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वाराणसी में कब से खुलेगा देश का पहला शहरी Ropeway? क्या होगा रूट और किराया!

वाराणसी में रहने वाले और वहां घूमने जाने वाले पर्यटकों के लिए बड़ी खुशखबरी! मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो वाराणसी का रोपवे प्रोजेक्ट (Ropeway Project) तेजी से तैयार हो रहा है और इतना ही नहीं...बस कुछ महीनों के इंतजार के बाद ही इसका पहला चरण तैयार हो जाएगा।

वाराणसी में बन रहा रोपवे परियोजना भारत का पहला शहरी (Urban) रोपवे परियोजना है, जिसे नेशनल रोपवे डेवलपमेंट प्रोग्राम 'पर्वतमाला परियोजना' के तहत बनाया जा रहा है।

varanasi ropeway project

कब खुलेगा रोपवे

The Economic Times की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस रोपवे परियोजना का पहले चरण का एक हिस्सा अगस्त 2024 तक पूरा होने की संभावना है। हालांकि रोपवे परियोजना का संपूर्ण पहला चरण मई 2025 तक पूरा होने की उम्मीद जतायी गयी है। बताया जाता है कि अगस्त 2024 में वाराणसी रोपवे के पहले चरण के जिस हिस्से को आम लोगों के लिए खोला जाएगा, वह वाराणसी कैंटोंनमेंट स्टेशन को रथयात्रा से जोड़ेगा।

रोपवे के सम्पूर्ण पहले चरण के निर्माण में आनुमानिक ₹645 करोड़ की लागत आने की संभावना है। काशी में रोपवे का निर्माण वाराणसी कैंटोंमेंट को शहर के दक्षिणी और पश्चिमी हिस्सों से जोड़ने के लिए किया जा रहा है।

कितना होगा किराया और रूट?

इस रोपवे के माध्यम से यात्री वाराणसी कैंटोंनमेंट क्षेत्र से काशी विद्यापीठ (भारतमाता मंदिर), रथयात्रा, गिरजा घर, गोदौलिया चौक तक की यात्रा आसानी से कर सकेंगे। रोपवे के माध्यम से 4.5 किमी की एरियल दूरी को तय करने में यात्रियों को महज 15 मिनट का समय लगेगा। रोपवे की सवारी के लिए यात्रियों को कितना किराया चुकाना पड़ेगा, इस बारे में अभी तक कोई खुलासा नहीं किया गया है। बताया जाता है कि रोपवे निर्माण का काम पूरा होने के बाद ही इस बाबत कोई जानकारी दी जाएगी।

cable car project varanasi

लागत और अनुदान

मिली जानकारी के अनुसार रोपवे की पायलट परियोजना के लिए करीब ₹424 करोड़ की लागत आने वाली है। इसे राज्य सरकार और केंद्र सरकार 80:20 की औसत भागीदारी से पूरा करेगी। बताया जाता है कि जुलाई के अंत तक रोपवे परियोजना के गंडोला का ट्रायल रन शुरू किया जाएगा। वहीं नवंबर-दिसंबर तक यात्रियों के लिए रोपवे परियोजना के पहले चरण के इस हिस्से को खोल दिया जाएगा। बाद में धीरे-धीरे पूरे प्रथम चरण पर यात्री सेवाएं शुरू की जाएंगी।

बता दें, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में मार्च 2023 में 3.75 किमी लंबे रोपवे का शिलान्यास किया था। यह वाराणसी कैंट स्टेशन को गोदौलिया से via 5 स्टेशन जोड़ेगा। यह भारत में पहला शहरी केबल कार परियोजना है, जिसमें 150 गंडोला का इस्तेमाल किया जाएगा। प्रत्येक केबल कार (गंडोला) में 10 यात्री सवार हो सकेंगे और प्रति घंटा अधिकतम 6000 यात्री इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।

इस केबल कार परियोजना (रोपवे) के शुरू हो जाने के बाद वाराणसी से गोदौलिया क्षेत्र में आवाजाही में लगने वाला कुल समय घटकर 15-16 मिनट पर पहुंच जाएगा, जो वर्तमान में लगने वाले समय का आधा से भी कम है। हर 3-4 मिनट के अंतराल पर यात्रियों के लिए हर स्टेशन पर गंडोला उपलब्ध होगा।

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