गुवाहाटी के प्रसिद्ध कामाख्या मंदिर में कल से सालाना अंबुबाची मेला शुरू हो रहा है। धरती की उर्वरता के उत्सव के रूप में मनाए जाने वाले इस आध्यात्मिक आयोजन में देशभर से लाखों श्रद्धालु जुटते हैं। मानसून के दौरान होने वाला यह मेला आधिकारिक तौर पर 22 जून से 26 जून तक चलेगा। अगर आप भी यहां जाने का मन बना रहे हैं, तो अचानक होने वाली बारिश और ट्रैफिक में बदलाव के लिए तैयार रहें। इस गाइड की मदद से आप खाने-पीने और ठहरने के सस्ते विकल्प आसानी से तलाश पाएंगे।
नीलाचल पहाड़ी के पास स्थित विभिन्न अन्न-क्षेत्रों में हर दिन मुफ्त भोग बांटा जाएगा। स्थानीय प्रशासन ने इसके लिए अदाबारी और पांडु कैंपों में खास जोन बनाए हैं। श्रद्धालुओं के लिए भोग का समय आमतौर पर दोपहर से शुरू होकर देर दोपहर तक रहता है। भीड़ को देखते हुए सलाह दी जाती है कि आप समय से थोड़ा पहले पहुंचें, ताकि आप सुरक्षित तरीके से दर्शन कर सकें और प्रसाद ग्रहण कर सकें। जल्दी पहुंचने से आपको बैठने के लिए सही जगह भी मिल जाएगी।

अंबुबाची मेला: भोग की टाइमिंग और गुवाहाटी का मशहूर स्ट्रीट फूड
नीलाचल पहाड़ी की यात्रा के दौरान असमिया स्ट्रीट फूड का स्वाद लेना बिल्कुल न भूलें। मंदिर के पास लगने वाले स्टॉल्स पर आप यहां की मशहूर 'घुघनी' या पारंपरिक 'जोलपान' ट्राई कर सकते हैं। वहीं, मालीगांव इलाके में कई वेंडर्स 'मासोर टेंगा' और ऑथेंटिक असमिया थाली परोसते हैं। ये डिशेज न केवल किफायती हैं, बल्कि आपको असम की संस्कृति का असली जायका भी देंगी। इन स्थानीय व्यंजनों के जरिए आप असम की परंपराओं को करीब से महसूस कर पाएंगे।
गुवाहाटी में ठहरने के सस्ते विकल्प और सेहत का रखें ख्याल
बजट ट्रैवलर्स के लिए पलटन बाजार या अदाबारी इलाके में सस्ते लॉज और होटल उपलब्ध हैं। इन जगहों से पब्लिक ट्रांसपोर्ट के जरिए मंदिर पहुंचना काफी आसान है। चूंकि अभी मानसून का मौसम है, इसलिए स्वास्थ्य अधिकारियों ने कैंपों में केवल उबला हुआ या फिल्टर किया हुआ पानी पीने की सलाह दी है। यह सावधानी आपको मौसमी बीमारियों से बचाएगी और आपकी तीर्थयात्रा को सुखद बनाए रखेगी। साफ पानी और सही खान-पान आपकी सेहत के लिए जरूरी है।
| कैटेगरी | सर्विस की जानकारी | सुझाई गई जगह |
|---|---|---|
| मुफ्त भोग | दोपहर 12:00 बजे से 3:00 बजे तक | पांडु और अदाबारी |
| लोकल चाय-नाश्ता | पारंपरिक जोलपान और स्नैक्स | नीलाचल पहाड़ी (नीचे की ओर) |
| बजट स्टे | ₹500 से ₹1200 प्रति रात | पलटन बाजार |
कामरूप मेट्रो प्रशासन ने डीजी रोड (DG Road) पर ट्रैफिक को लेकर सख्त नियम लागू किए हैं। नीलाचल पहाड़ी के एंट्री गेट के पास प्राइवेट गाड़ियों की आवाजाही पर पाबंदी हो सकती है। पार्किंग की झंझट से बचने के लिए आप प्रशासन द्वारा चलाई जा रही शटल बसों का इस्तेमाल कर सकते हैं। अपनी यात्रा प्लान करने से पहले मौसम का अपडेट जरूर देख लें, ताकि आप भारी भीड़ और बारिश के बीच परेशान न हों। पहले से की गई प्लानिंग आपको भीड़भाड़ से बचने में मदद करेगी।
इन जरूरी बातों का ध्यान रखकर आप इस बड़े धार्मिक आयोजन का हिस्सा बन सकते हैं और अपनी यात्रा को सुगम बना सकते हैं। इस हफ्ते असम की अनूठी संस्कृति, खान-पान और यहां की मेहमाननवाजी का आनंद लें। सही प्लानिंग के साथ आप कामाख्या मंदिर की आध्यात्मिक ऊर्जा पर बेहतर ढंग से ध्यान केंद्रित कर पाएंगे। स्थानीय गाइडलाइंस का पालन करें और अपनी इस यात्रा को सुरक्षित व यादगार बनाएं।



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