पुरी रथ यात्रा के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए भारतीय रेलवे 300 से ज्यादा स्पेशल ट्रेनें चलाने जा रहा है। इस बड़े ऑपरेशन का मकसद उत्सव के खास दिनों में उमड़ने वाले लाखों भक्तों के सफर को आसान बनाना है। ज्यादातर ट्रेनें 14 से 16 जुलाई के बीच चलेंगी, जो इस उत्सव का मुख्य समय है। रेलवे की इस तैयारी से दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों से ओडिशा जाने वाले श्रद्धालुओं को काफी सहूलियत मिलेगी।
इन स्पेशल ट्रेनों के लिए कोलकाता, हावड़ा और भुवनेश्वर जैसे शहरों से खास रूट तैयार किए गए हैं। इसके अलावा विशाखापत्तनम, रायपुर और नागपुर से भी ट्रेनें संचालित की जाएंगी। मध्य भारत के यात्रियों के लिए गोंदिया से पुरी का रूट बेहद अहम कड़ी साबित होगा। ये ट्रेनें महाराष्ट्र और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों से आने वाले यात्रियों की भारी मांग को पूरा करेंगी। यात्री ट्रेनों के सटीक समय और शेड्यूल के लिए नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम (NTES) की मदद ले सकते हैं, जहां सभी फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनों की रियल-टाइम जानकारी उपलब्ध है।

पुरी रथ यात्रा स्पेशल ट्रेन: बुकिंग और जरूरी जानकारी
अगर आप इन स्पेशल ट्रेनों में सफर करना चाहते हैं, तो रेलवे के आधिकारिक प्लेटफॉर्म पर जाकर तुरंत बुकिंग कर लें। लेटेस्ट ट्रेन स्टेटस जानने के लिए NTES का इस्तेमाल करना सबसे बेहतर रहेगा। ध्यान रहे कि इन सीजनल हॉलिडे ट्रेनों के लिए स्पेशल किराया नियम लागू हो सकते हैं। वहीं, जनरल टिकट (Unreserved) पर यात्रा करने वालों के लिए 'UTS ऐप' सबसे अच्छा विकल्प है। इस डिजिटल तरीके को अपनाकर आप स्टेशन पर लगने वाली लंबी लाइनों से बच सकते हैं, जिससे न सिर्फ समय बचेगा बल्कि आप भीड़भाड़ से भी दूर रहेंगे।
| शुरुआती क्षेत्र | प्रमुख स्टेशन | सर्विस का प्रकार |
|---|---|---|
| पश्चिम बंगाल | हावड़ा जंक्शन | एक्सप्रेस स्पेशल |
| मध्य भारत | गोंदिया / नागपुर | फेस्टिवल स्पेशल |
| आंध्र प्रदेश | विशाखापत्तनम | इंटरसिटी स्पेशल |
| पश्चिमी ओडिशा | संबलपुर / राउरकेला | पैसेंजर स्पेशल |
पुरी स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए खास इंतजाम किए गए हैं, जहां 30,000 लोगों की क्षमता वाले अस्थाई होल्डिंग जोन बनाए गए हैं। स्टेशन पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए एग्जिट गेट और शटल फ्लो का बेहतर तालमेल बिठाया गया है। इसके साथ ही, रेलवे ने आगामी ओणम त्योहार के लिए भी 100 स्पेशल ट्रेनों की घोषणा की है। यह कदम दिखाता है कि रेलवे अब त्योहारों के सीजन में यात्रियों की बढ़ती संख्या को लेकर काफी गंभीर है। इन प्रयासों का मुख्य उद्देश्य यात्रा को सुरक्षित बनाना और स्टेशनों पर होने वाले हादसों को रोकना है।
रथ यात्रा के बाद वापसी के लिए 17 से 20 जुलाई के बीच सबसे ज्यादा भीड़ रहने की उम्मीद है। स्टेशन पर भारी भीड़भाड़ से बचने के लिए यात्री अपनी वापसी की यात्रा को थोड़ा आगे-पीछे प्लान कर सकते हैं। साथ ही, यात्रा में किसी भी बदलाव की स्थिति को देखते हुए रिफंडेबल होटल बुकिंग करना एक समझदारी भरा फैसला होगा। सही प्लानिंग के साथ आप बिना किसी मानसिक तनाव के अपनी इस आध्यात्मिक यात्रा का आनंद ले सकते हैं। श्रद्धालुओं की मदद के लिए भारतीय रेलवे लगातार रियल-टाइम अपडेट जारी कर रहा है, इसलिए आधिकारिक घोषणाओं पर नजर जरूर रखें।



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