भारत के सबसे बडे शहरों में से
बॉलीवुड के वो झरने जिनमें भीगने के बाद हीरोइन लगी और भी हॉट
शूटिंग,जैसे ही ये नाम दिमाग में आता है तो ढ़ेर सारे कैमरे, हीरो हीरोइन, कुर्सी पर बैठा डायरेक्टर, भागा दौड़ी करता प्रोड्यूसर, हीरो से ऑटोग्राफ लेती सुन्दर लडकियां जैसी कई सारी बातें खुद-ब-खुद आपके...
जैसे चाय बिन जीवन अधूरा वैसे ही बिन टॉय ट्रेन के दार्जिलिंग की यात्रा अधूरी
यदि आप चाय की प्याली के शौक़ीन हैं तो आपने ज़रूर ही दार्जिलिंग का नाम सुना होगा। आज अगर हम भारत के सबसे बड़े चाय निर्यातक की बात करें तो ये कहना बिलकुल भी अतिश्योक्ति न होगी कि उच्च गुणवत्ता वाली
क्रिसमस,न्यू ईयर में फन पार्टी और मौज मस्ती के दीवानों की काशी और मक्का है गोवा
क्रिसमस फिर न्यू ईयर ऊपर से बच्चों की जाड़े की छुट्टियां, पत्नी का मन है नैनीताल या शिमला में बर्फ़बारी देखने का, बच्चें तो बस एक ही धुन लगाये बैठे हैं "गोवा, सिर्फ गोवा जाना है।"अब ऐसे में कंफ्यूजन...
जानिये कहां कहां हैं नीलकंठ,भगवान शिव को समर्पित ज्योतिर्लिंग
जानें कहां कहां है 'मां दुर्गा' के अलग अलग मंदिर भारत में कुछ मंदिर ऐसे हैं, जो भगवान शिव को समर्पित हैं और इसे ज्योतिर्लिंग कहते हैं। पूरे भारत में कुल 12 ज्योतिर्लिंग हैं और इसे पूरे विश्व में
एक कुशल शासक होने के अलावा चोल राजवंश का आर्किटेक्चर भी था बेहतरीन
चोल राजवंश, भारत का वो राजवंश जिनके राजाओं को "सूर्य पुत्र" कहा जाता है। इस राजवंश ने अपने शुरूआती दौर से ही इतिहास के जानकारों और उसमें रूचि रखने वालों को अपनी तरफ आकर्षित किया है। अतः भारत में ये...
कालों के काल, महाकाल जहां करते हैं निवास जाने उस उज्जैन को
भूल और त्रुटियां करना और उसके बाद क्षमा मांगना मानव का स्वाभाव है। विश्व के प्राचीनतम धर्म कहे जाने वाले हिन्दू धर्म के अनुसार, यदि आपको आपने द्वारा किये गए पापों का प्रायश्चित करना हो या फिर इस...
लड़की की खूबसूरती पड़ी गांव को महंगी, उजड़ गया पूरा गाँव और बन गया हॉन्टेड
एक ओर जहां भारत अपनी विविधता और संस्कृति के कारण दुनिया भर में अपनी साख जामये हुए हैं तो वहीं दूसरी तरफ इसके दामन में कई महत्त्वपूर्ण राज भी दबे पड़े हैं। भारत की झोली में दफ़न ये राज कहीं बड़े
ट्रेवल टाइम में इन बातों को अपनाइये और हो जाइये टेंशन फ्री
भले ही आप नियमित सफर करते हों या नहीं, पर कई बार सफर काफी तनावपूर्ण हो जाता है। सफर में सामान, बोर्डिंग, कार्यक्रम और ट्रांसपोर्टेशन का खास महत्व होता है। अगर इन चीजों में आपसे गड़बड़ी हुई तो आपका...
सफर के दौरान रखें इन छोटी छोटी मगर महत्त्वपूर्ण बातों का ख्याल
सफर के दौरान तो गलतियां होती ही हैं। कई बार हम अति उत्साह में कुछ गलतियां कर जाते हैं, वहीं कई बार कम अनुभव के कारण भी हमसे गलतियां हो जाती है। चाहे आप अपने होमटाउन जा रहे हों या फिर
कामाख्या मंदिर: देवी के मासिक धर्म के रक्त से यहां लाल हो जाती है ब्रह्मपुत्र नदी
बेहद खूबसूरत और अपनी एक अलग संस्कृति लिए हुए पूर्वोत्तर भारत का प्रवेश द्वार गुवाहाटी असम का सबसे बड़ा शहर है। ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे पर स्थित यह शहर प्राकृतिक सुंदरता से ओत-प्रोत है। ...
सत्य के मार्ग से होते हुए अहिंसा पर चलने का पाठ पढ़ाते हैं भारत के ये बौद्ध मठ
दुनिया का चौथा सबसे बड़ा धर्म बुद्धिज़्म या बौद्ध धर्म, भारत की श्रमण परम्परा से निकला धर्म और दर्शन है। अगर ऐतिहासिक साक्ष्यों की माने तो इस धर्म की जड़ें 483 ईसा पूर्व से 563 ईसा पूर्व के मध्य मिलती...
खजुराहो, जहां कामदेव भी आकर कह दें, वाह ये तो कमाल हो गया!
चाहे प्राचीन भारतीय इतिहास की किताबें हों या वात्स्यायन का कामसूत्र आपने खजुराहो का नाम कहीं न कहीं ज़रूर सुना होगा और फिर जैसे ही आप इस नाम की कल्पना करते होंगे तो जो सबसे पहली चीज आपके दिमाग में आती
हैवलॉक जो भगाए आपका डर और जगाये अंदर के एडवेंचर गॉड को
दूर तक फैला कहीं हरा तो कहीं नीला समुन्द्र, सफ़ेद संगमरमरी रेत, चहचहाती हुई पक्षियों की आवाज़, ठंडी हवा के झौंके, नारियल और पाम के पेड़ डाइनिंग टेबल पर सजा लज़ीज़ सी-फ़ूड और परिवार का साथ, समझिये हो गया...