असम में भारी मानसूनी बारिश की वजह से नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे (NFR) को अपनी ट्रेन सेवाओं में बदलाव करना पड़ा है। अर्चीपाथर-सिमेन चपोरी कॉरिडोर के पास ट्रैक की सुरक्षा को देखते हुए आज ये इमरजेंसी फैसले लिए गए हैं। मुरकोंगसेलेक और सिलापाथर के बीच चलने वाली कई ट्रेनें अब बीच में ही रोक दी जाएंगी (शॉर्ट-टर्मिनेट)। यात्री तुरंत अपना शेड्यूल चेक कर लें ताकि उन्हें किसी अनजान स्टेशन पर परेशान न होना पड़े।
ट्रेनों की आवाजाही पर यह असर 29 जून से 1 जुलाई तक रहेगा। जो ट्रेनें पहले मुरकोंगसेलेक से शुरू होनी थीं, वे अब सिलापाथर से चलेंगी। इस बदलाव से नॉर्थ लखीमपुर रूट के डेली पैसेंजर्स और लंबी दूरी के यात्रियों को दिक्कत हो सकती है। रेलवे अधिकारी लगातार जलस्तर पर नजर रख रहे हैं ताकि सफर सुरक्षित रहे। घर से निकलने से पहले ट्रैक की स्थिति और लेटेस्ट अपडेट्स जरूर देख लें।

असम में बारिश का कहर: NFR की ट्रेन सेवाएं प्रभावित, मुरकोंगसेलेक रूट पर बड़ा बदलाव
यात्रियों की मदद के लिए धेमाजी, सिलापाथर और मुरकोंगसेलेक स्टेशनों पर हेल्प डेस्क एक्टिव कर दिए गए हैं। यहां मौजूद स्टाफ यात्रियों को ट्रेनों की जानकारी और सफर के दूसरे विकल्पों के बारे में गाइड कर रहा है। कुछ स्टेशनों पर ट्रैक पर पानी भरने की वजह से यात्रियों के लिए लोकल बस शटल की सुविधा भी दी जा सकती है। रियल-टाइम अपडेट के लिए नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम (NTES) का इस्तेमाल करें, जिससे आप अपनी यात्रा को आसानी से प्लान कर सकें।
अगर आपकी ट्रेन कैंसिल या शॉर्ट-टर्मिनेट हुई है, तो रिफंड के नियम जान लेना जरूरी है। पूरी तरह कैंसिल हुई ट्रेनों का रिफंड IRCTC खुद ऑटोमैटिक तरीके से वापस कर देगा। वहीं, आंशिक रूप से कैंसिल (पार्शियल कैंसिलेशन) होने पर यात्रियों को ऑनलाइन टिकट डिपॉजिट रिसीट (TDR) फाइल करना होगा। अगर आप किसी नए स्टेशन से ट्रेन पकड़ रहे हैं, तो अपना PNR स्टेटस जरूर चेक कर लें ताकि सफर के दौरान टिकट चेकिंग में कोई समस्या न आए।
| ट्रेन सेक्टर | असर का प्रकार | प्रभावी तारीखें |
|---|---|---|
| मुरकोंगसेलेक से सिलापाथर | शॉर्ट-टर्मिनेटेड | 29 जून – 1 जुलाई |
| सिलापाथर से मुरकोंगसेलेक | शॉर्ट-ओरिजनेटेड | 29 जून – 1 जुलाई |
इलाके में चल रहे नए रेलवे प्रोजेक्ट्स और लॉन्च पर भी नजर रखी जा रही है। अक्सर भारी बारिश की वजह से सुरक्षा कारणों से रूट में बदलाव करना पड़ता है। सुरक्षित सफर के लिए जरूरी है कि आप केवल आधिकारिक और सटीक जानकारी पर ही भरोसा करें। ट्रैक की स्थिति जानने के लिए रेलवे के सोशल मीडिया हैंडल सबसे तेज माध्यम हैं। सही जानकारी होने पर आप मानसून के इस मौसम में बेवजह के तनाव से बच सकते हैं।
मानसून में सफर के दौरान एक्स्ट्रा तैयारी रखें क्योंकि मौसम कभी भी बदल सकता है। अपने साथ वाटरप्रूफ बैग कवर और पावर बैंक जैसी जरूरी चीजें जरूर रखें। बारिश की वजह से होने वाली देरी को ध्यान में रखते हुए अपने आगे के सफर के प्लान को थोड़ा फ्लेक्सिबल रखें। किसी भी जरूरी पूछताछ के लिए रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर कॉल करें। इस सीजन में रेलवे के लिए यात्रियों की सुरक्षा ही सबसे बड़ी प्राथमिकता है।



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