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भारतीय रेलवे में नए युग की शुरुआत: 'नमो ग्रीन रेल' का हुआ आगाज, जानें क्या है खास

भारतीय रेलवे के लिए आज का दिन एक नए युग की शुरुआत लेकर आया है। 'नमो ग्रीन रेल' (NaMo Green Rail) के लॉन्च के साथ ही देश में हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेनों का दौर शुरू हो गया है। हरियाणा के जींद-सोनीपत रूट पर इस ट्रेन का पहला पायलट रन शुरू किया गया। यह कदम भारतीय रेलवे को जीरो-कार्बन ट्रांसपोर्ट की ओर ले जाने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है। यह ट्रेन फ्यूल सेल्स की मदद से हाइड्रोजन को क्लीन इलेक्ट्रिकल एनर्जी में बदलकर चलती है। इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य कई ब्रांच लाइनों पर चल रहे पुराने डीजल इंजनों को हटाना है।

उत्तर रेलवे ने जींद जंक्शन पर एक खास हाइड्रोजन रिफ्यूलिंग स्टेशन भी तैयार किया है। यह आधुनिक सेंटर हरियाणा में होने वाले रोजाना के ट्रायल रन के लिए जरूरी ईंधन की सप्लाई करेगा। हाइड्रोजन ट्रेनें सफर के दौरान धुएं की जगह सिर्फ पानी की भाप और गर्मी छोड़ती हैं। इस तकनीक की वजह से यात्रियों को शोर-शराबे से मुक्ति मिलेगी और प्रदूषण मुक्त सफर का अनुभव होगा। यह नेशनल ग्रीन एनर्जी मिशन की दिशा में एक बेहद अहम कदम है।

NaMo Green Rail Launch: India's First Hydrogen Train Starts Pilot Run on Jind-Sonipat Route 2026

जींद-सोनीपत रूट के स्टॉपेज और नमो ग्रीन रेल का शेड्यूल

अपनी पहली यात्रा के दौरान यह ट्रेन कुल आठ प्रमुख स्टेशनों को कवर करेगी। इस व्यस्त रेल खंड पर बिशनपुरा, पंजोखरा और गोहाना जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों पर ट्रेन का ठहराव होगा। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि पायलट ऑपरेशन के दौरान मानसून की भारी बारिश के बीच ट्रेन की सुरक्षा को परखा जाएगा। इस टेस्टिंग फेज से इंजीनियरों को फ्यूल सेल की कार्यक्षमता समझने में मदद मिलेगी। यहां से मिलने वाले डेटा के आधार पर ही भविष्य में संवेदनशील पहाड़ी रास्तों पर ऐसी ट्रेनों का विस्तार किया जाएगा।

खासियत स्थान या स्टेटस
शुरुआती स्टेशन जींद जंक्शन
गंतव्य स्टेशन सोनीपत स्टेशन
ऑपरेशनल स्टेटस पायलट रन फेज
कुल स्टॉपेज 8 इंटरमीडिएट स्टॉप

नमो ग्रीन रेल की टिकट बुकिंग और IRCTC की सेफ्टी गाइडलाइंस

इस ग्रीन एनर्जी पहल से जुड़ी ताजा जानकारी के लिए यात्री IRCTC की वेबसाइट चेक कर सकते हैं। फिलहाल पायलट फेज के दौरान ट्रेन में केवल तकनीकी स्टाफ और आमंत्रित मेहमानों को ही जाने की अनुमति है। इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) जल्द ही आम जनता के लिए बुकिंग शुरू करेगा। नियमित यात्रियों को अभी रेल सुरक्षा आयुक्त से फाइनल क्लीयरेंस मिलने का इंतजार करना होगा। भविष्य में इन ट्रेनों के लिए 'कार्बन-न्यूट्रल ट्रैवल' जैसी विशेष कैटेगरी की टिकटें भी जारी की जा सकती हैं।

हाइड्रोजन स्टोरेज डिपो के पास सुरक्षा के कड़े नियम लागू किए गए हैं। सुरक्षा के मद्देनजर हाई-प्रेशर यूनिट्स के पास फोटोग्राफी करना पूरी तरह प्रतिबंधित है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे स्टेशन परिसर के आसपास कोई भी ज्वलनशील पदार्थ लेकर न आएं। यह ऐतिहासिक प्रोजेक्ट साबित करता है कि भारत सस्टेनेबल ट्रांसपोर्ट के मामले में दुनिया का नेतृत्व करने के लिए तैयार है। दक्षिण एशिया में आधुनिक रेल तकनीक के लिए इसने एक नया पैमाना सेट कर दिया है।

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